भारत के महान क्रिकेटर कपिल देव का मानना है कि विश्व कप (T20 World Cup 2025) के लिए उतरने से पहले राष्ट्रीय टीम टी20 क्रिकेट में सबसे मजबूत दावेदारों में से एक बनी हुई है, लेकिन उन्होंने जोर दिया कि टेस्ट क्रिकेट को इस खेल की नींव बनाए रखना चाहिए. भारत की तैयारी पर बात करते हुए कपिल ने कहा कि जहां सबसे छोटा प्रारूप लोकप्रिय हुआ है, तो वहीं खेल की बेहतर सेहत सुनिश्चित करने के लिए लंबे प्रारूप पर भी उतना ही ध्यान देना चाहिए. विश्व कप 1983 में भारत की खिताबी जीत के दौरान टीम के कप्तान रहे कपिल ने कहा, ‘मुझे लगता है कि इसे देखने के दो तरीके हैं. टी20 क्रिकेट में बेशक हमारी टीम सबसे अच्छी टीम में से एक है, लेकिन आपका दिन कभी भी खराब हो सकता है. मगर अगर आप क्रिकेट की बात कर रहे हैं तो आपको टेस्ट क्रिकेट की बात करनी होगी.' उन्होंने कहा, ‘एकदिवसीय क्रिकेट को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. मैं समझता हूं कि टी20 क्रिकेट रोमांचक है, लेकिन खेल का आधार टेस्ट क्रिकेट है और हमें इसके साथ एकदिनी क्रिकेट में भी अधिक समय निवेश करना चाहिए.' चिर प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान 15 फरवरी को कोलंबो में ग्रुप ए में भिड़ेंगे.
क्या दोनों प्रतिद्वंद्वी टीम को राजनीतिक तनाव को देखते हुए क्या आपस में खेलना चाहिए, पर कपिल ने कहा कि ऐसे फैसले अधिकारियों पर छोड़ देना ही बेहतर है और उन्होंने देश के रुख का समर्थन किया. कपिल ने कहा,‘मेरे जैसे लोगों के लिए इस पर बयान देना सही नहीं है. यह सरकार का फैसला है या क्रिकेट बोर्ड का. वे जो भी फैसला लेंगे मैं उस पर कायम रहूंगा क्योंकि मैं अपने देश के साथ खड़ा रहना पसंद करता हूं और बिना सोचे-समझे बयान नहीं देना चाहता.' उन्होंने कहा, ‘सीमा के आर-पार के कई क्रिकेटर ऐसा करना पसंद करते हैं, लेकिन मैं नहीं. मैं अपने देश के साथ खड़ा रहना चुनता हूं और उनकी जो भी नीति है मैं उनके साथ हूं.'
क्या हाल ही में न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला गंवाने के बाद अलग-अलग प्रारूप के लिए अलग कोच की जरूरत है? इस सवाल पर कपिल ने कहा कि पुराने खिलाड़ियों का इस पर दखल देना सही नहीं होगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे फैसले बोर्ड के ‘थिंक टैंक' पर छोड़ देने चाहिए. कपिल ने कहा, ‘मुझे लगता है कि मेरे लिए इस तरह का जवाब देना सही नहीं है. जो भी फैसला लिया जाए उसका सबसे अच्छा नतीजा निकलना चाहिए. जो लोग वहां बैठकर टेस्ट क्रिकेट, एकदिवसीय क्रिकेट और टी20 के बारे में फैसले ले रहे हैं, यह उनका काम है.'
उन्होंने कहा, ‘हम जैसे लोगों के लिए अचानक बयान देना बहुत आसान है लेकिन मुझे ऐसा करना पसंद नहीं है. यह क्रिकेट बोर्ड और उसके थिंक टैंक की जिम्मेदारी है.' पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, ‘अगर तीन कोच चाहिए तो उन्हें तीन कोच नियुक्त करने चाहिए. अगर दो चाहिए तो दो कोच नियुक्त करें. अगर एक कोच काफी अच्छा है तो वह भी ठीक है. यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि थिंक टैंक क्या फैसला करता है.'
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