- LSG ने आईपीएल 2026 में ऋषभ पंत की कप्तानी में पांच मैच खेले हैं, जिनमें दो जीत और तीन हार शामिल हैं
- टीम की सबसे बड़ी समस्या इस सीजन में बल्लेबाजी की अस्थिरता रही है, जिससे उनकी प्रदर्शन प्रभावित हुआ है
- गोयनका ने कहा कि क्रिकेट में सफलता का फॉर्मूला अभी तक उन्हें समझ नहीं आया है, जबकि फुटबॉल में रणनीति स्पष्ट है
Sanjiv Goenka Exclusive on LSG Team Performence IPL 2026: आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) का सफर इस बार उतार-चढ़ाव भरा रहा है. ऋषभ पंत की कप्तानी में टीम ने अब तक 5 मुकाबले खेले हैं, जिसमें उसे 2 में जीत और 3 में हार का सामना करना पड़ा है. फिलहाल टीम अंकतालिका में सातवें स्थान पर है. टीम की सबसे बड़ी चिंता उसकी बल्लेबाजी रही है, जो इस सीजन में अब तक अपनी लय हासिल नहीं कर पाई है. मोहन बागान सुपर जाइंट्स फुटबॉल के लगातार बेहतर प्रदर्शन और इधर आईपीएल में लखनऊ सुपर जाइंट्स के प्रदर्शन पर जल्द ही NDTV पर प्रसारित होने जा रहे कार्यक्रम 'Walk the Talk' में NDTV के ग्रुप एडिटर इन चीफ और सीईओ राहुल कंवल से खुलकर बात की है.
क्रिकेट में हम अभी भी पूरी तरह वहां नहीं पहुंचे
'Walk the Talk' कार्यक्रम में जब राहुल कंवल ने डा. गोयनका से सवाल किया कि वह (मोहन बागान) फुटबॉल में सफलता का रास्ता ढूंढ लेते हैं, लेकिन क्रिकेट में क्यों नहीं, तो उन्होंने ईमानदारी से अपनी बात रखी. गोयनका ने कहा, "फुटबॉल में हमें पता है कि क्या करना है, लेकिन क्रिकेट में हम अभी भी पूरी तरह वहां नहीं पहुंचे हैं." गोयनका ने बताया कि पिछले साल की गेंदबाजी की कमी को उन्होंने इस साल दुरुस्त किया है और बल्लेबाजी को रिटेन किया था, लेकिन इस साल बल्लेबाजी ही अपनी लय नहीं पकड़ पा रही है. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर उन्हें क्रिकेट में सफलता का सटीक फॉर्मूला पता होता, तो वे उसे पहले ही अपना चुके होते.
"हार से निराशा होती है, गुस्सा नहीं"
इस सीजन में टीम की खराब बल्लेबाजी पर बात करते हुए गोयनका ने कहा कि जब नतीजे आपके पक्ष में नहीं आते, तो निराशा होना स्वाभाविक है. उन्होंने कहा, "अंत में जब आप हारते हैं तो बुरा लगता है, लेकिन निराशा का मतलब गुस्सा नहीं होता. यह खेल है, यहां हर दिन आपकी जीत नहीं हो सकती. हमारे पास बेहतरीन खिलाड़ी हैं, बस इस सीजन में उन्हें वो लय नहीं मिल पा रही है. जिस दिन हमारी बल्लेबाजी क्लिक करेगी, हम फिर से बड़े स्कोर बनाएंगे, क्योंकि पिछले साल हम आईपीएल इतिहास की सबसे खतरनाक बल्लेबाजी लाइन-अप थे."
ट्रोलिंग का सच, 'मैनुफैक्चर्ड' या 'ऑर्गेनिक'?
सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग को लेकर संजीव गोयनका ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया. उन्होंने कहा कि ये ट्रोलिंग पूरी तरह से प्रायोजित होती है. गोयनका ने दावा किया कि ये ट्रोलिंग उनके प्रतिद्वंद्वियों द्वारा नहीं, बल्कि कुछ खास निहित स्वार्थों (Vested Interests) द्वारा फैलाई जाती है. उन्होंने कहा कि उन्हें एक 'पंचिंग बैग' बना दिया गया है क्योंकि उनके नाम पर नकारात्मक खबरें चलाने से लोगों को 'व्यूज' मिलते हैं.