अपने क्रिकेट करियर को फिर से शुरू करने की दहलीज पर खड़ी ट्रांस-एथलीट अनाया बांगड़ आलोचकों और संदेह करने वालों की बातों से जरा भी परेशान नहीं है और उनका कहना है,"यह सफर अकेलापन भरा और बेहद मुश्किल रहा है, लेकिन फिर भी यह सब सार्थक रहा है." नका मानना है कि आलोचना करने वालों को बस थोड़ी ‘जानकारी' देने की जरूरत है ताकि वे अपनी सोच बदल सकें. जब अनाया ने पहली बार भारत की महिला क्रिकेट व्यवस्था का हिस्सा बनने में सहायता के लिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) से संपर्क किया तो उनके अनुसार उन्हें बोर्ड की ओर से ‘चुप्पी' मिली.इसके बाद उन्हें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) से समर्थन मिला जिसने उन्हें ‘कम्युनिटी शील्ड' स्तर पर खेलने की अनुमति दी.
पीटीआई को दिए विशेष साक्षात्कार में 25 वर्षीय अनाया ने बताया कि वर्ष 2022 में अपने ‘लिंग परिवर्तन' की शुरुआत के बाद से उनका सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है.इस प्रक्रिया का समापन इस वर्ष मार्च में ‘जेंडर-अफर्मिंग' सर्जरी के साथ हुआ.
उन्होंने कहा,"जब आप बदलाव से गुजर रहे हों और आप एक ‘ट्रांस-एथलीट' हों, खासकर दुनिया में मौजूदा राजनीतिक माहौल के बीच तो यह बहुत अकेलापन देने वाला हो सकता है.आपको बहुत अकेलापन महसूस होता है और लगता है कि कोई भी आपको समझने वाला नहीं है." उन्होंने कहा,"हर कोई आपको समाधान देने की कोशिश करता है, जबकि आप सब जानते हैं.आप जानते हैं कि आपके साथ जो हो रहा है, वह अन्याय है. इसलिए इस पूरी प्रक्रिया के दौरान खुद के साथ रहना और अकेले समय बिताना मेरे लिए बहुत मददगार रहा."
अनाया बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाज और ऑलराउंडर हैं. उनके पिता पूर्व भारतीय क्रिकेटर और जाने-माने कोच संजय बांगड़ हैं. उन्होंने कहा,"अभी सिर्फ यह खबर सुनना कि सीए ने मुझे मंजूरी दे दी है और मूल रूप से मुझे महिला क्रिकेट खेलने का रास्ता उपलब्ध कराया है, यानी मैं जिस रूप में हूं, उसी रूप में क्रिकेट खेल सकती हूं, मेरे लिए बहुत बड़ी बात है."
अनाया ने कभी क्रिकेट खेलने की उम्मीद छोड़ दी थी. हालांकि वह जरूरत के समय अपने परिवार से मिले समर्थन के लिए आभारी हैं, लेकिन उनका मानना है कि परिस्थितियों को बेहतर बनाने में ‘कायनात' ने बड़ी भूमिका निभाई.
उन्होंने कहा,"ईमानदारी से कहूं तो भावनात्मक रूप से यह पूरा सफर मैंने अकेले तय किया है, लेकिन अपनी जरूरी चीजों के लिए परिवार से मिले सहयोग के लिए मैं आभारी हूं." उन्होंने कहा,"मैंने कभी नहीं सोचा था कि जिस दिन से मैंने ‘ट्रांजिशन' शुरू किया, उसके बाद मैं कभी क्रिकेट खेल पाऊंगी. मैंने बस खुद को सामने रखा और देखा कि क्या होता है. जो काम करेगा, वह करेगा. और इस पूरे सफर में मुझे लगता है कि कायनात ने मेरा बहुत साथ दिया है, और आज हम यहां हैं."
मार्च में हुई सर्जरी के बाद अनाया अभी उसके प्रभावों से उबर ही रही थीं, जब जून में उन्होंने सीए इंटीग्रिटी प्रमुख जैकी पैरट्रिज से संपर्क किया. उन्हें पता चला था कि सीए की नीति ट्रांस खिलाड़ियों को महिला क्रिकेट में खेलने की अनुमति देती है.
इसके बाद की प्रक्रिया बीसीसीआई से संपर्क करने के दौरान मिले अनुभव के बिल्कुल विपरीत आसान और तेज रही. अनाया को उम्मीद है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड भी भविष्य के लिए इस संबंध में कोई नीति बनाएगा.
उन्होंने कहा,"ईमानदारी से कहूं तो यह बेहद निराशाजनक और दिल तोड़ने वाला था कि मुझे खामोशी मिली. मुझे पता था कि ‘ट्रांजिशन' की वजह से मुझे क्रिकेट से दूर होना पड़ेगा. मुझे उम्मीद है कि बीसीसीआई इस मामले के लिए खुला रुख अपनाएगा और इस विषय को लेकर नीतियां बनाने की कोशिश करेगा क्योंकि भारत में यह पहला मामला है."
उन्होंने कहा,"मुझे टीम का हिस्सा बनने और अपनी पूरी यात्रा के दौरान मिले अनुभवों और जानकारी को साझा करने में खुशी होगी ताकि हम समझ सकें कि हमारे देश और भविष्य में महिला खेलों के लिए क्या सबसे बेहतर काम करेगा."
‘कम्युनिटी शील्ड' में अनाया के शामिल होने पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. यह ऑस्ट्रेलिया में शुरुआती स्तर की क्रिकेट प्रतियोगिता है. कुछ लोगों ने अनाया के प्रति सहानुभूति दिखाई, लेकिन कुछ ने उनकी आलोचना भी की.
दक्षिण अफ्रीका की मशहूर क्रिकेटर मरिजाने काप ने शुक्रवार को अनाया के महिला बिग बैश लीग (डब्ल्यूबीबीएल) में खेलने की कोशिश को हास्यास्पद बताया. अनाया को उम्मीद है कि अगर उनका ‘टेस्टोस्टेरोन' स्तर तय सीमा के अंदर रहा तो वह अगले साल मार्च में डब्ल्यूबीबीएल में खेल सकती हैं. हालांकि, अभी तक उन्होंने किसी स्थानीय क्रिकेट क्लब की टीम के लिए अपना नाम नहीं दिया है.
अनाया ने कहा,"जो लोग इसके खिलाफ बोलना चाहते हैं, उन्हें पहले इस विषय के बारे में सही जानकारी हासिल करनी चाहिए. मैंने पहले ही जरूरी जानकारी दी है कि मुझे कोई अनुचित फायदा नहीं मिल रहा है. साथ ही, मैं सीए के सभी नियमों और दिशानिर्देशों का पालन कर रही हूं." उन्होंने कहा,"अगर किसी की व्यक्तिगत राय इस तरह की है, तो मैं उम्मीद करती हूं कि वे पहले इस विषय के बारे में खुद जानकारी हासिल करें और इसे समझने की कोशिश करें."
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