Anaya Bangar NDTV Exclusive Interview: क्रिकेटर आर्यन बांगर अब महिला क्रिकेटर अनाया बांगर बन गई हैं. अनाया बांगर का नाम सोशल मीडिया ग़ज़ब तरीके से वायरल है. पूर्व टेस्ट क्रिकेटर और भारतीय टीम के बैटिंग कोच रहे संजय बांगर के 25 साल के बेटे से बेटी बनीं अनाया बांगर की अब नई पहचान है. अनाया बांगर हाल ही में एक ट्रांसवुमन एथलीट बनी हैं और उन्हें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने फ़िलहाल कम्यूनिटी क्रिकेट खेलने की अनुमति दे दी है. उन्होंने हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी और बैंकॉक-थाईलैंड में जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी के जरिए अपनी पहचान को बदला और अब फ़ौरन ही अनाया के नाम से मशहूर हो गई हैं.
NDTV स्पोर्ट्स एडिटर विमल मोहन से EXCLUSIVE बात करती हुई वो कहती हैं एक दिन वो भारत के लिए महिला वर्ल्ड कप और ओलिंपिक का मेडल जीतना चाहती हैं, लेकिन कुछ अड़चनें भी हैं.
सवाल: आपने सचिन तेंदुलकर-अर्जुन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग-आर्यवीर सहलाग, राहुल द्रविड़- अन्वय द्रविड़, पुलेला गोपीचंद-गायत्री गोपीचंद जैसे पिता-पुत्र या पिता-पुत्री की जोड़ी के नामों को शोहरत कमाते ज़रूर देखा है. लेकिन संजय-बांगर- अनाया बांगर की जोड़ी इन सबसे कई मायनों में अलग है.
अनाया, आपने बहादुरी दिखाई है. क्योंकि, पूरी दुनिया में ऐसे क़रीब 3 फ़ीसदी या तकरीबन 20 करोड़ से ज़्यादा लोग हैं जो एक शरीर में रहते हुए लिंग-परिवर्तन की ज़रूरत महसूस करते हैं. अनाया आपके लिए लड़के से लड़की बनने का सफ़र कितना मुश्किल रहा है. और, इस सफ़र में आपकी सबसे ज़्यादा मदद किसने की और मुश्किलें कहां से आईं?
अनाया बांगर: मेरी सबसे ज़्यादा मदद खुद मैंने ही की. परिवार ने मुझे सपोर्ट तो किया. लेकिन यहां तक आने में मैंने सबसे ज़्यादा खुद के लिए लड़ाई लड़ी है. मैं खुश हूं कि आज लोग इसके बारे में बात कर रहे हैं. अगर इस बारे में कुछ नियम बनें तो और इसके बारे में और बातें हो सकेंगी.
सवाल: आप इस विषय पर नियमों की बात कर रही हैं. आईसीसी और बीसीसीआई में इसे लेकर नियमों में उतनी साफ़गोई शायद नहीं नज़र आये लेकिन ओलिंपिक्स में इसे लेकर थोड़े और स्पष्ट नियम नज़र आते हैं. ओलिंपिक में लिया थॉमस (अमेरिकी तैराक), क्रिस मोइसा (अमेरिकी ट्राइ एथलीट) जैसे कई एथलीटों ने बतौर ट्रांसजेंडर एथलीट इन गेम्स में हिस्सा लेकर उदाहरण पेश किये हैं. आपका केस दुती चंद, कैस्टर सेमेन्या और एमेन खलीफ़ जैसे एथलीटों से अलग भी है.
आपके टेस्टॉस्टेरॉन लेवल को लेकर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने जो नियम बताया है कि इसे 12 महीने तक 10nmol/L से कम होना चाहिए. इसके क्या मायने हैं?
अनाया बांगर: हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी जब आप शुरू करते हैं तब आप टेस्टोस्टेरॉन सप्रेसेंट और इस्ट्रोजेन पिल्स (दवाई) लेते हैं, ताकि आपका शरीर महिला की तरह हो जाये. आपका शरीर दूसरी प्यूबर्टी की तरह व्यवहार करने लगता है. ऐसे में आपका स्टैमिना घट जाता है. बोन-मिनरल-डेंसिटी और मसल-लॉस हो जाता है. इसके साथ मैंने सर्जरी भी करवाई है.
सवाल: इन सबसे आपके क्रिकेट-स्किल और आपकी ताक़त पर कितना असर पड़ा है?
अनाया बांगर: इन सबसे आपकी ताक़त और आपके स्किल्स पर भी यकीनन असर पड़ता है. आपके मसल-लॉस के साथ आपके खेलने का स्टाइल भी बदलता है. मेरे शरीर में इस वक्त टेस्टोस्टेरॉन का लेवल 0.6नैनोमॉल/लीटर है. ये महिलाओं के हिसाब से भी कम है. ऐसा मैं तीन साल से करती आ रही हूं. इससे एक एथलीट के तौर पर भी मेरी क्षमता कम हो गई है.
मैं जब इंग्लैंड में थी तब मैंने मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के साथ पार्टनरशिप करते हुए उनकी एक स्टडी में हिस्सा लिया. मैं एक साल टेस्टोस्टेरॉन सप्रेसेंट हार्मोन पर थी. उन्होंने मेरे शरीर पर 12 हफ़्तों के लिए टेस्ट-प्रयोग किये. उन्होंने मेरी लंग कैपैसिटी, हीमोग्लोबिन लेवल और पावर आउटपुट जैसी वो सब चीज़ें टेस्ट कीं. इसके बाद उन्होंने मेरे डेटा को महिला एथलीटों के साथ तुलना की. मेरे शरीर के सभी डेटा महिला एथलीटों की तरह ही निकले.
सवाल: क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने आपको कम्यूनिटी क्रिकेट खेलने की अनुमति दी है. आप अपना क्रिकेटिंग सफ़र यहां से कैसा देखती हैं?
अनाया बांगर: क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने जो नियम बनाये हैं उसके हिसाब से उनके पैनल ने मेरे सभी पेपर की जांच की है. उन्होंने तय किया है कि जब मैं मार्च 2027 में ऑस्ट्रेलिया जाऊंगी तब वो मेरा फिर से टेस्टोस्टेरॉन लेवल टेस्ट करेंगे. और उसके बाद वो अपनी गाइडलाइन्स के हिसाब से मुझे वीम्नस बिग बैश लीग-WBBL में खेलने की अनुमति दे सकते हैं. मैं वहां पहले क्लब क्रिकेट खेलकर खुद को साबित करना चाहती हूं, ताकि मैं वीम्नस बिग बैश लीग-WBBL भी खेल सकूं.
मैं उम्मीद करती हूं कि BCCI- भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में भी बदलाव आये. भारत में इस मुद्दे को लेकर कोई नियम ही नहीं हैं. ऐसा नहीं है कि वो ट्रांस-एथलीट के ख़िलाफ़ ये पक्ष में हैं. यहां कोई नियम नहीं है.
सवाल: आपने कहा है कि आप क्रिकेट को ही अपनी पहचान बनाना चाहती हैं. आप क्या हासिल करना चाहती हैं?
अनाया बांगर: मैं चाहती हूं कि मैं भारत के लिए वर्ल्ड कप जीतूं और महिला क्रिकेट के ज़रिये ओलिंपिक का पदक जीतूं.
सवाल: आप सरफ़राज़ ख़ान और मुशीर ख़ान के साथ क्रिकेट खेल चुकी हैं. आप किस क्रिकेटर की फ़ैन हैं?
अनाया बांगर: पहले मैं विराट कोहली की फ़ैन थी. अब मुझे अभिषेक शर्मा बहुत पसंद हैं. महिला क्रिकेटर में मुझे स्मृति मंधाना बहुत अच्छी लगती हैं.
सवाल: आपने बहुत सारे टाबू को तोड़ा है. आपने बहुत बहादुरी दिखाई है. NDTV से बात करने का बेहद शुक्रिया. शुभकामनाएं.
अनाया बांगर: थैंक यू.
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