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इंजमाम उल हक के भतीजे को बैन करेने की थी तैयारी! तेज गेंदबाजों को खेलने से लगा डर? बनाया चोट का बहाना

इमाम उल हक को इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के दूसरे टेस्ट के दौरान चोट लगी थी, जिसके बाद वह दोनों पारियों में बल्लेबाजी के लिए नहीं आए थे.

इंजमाम उल हक के भतीजे को बैन करेने की थी तैयारी! तेज गेंदबाजों को खेलने से लगा डर? बनाया चोट का बहाना
Pakistan Cricket Borad wanted to ‘ban’ Imam-ul-Haq after 2025 fake injury

लॉर्ड्स टेस्ट के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में सर्जरी का दौर जारी है. पीसीबी ने जहां सात खिलाड़ियों को टीम से रिलीज कर दिया है, तो बोर्ड के निशाने पर कोच भी आए हैं. पाकिस्तान को अब बर्मिंघम में होने वाले सीरीज के तीसरे मैच में वापसी की उम्मीद होगी. बता दें, इंग्लैंड दौरे पर गेंद में हरकत करती गेंदों के खिलाफ पाक बल्लेबाजी की कलई खुलकर सामने आ गई है. अभी तक दोनों टेस्ट में मेहमान टीम 200 का स्कोर पार नहीं कर पाई है. हेडिंग्ल में जहां बाबर आजम एंड कंपनी को पारी की हार का सामना करना पड़ा था.

लॉर्ड्स में उसे 194 रनों से करारी हार मिली थी. ओली रॉबिन्सन ने मेहमान टीम की बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया था. हालांकि, इंग्लैंड को दूसरे टेस्ट में सिर्फ 18 विकेट ही लेने पड़े, क्योंकि इमाम-उल-हक चोट के चलते दोनों पारियों में नहीं खेले थे. हालांकि, स्टुअर्ट ब्रॉड जैसे दिग्गजों ने उनकी चोट पर सवाल उठाए थे. वहीं अब पाकिस्तानी मीडिया में दावा किया गया है कि पीसीबी इमाम-उल-हक की इंजरी की जांच करेगा. 

जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड दूसरे टेस्ट मैच के दौरान इमाम-उल-हक को लगी चोट की जांच करेगा. ऐसा पहली बार नहीं है कि इमाम पर नकली चोटिल होने के आरोप लगे हैं. पिछले साल भी उन्होंने फर्जी चोट का दावा किया था. रिपोर्ट में जिक्र है कि पीसीबी ने एक साल पहले नकली चोट की जांच के बाद उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट से बैन करने पर विचार किया था.

इमाम की चोट को लेकर जारी ताजा विवाद ने मार्च 2025 में पाकिस्तान के न्यूज़ीलैंड दौरे की एक घटना की ओर फिर से ध्यान खींचा है, जब PCB की एक जांच समिति ने कथित तौर पर इमाम को सीरीज़ के दौरान चोट का नाटक करने का दोषी पाया था. यह घटना पिछले साल 28 मार्च को हुई थी, जब इनडोर प्रैक्टिस सेशन के दौरान इमाम के दाहिने पैर के अंगूठे पर एक गेंद लगी थी.

खबरों के मुताबिक, एक्स-रे में फ्रैक्चर या किसी और चोट का कोई सबूत नहीं मिला, लेकिन इमाम को लगातार तेज़ दर्द और अंगूठे का रंग बदलने की शिकायत होती रही. उन्हें चलने-फिरने से भी मना किया गया था, लेकिन सूत्रों ने पाकिस्तानी अखबार को बताया कि वे कथित तौर पर इफ़्तार पार्टी में शामिल होने के लिए लगभग 500 मीटर चले थे.

इससे भी ज़्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि जब टीम के डॉक्टर ने केमिकल वाले पेपर से इमाम के अंगूठे को साफ़ किया, तो वह काला निशान गायब हो गया. रिपोर्ट में इसे "खून का प्राकृतिक निशान नहीं, बल्कि स्याही या मार्कर का निशान" बताया गया. आरोप यहीं खत्म नहीं हुए. खबरों के मुताबिक, टीम के अधिकारियों ने जांच समिति को बताया कि इमाम मेडिकल स्टाफ़ के सामने तो लंगड़ाकर चलते थे, लेकिन जब वे आस-पास नहीं होते थे, तो सामान्य रूप से चलते थे.

इमाम ने इन आरोपों से इनकार किया, लेकिन खबरों के अनुसार पीसीबी समिति को उनका स्पष्टीकरण मेडिकल सबूतों और अन्य जानकारियों से मेल नहीं खाता हुआ लगा.  समिति इस नतीजे पर पहुंची कि इमाम को न्यूजीलैंड में होने वाली वनडे सीरीज के लिए अनफिट घोषित करने का कोई मेडिकल आधार नहीं था. 

समिति ने उन पर "लक्षणों को मनगढ़ंत बताने, बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने या गलत तरीके से दिखाने और मेडिकल स्टाफ़ को गुमराह करने" तथा "जानबूझकर पहले ODI के लिए खुद को अनुपलब्ध दिखाने की कोशिश करने" का भी आरोप लगाया. समिति ने सिफारिश की कि इमाम पर पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने के लिए सभी फ़ॉर्मेट और सभी स्तरों पर प्रतिबंध लगाया जाए.

2025 की यह घटना इकलौती ऐसी घटना नहीं थी जब इमाम की फ़िटनेस पर सवाल उठाए गए हों. इससे पहले पिछले हफ़्ते, पाकिस्तान के पूर्व चयनकर्ता मोहम्मद वसीम ने इस बल्लेबाज़ पर 2022 में घरेलू सीरीज़ के दौरान ऐसी ही एक घटना का आरोप लगाया था.

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