
टीम इंडिया के लिए फिनिशर के रूप में एमएस धोनी का विकल्प खोजना मुश्किल काम रहा है...
नई दिल्ली:
आईपीएल में कप्तान विराट कोहली पूरे सीजन में अपनी टीम का उचित संयोजन तलाशते रह गए और अंत में उनकी टीम प्लेऑफ से ही बाहर हो गई थी. अब वह आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में टीम इंडिया की बागडोर संभालेंगे. आईपीएल की तुलना में वह टीम इंडिया के संयोजन को लेकर अधिक निश्चिंत नजर आ रहे हैं. उनकी बातचीत और हावभाव से ऐसा लग रहा है जैसे वह खिताब का बचाव करने में सफल रहेंगे. टीम के लिए सबसे बड़ी समस्या एमएस धोनी के फिनिशर वाले रोल के लिए विकल्प की तलाश करना था. वास्तव में टीम प्रबंधन इसके लिए लंबे समय से प्रयासरत है. विराट कोहली भी चाहते हैं कि धोनी थोड़ा ऊपर आकर खुलकर बल्लेबाजी करें, तो टीम ज्यादा फायदे में रहेगी, लेकिन उनको फिनिशर नहीं मिल रहा था. अब लग रहा है कि उन्होंने इस रोल के लिए एक नहीं बल्कि दो खिलाड़ी तलाश लिए हैं और धोनी को मनमाफिक खेलने का मौका मिलेगा...
इंग्लैंड पहुंचने के बाद आत्मविश्वास से लबरेज नजर आ रहे विराट कोहली ने टीम की तैयारियों सहित कई सवालों के जवाब दिए. उन्होंने कहा है कि इस समय उनकी टीम का निचला मध्यक्रम मजबूत हुआ है. इसका सीधा फायदा महेंद्र सिंह धोनी को हो रहा है, जिन पर मैच फिनिश करने का दबाव रहता था. कोहली की मानें तो दो नए खिलाड़ियों के आने से धोनी अब बोझमुक्त महसूस करेंगे. गौरतलब है कि इंग्लैंड रवाना होने से पहले कोहली ने कहा था कि धोनी और युवी टीम के स्तंभ हैं और उन्हें पता है कि अपने अनुभव का इस्तेमाल टीम के लिए कैसे करना है. जाहिर है कप्तान का भरोसा इन दोनों पर जबर्दस्त है और उनको पता है कि ये टीम की जीत के लिए अहम होंगे.
इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में हुई खोज
आईसीसी के किसी भी टूर्नामेंट में पहली बार कप्तानी करने जा रहे विराट कोहली के अनुसार धोनी के विकल्प के रूप में जो खिलाड़ी उभरे हैं, वह हैं- केदार जाधव और हार्दिक पांड्या. विराट का तो इन पर काफी भरोसा है, लेकिन अभी इन दोनों को खुद को काफी कुछ साबित करना है. वैसे इन दोनों ने इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में अपना प्रभाव छोड़ा था और उसी सीरीज में धोनी ने शतक लगाया था.
विराट कोहली ने कहा, ‘हम निचले मध्यक्रम के योगदान को मजबूत करना चाहते थे. बीते दो वर्षों में महेंद्र सिंह धोनी पर काफी दबाव आ गया था, हमें ऐसा महसूस हुआ. वह खुद को उतना अभिव्यक्त नहीं कर पा रहे थे क्योंकि ऐसे ज्यादा खिलाड़ी नहीं थे जो उनके साथ मैच फिनिश करने का साहस दिखाते.’
उन्होंने आगे कहा, ‘इसलिए हमें इस विभाग में सुधार की जरूरत थी. इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज ने हमारे लिए सचमुच इसे पक्का कर दिया. इसलिए हम इस टूर्नामेंट से पहले काफी अच्छी स्थिति में हैं.'
संतुलित हुई टीम..
विराट कोहली के अनुसार इन दोनों के आने से टीम को संतुलन मिला है और टीम काफी अच्छी स्थिति में है. विराट कोहली ने कहा, ‘लेकिन केदार जाधव और हार्दिक पंड्या के पारी के उस विशेष चरण में अच्छा करने से हमारी टीम सचमुच अच्छी तरह मजबूत हुई है. इससे हमें काफी संतुलन मिलेगा.’
उन्होंने कहा कि भारतीय टीम काफी संतुलित टीम है, लेकिन उन्हें आगामी टूर्नामेंट में खास रणनीति के हिसाब से जमकर खेलना होगा. विराट ने टीम पर भरोसा जताते हुए कहा है कि टीम के सभी विभाग काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं.
कोहली ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हम काफी संतुलित टीम हैं. सभी गेंदबाज अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं. बल्लेबाज अच्छा खेल रहे हैं. हमारी बल्लेबाजी में गहराई है. आप भले ही दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम हों. लेकिन अगर आप अच्छी तरह नहीं खेलोगे तो आपके पास कौशल होने का कोई मतलब नहीं है. इसलिये ऐसे टूर्नामेंट में यह अहम होता है कि आप रणनीति के मुताबिक कैसे खेलते हो.’
इंग्लैंड पहुंचने के बाद आत्मविश्वास से लबरेज नजर आ रहे विराट कोहली ने टीम की तैयारियों सहित कई सवालों के जवाब दिए. उन्होंने कहा है कि इस समय उनकी टीम का निचला मध्यक्रम मजबूत हुआ है. इसका सीधा फायदा महेंद्र सिंह धोनी को हो रहा है, जिन पर मैच फिनिश करने का दबाव रहता था. कोहली की मानें तो दो नए खिलाड़ियों के आने से धोनी अब बोझमुक्त महसूस करेंगे. गौरतलब है कि इंग्लैंड रवाना होने से पहले कोहली ने कहा था कि धोनी और युवी टीम के स्तंभ हैं और उन्हें पता है कि अपने अनुभव का इस्तेमाल टीम के लिए कैसे करना है. जाहिर है कप्तान का भरोसा इन दोनों पर जबर्दस्त है और उनको पता है कि ये टीम की जीत के लिए अहम होंगे.
इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में हुई खोज
आईसीसी के किसी भी टूर्नामेंट में पहली बार कप्तानी करने जा रहे विराट कोहली के अनुसार धोनी के विकल्प के रूप में जो खिलाड़ी उभरे हैं, वह हैं- केदार जाधव और हार्दिक पांड्या. विराट का तो इन पर काफी भरोसा है, लेकिन अभी इन दोनों को खुद को काफी कुछ साबित करना है. वैसे इन दोनों ने इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में अपना प्रभाव छोड़ा था और उसी सीरीज में धोनी ने शतक लगाया था.
विराट कोहली ने कहा, ‘हम निचले मध्यक्रम के योगदान को मजबूत करना चाहते थे. बीते दो वर्षों में महेंद्र सिंह धोनी पर काफी दबाव आ गया था, हमें ऐसा महसूस हुआ. वह खुद को उतना अभिव्यक्त नहीं कर पा रहे थे क्योंकि ऐसे ज्यादा खिलाड़ी नहीं थे जो उनके साथ मैच फिनिश करने का साहस दिखाते.’
उन्होंने आगे कहा, ‘इसलिए हमें इस विभाग में सुधार की जरूरत थी. इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज ने हमारे लिए सचमुच इसे पक्का कर दिया. इसलिए हम इस टूर्नामेंट से पहले काफी अच्छी स्थिति में हैं.'
संतुलित हुई टीम..
विराट कोहली के अनुसार इन दोनों के आने से टीम को संतुलन मिला है और टीम काफी अच्छी स्थिति में है. विराट कोहली ने कहा, ‘लेकिन केदार जाधव और हार्दिक पंड्या के पारी के उस विशेष चरण में अच्छा करने से हमारी टीम सचमुच अच्छी तरह मजबूत हुई है. इससे हमें काफी संतुलन मिलेगा.’
उन्होंने कहा कि भारतीय टीम काफी संतुलित टीम है, लेकिन उन्हें आगामी टूर्नामेंट में खास रणनीति के हिसाब से जमकर खेलना होगा. विराट ने टीम पर भरोसा जताते हुए कहा है कि टीम के सभी विभाग काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं.
कोहली ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हम काफी संतुलित टीम हैं. सभी गेंदबाज अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं. बल्लेबाज अच्छा खेल रहे हैं. हमारी बल्लेबाजी में गहराई है. आप भले ही दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम हों. लेकिन अगर आप अच्छी तरह नहीं खेलोगे तो आपके पास कौशल होने का कोई मतलब नहीं है. इसलिये ऐसे टूर्नामेंट में यह अहम होता है कि आप रणनीति के मुताबिक कैसे खेलते हो.’
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