
चेन्नई:
दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड को सोमवार को चेन्नई में विशेष आम सभा की बैठक (एसजीएम) बुलाने की अनुमति दे दी है जिससे पूर्व आईपीएल अध्यक्ष ललित मोदी पर वित्तीय अनियमिताओं के लिए संभावित आजीवन प्रतिबंध लगाने के लिए बीसीसीआई का रास्ता भी साफ हो गया।
एसजीएम की अध्यक्षता निर्वासित अध्यक्ष एन श्रीनिवासन कर सकते हैं। इसे मोदी पर अनुशासन समिति की रिपोर्ट पर चर्चा करने और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए बुलाया गया है। मोदी पर आजीवन प्रतिबंध लगाने के लिए दो तिहाई मतों की जरूरत पड़ेगी।
इसका सीधा मतलब है कि आईपीएल के पूर्व अध्यक्ष पर प्रतिबंध लगाने के लिए 31 इकाईयों में से कम से कम 21 इकाईयों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी।
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, ‘पंजाब क्रिकेट संघ (पीसीए) को छोड़कर पूरी संभावना है कि बीसीसीआई की कोई भी अन्य इकाई कल मोदी का समर्थन नहीं करेगी। यहां तक कि पीसीए का मामला भी इस पर निर्भर करेगा कि कौन एसजीएम में उसका प्रतिनिधित्व करता है। पीसीए अध्यक्ष आईएस बिंद्रा मोदी के समर्थक रहे हैं जबकि सचिव एमपी पांडोव अड़ियल रवैये के लिये नहीं जाने जाते हैं।’
एसजीएम की अध्यक्षता निर्वासित अध्यक्ष एन श्रीनिवासन कर सकते हैं। इसे मोदी पर अनुशासन समिति की रिपोर्ट पर चर्चा करने और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए बुलाया गया है। मोदी पर आजीवन प्रतिबंध लगाने के लिए दो तिहाई मतों की जरूरत पड़ेगी।
इसका सीधा मतलब है कि आईपीएल के पूर्व अध्यक्ष पर प्रतिबंध लगाने के लिए 31 इकाईयों में से कम से कम 21 इकाईयों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी।
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, ‘पंजाब क्रिकेट संघ (पीसीए) को छोड़कर पूरी संभावना है कि बीसीसीआई की कोई भी अन्य इकाई कल मोदी का समर्थन नहीं करेगी। यहां तक कि पीसीए का मामला भी इस पर निर्भर करेगा कि कौन एसजीएम में उसका प्रतिनिधित्व करता है। पीसीए अध्यक्ष आईएस बिंद्रा मोदी के समर्थक रहे हैं जबकि सचिव एमपी पांडोव अड़ियल रवैये के लिये नहीं जाने जाते हैं।’
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