हरमनप्रीत कौर ने इंग्लैंड सीरीज के बाद झूलन गोस्वामी के संन्यास की पुष्टि की, कहा "उनकी कमी टीम में पूरी नहीं की जा सकती"

हरमनप्रीत ने टीम के इंग्लैंड दौरे के लिए रवाना होने की पूर्व संध्या पर मीडिया से बातचीत में कहा,‘‘ वह प्रत्येक मैच में उसी तरह के जुनून के साथ उतरती हैं जो कि बेजोड़ है. कोई उनका मुकाबला नहीं कर सकता.’

हरमनप्रीत कौर ने इंग्लैंड सीरीज के बाद झूलन गोस्वामी के संन्यास की पुष्टि की, कहा

हरमनप्रीत कौर ने क्रिकेट में झूलन गोस्वामी के योगदान को याद किया

नई दिल्ली:

भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने क्रिकेट में झूलन गोस्वामी के योगदान को याद करते हुए कहा कि इस अनुभवी तेज गेंदबाज का खेल के प्रति जुनून बेजोड़ है और टीम में कोई भी उनकी जगह नहीं भर सकता है. पिछले दो दशक से भारतीय गेंदबाजी की अगवा रही 39 वर्षीय झूलन 24 सितंबर को इंग्लैंड के खिलाफ लार्ड्स में तीसरा और अंतिम एकदिवसीय मैच खेल कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह देंगी. झूलन के नाम पर अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड दर्ज है. 

हरमनप्रीत ने टीम के इंग्लैंड दौरे के लिए रवाना होने की पूर्व संध्या पर मीडिया से बातचीत में कहा,‘‘ वह प्रत्येक मैच में उसी तरह के जुनून के साथ उतरती हैं जो कि बेजोड़ है. कोई उनका मुकाबला नहीं कर सकता.'' हरमनप्रीत ने विश्व कप 2009 में पाकिस्तान के खिलाफ झूलन की कप्तानी में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था. उनकी इस दिग्गज भारतीय तेज गेंदबाज के साथ कई यादें जुड़ी हैं जिनके नाम पर 201 वनडे में रिकॉर्ड 252 विकेट दर्ज हैं. झूलन इस प्रारूप में 200 से अधिक विकेट लेने वाली एकमात्र गेंदबाज हैं.

हरमनप्रीत ने कहा,‘‘ जब मैंने पदार्पण किया था तब वह कप्तान थी. यह मेरे लिए शानदार अवसर है कि जब वह अपना अंतिम वनडे खेलेंगी तो मैं कप्तानी का जिम्मा संभालूंगी. जब मुझे टीम में जगह मिली तो वह एकमात्र खिलाड़ी थी जो आगे बढ़कर नेतृत्व करती थी. मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा. कोई भी उनकी जगह नहीं ले सकता है.'' उन्होंने कहा,‘‘ वह एक ऐसी खिलाड़ी हैं जो हमेशा एक ही तरह का प्रयास करती हैं. वह दो-तीन घंटे गेंदबाजी करती हैं. वह अब भी उसी तरह की कड़ी मेहनत करती हैं जैसे कि अपने शुरुआती दिनों में किया करती थी.'' हरमनप्रीत ने कहा,‘‘ आपको शायद ही कोई ऐसी गेंदबाज दिखे जो उनकी तरह नेट पर कड़ी मेहनत करता हो. क्रिकेट के प्रति उनमें जिस तरह का जुनून है वह किसी में नहीं है.'' उन्होंने कहा, ‘‘एक क्रिकेटर के तौर पर और एक व्यक्ति के रूप में मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा. वह हम सभी के लिए बहुत अच्छा उदाहरण हैं. देश में कई खिलाड़ियों ने उनको खेलते हुए देखकर यह खेल अपनाया.''


झूलन ने इस साल मार्च में न्यूजीलैंड में खेले गए वनडे विश्व कप में हिस्सा लिया था लेकिन वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत के अंतिम ग्रुप मैच से पहले चोटिल हो गई थी. इस कारण वह जुलाई में श्रीलंका दौरे पर भी नहीं जा पाई थी. झूलन ने 2002 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था. उन्होंने 2018 में टी20 क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. इस तेज गेंदबाज ने अपना आखिरी टेस्ट मैच अक्टूबर 2021 में खेला था. झूलन ने कुल मिलाकर 12 टेस्ट, 68 टी20 अंतरराष्ट्रीय और 201 वनडे खेले हैं. उन्होंने छह विश्वकप में भाग लिया है.

बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय महिला टीम इंग्लैंड दौरे की शुरुआत नौ सितंबर को टी20 मैच से करेगी. भारतीय टीम तीन टी20 मैच खेलने के बाद इतने ही वनडे मैचों की श्रृंखला खेलेगी. भारत लॉर्ड्स में झूलन के आखिरी एकदिवसीय मैच से पहले होव (18 सितंबर) और कैंटरबरी (21 सितंबर) में वनडे मैच खेलेगा. हरमनप्रीत ने कहा की झूलन के लिए यह अवसर विशेष बनाने के लिए टीम अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगी. उन्होंने कहा,‘‘ हम इस बारे में बात कर रहे हैं कि यह उनका आखिरी टूर्नामेंट है. यह उनके लिए और हमारे लिए बेहद खास है. हम उनके लिए इसे यादगार बनाने की पूरी कोशिश करेंगे.''

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