भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने गुरुवार को होने वाली रिव्यू मीटिंग में टीम इंडिया की व्यवस्था से जुड़े तीनों दिग्गजों हेड कोच गौतम गंभीर, चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और COE हेड वीवीएस लक्ष्मण को तलब किया है. मेन एजेंडा पिछले दिनों इंग्लैंड और आयरलैंड में हुई स्तब्धकारी हार की समीक्षा है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इस मीटिंग में सिर्फ यही विषय नहीं, बल्कि बल्कि अगले साल के कई अहम बड़े मुद्दों और प्लानिंग पर डिटेल से चर्चा होने जा रही है. और इनमें भी सबसे बड़ा विषय है अगले साल 2027 का विश्व कप, जिसे लेकर हेड कोच और शुभमन गिल पहले से ही हरकत में आ चुके हैं. गिल भले ही इस मीटिंग में हिस्सा न ले रहे हों, लेकिन गौतम गिल के 'मन की बात' साथ लेकर मीटिंग में जाएंगे. और 'मिशन 2027 यानी विश्व कप में भी बड़ा मुद्दा है इस मेगा टूर्नामेंट में सीनियरों की भूमिका. आप समझ सकते हैं कि जब पिछले दिनों रोहित शर्मा को लेकर ही हेड कोच गौतम गंभीर और बीसीसीआई अलग छोरों पर खड़े थे, तो बाकियों को लेकर प्रबंधन की क्या सोच होगी, सहज समझा जा सकता है. कुल मिलाकर गुरुवार की मीटिंग टीम इंडिया के 4 सीनियरों को चिंता में डालने जा रही है क्योंकि जो वर्तमान में हालात हैं, उसे देखते हुए इनका "मिशन 2027" में फिट होना बहुत मुश्किल दिखाई पड़ रहा है.
अफगानिस्तान सीरीज के लिए देखें भारतीय टीम
1. रोहित के लिए गंभीर मुश्किल !
यह सही है कि पिछले दिनों बीसीसीआई ने सार्वजनिक तौर पर रोहित शर्मा के पक्ष में आते हुए गौतम गंभीर को मैसेज दे दिया, लेकिन मिशन विश्व कप यानी 2027 विश्व कप में रोहित की राह आसान होने नहीं जा रही क्योंकि मनों में कड़वाहट पहले ही आ चुकी है. रोहित भी यह समझ चुके हैं और रोहित ने भी भविष्य की तैयारी करते हुए 'सोनी पर शो' लपक लिया है. गंभीर अपनी जिद को लेकर कितने सीरियस हैं, ये सभी ने देखा है. और वह रोहित पर अपनी और गिल की सोच के साथ बीसीसीआई को भरोसे में लेने में कोई कोर कसर नहीं ही छोड़ेंगे. यह साफ है कि गंभीर विश्व कप में नए ओपनर के साथ आगे जाना चाहते हैं.
2. हार्दिक पांड्या की मुश्किल भी बढ़ी है
पांड्या की स्थिति के लिए गौतम कम, बल्कि वह खुद ज्यादा जिम्मेदार हैं. नियमित अंतराल पर चोटों का शिकार होने ने हार्दिक पांड्या का अगले विश्व को लेकर पेंच फंसा रखा है. इसमें भी बड़ा पहलू यह है कि वह "पूर्ण ऑलराउंडर" अब वनडे में बमुश्किल ही हैं. पांड्या वनडे में कितने ओवर डालते हैं, यह सभी जानते हैं. आगे वह इन बचे-खुचे ओवरों के लिए कितने फिट होंगे, यह भी सवाल है? और जब बॉलिंग के लिए फिट नहीं होंगे, तो प्रबंधन उन्हें बतौर बल्लेबाज क्यों स्वीकार करेगा? या करेगा? निश्चित रूप से गंभीर के मिशन 27 में उनका पेंच फंसा हुआ है.
3. केएल राहुल को राह अब आसान नहीं
हाल ही में केएल राहुल का वनडे में प्रदर्शन गिरा है, तो वहीं टेस्ट में ऋषभ पंत के प्रदर्शन से यह आवाज जोर-शोर से गूंजी कि पंत को उप-कप्तान पद से हटाया ही क्यों गया था? कई पूर्व क्रिकेटरों ने फिर पंत को उप-कप्ताने की मांग की है. टेस्ट के उम्दा प्रदर्शन से पंत का वजन बढ़ रहा है, तो गिरता प्रदर्शन केएल राहुल को कमजोर कर रहा है. दोनों ही विकेटकीपर हैं. पंत विशेषज्ञ कीपर हैं, तो केएल को बनाया गया है. पंत जब होंगे, तो फिर दूसरा विकेटकीपर क्यों रखा जाए? कोई और विकल्प गंभीर के ज़हन में चल रहे होंगे. ऐसे में यह रिव्यू मीटिंग मिशन 2027 के लिहाज से केएल राहुल को चिंता में डालने वाली है.
4. रवींद्र के साथ से निकल रही व्हाइट-बॉल!
रवींद्र जडेजा मिशन 2027 यानी अगले विश्व कप तक 38 साल के हो जाएंगे. टी20 से जडेजा का नाता काफी पहले ही टूट चुका है, तो अब उनकी राह में अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर खड़े हैं. सुंदर तो ऑफ स्पिनर का विकल्प भी प्रदान करते हैं. व्हाइट-बॉल जडेजा कम ही खेलते हैं और ये तमाम बातें जडेजा को गौतम गंभीर के मिशन 2027 को लेकर बेचैन करने के लिए काफी हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं