Gold Silver Price Today February 1, 2026 in India : आज देश का सबसे अहम दिन है. आज, 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट 2026 पेश करने जा रही हैं. सोने-चांदी की कीमत में बजट से ठीक पहले ऐसी गिरावट आई है कि हर कोई हैरान है. आम लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या बजट में सोने को लेकर कोई बड़ा ऐलान होने वाला है. क्या टैक्स बदलेगा. क्या इंपोर्ट ड्यूटी घटेगी. और क्या सोना आगे और सस्ता हो सकता है.
अगर आप सोना या चांदी खरीदने का प्लान बना रहे थे या पहले से निवेश कर चुके हैं तो यह खबर आपके लिए जरूरी है.बजट 2026 से ठीक पहले सर्राफा बाजार में ऐसी हलचल देखी गई है जैसी बीते कई दशकों में नहीं देखी गई. एक ही दिन में सोना और चांदी इतनी तेजी से गिरे कि निवेशक और आम खरीदार दोनों चौंक गए. लोग यही सोच रहे हैं कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ और अब आगे क्या होने वाला है.
MCX पर सोने और चांदी में जोरदार गिरावट
शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई. MCX गोल्ड फ्यूचर 12 प्रतिशत टूटकर ₹1,49,075 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. पिछले कारोबारी दिन सोने का भाव ₹1,69,403 प्रति 10 ग्राम था यानी एक ही दिन में ₹20,328 की गिरावट आई.
वहीं चांदी ने तो निवेशकों को और बड़ा झटका दिया. MCX पर सिल्वर की कीमत 27 प्रतिशत टूट गई और ₹2,91,922 प्रति किलो पर बंद हुई. इससे पहले चांदी ₹3,99,893 प्रति किलो के स्तर पर थी यानी एक दिन में ₹1 लाख से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. MCX गोल्ड ₹1,67,899 प्रति 10 ग्राम पर खुला था जबकि सिल्वर ₹3,83,898 प्रति किलो पर ओपन हुई. लेकिन दिन बढ़ने के साथ बिकवाली तेज होती चली गई और बाजार बंद होते होते दाम धड़ाम हो गए.
आज बजट के दिन खुला रहेगा MCX
आमतौर पर शनिवार और रविवार को MCX बंद रहते हैं लेकिन बजट 2026 के चलते इस बार खास व्यवस्था की गई है. 1 फरवरी रविवार को MCX में ट्रेडिंग होगी. एक्सचेंज ने साफ किया है कि बजट के दिन सुबह से कमोडिटी मार्केट खुला रहेगा ताकि निवेशक बजट के असर को लाइव देख सकें.इसका मतलब यह है कि बजट के ऐलान के दौरान सोना चांदी ही नहीं बल्कि दूसरी कमोडिटी में भी ट्रेड किया जा सकेगा.
इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट क्यों आई?
सोने और चांदी में यह बड़ी गिरावट सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही. इंटरनेशनल मार्केट में भी भारी बिकवाली देखी गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका में डॉलर मजबूत हुआ है. इसकी वजह यह खबर बनी कि डोनाल्ड ट्रंप सरकार फेडरल रिजर्व के चेयरमैन पद के लिए केविन वार्श को नामित करने की तैयारी कर रही है. बाद में इस खबर की पुष्टि भी हो गई.
डॉलर मजबूत होते ही दुनियाभर में सोने और चांदी से पैसा निकलने लगा और इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा.
इंटरनेशनल मार्केट में भी भारी क्रैश
विदेशी बाजार में सोने की कीमत 12 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 5,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गई. यह गिरावट 1980 के बाद सबसे बड़ी मानी जा रही है. न्यूयॉर्क में स्पॉट गोल्ड 8.9 प्रतिशत गिरकर 4,894.23 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ.
चांदी की हालत और खराब रही. सिल्वर की कीमत एक दिन में 36 प्रतिशत तक टूट गई जो अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है. इंटरनेशनल मार्केट में चांदी 26 प्रतिशत गिरकर 85.20 डॉलर प्रति औंस पर आ गई.
पिछले एक साल में सोना चांदी ने दिया जबरदस्त रिटर्न
हाल की गिरावट के बावजूद अगर पिछले एक साल की तस्वीर देखें तो निवेशकों को शानदार फायदा हुआ है. बजट 2025 के दिन दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹84,000 प्रति 10 ग्राम था जो अब ₹1.67 लाख के पार पहुंच चुका है. यानी एक साल में सोने ने करीब 100 प्रतिशत का रिटर्न दिया है.
चांदी ने तो रिकॉर्ड ही बना दिया. पिछले साल बजट के समय चांदी ₹99,600 प्रति किलो थी जो इस साल ₹3.47 लाख प्रति किलो के स्तर तक पहुंच गई. यानी करीब 250 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त.
बजट 2026 में गोल्ड पर क्या बदल सकता है?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बजट 2026 में सरकार सोने से जुड़े नियमों में बदलाव कर सकती है. बाजार में चर्चा है कि सरकार ITR में सोने के खुलासे से जुड़े नियमों में कुछ नया कर सकती है. इसके अलावा घर में सोना रखने की लिमिट और टैक्स से जुड़े नियमों पर भी नजर रखी जा रही है.
भारत में घर घर सोना रखा जाता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय परिवारों खासकर महिलाओं के पास करीब 34,600 टन सोना है जिसकी कीमत करीब 6 ट्रिलियन डॉलर यानी ₹500 लाख करोड़ से ज्यादा बताई जाती है. यह रकम भारत की GDP से भी ज्यादा है.
क्या सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी घटेगी?
ज्वेलरी इंडस्ट्री को उम्मीद है कि बजट 2026 में सरकार सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी घटा सकती है. फिलहाल यह ड्यूटी 6 प्रतिशत है जिसे 3 या 4 प्रतिशत तक लाने की उम्मीद जताई जा रही है. अगर ऐसा होता है तो घरेलू बाजार में सोने और चांदी के दाम और नीचे जा सकते हैं और गहनों की मांग बढ़ सकती है.
शादी ब्याह से लेकर बचत और निवेश तक सोना चांदी हर भारतीय परिवार से जुड़ा हुआ है. ऐसे में बजट से पहले आई यह बड़ी गिरावट और सरकार के संभावित फैसले करोड़ों लोगों की जेब पर असर डाल सकते हैं. आने वाले घंटों में बाजार की नजर बजट 2026 पर टिकी रहेगी.
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