
भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने गेंदबाज़ों को आड़े हाथ लिया है। रविवार को कार्ल्टन मिड ट्राई सीरीज़ के पहले मैच में भारत ऑस्ट्रेलिया से चार विकेट से हार गया। मेलबर्न में खेले गए मैच में पहले 10 ओवर्स में भारतीय गेंदबाज़ों की ज़बरदस्त धुनाई हुई और ऑस्ट्रेलिया ने 56 रन बना डाले।
इस दौरान सिर्फ़ डेविड वॉर्नर को उमेश यादव आउट कर पाए। ज़ाहिर है, भारतीय गेंदबाज़ नई गेंद से रन नहीं रोक पाए और न ही उम्मीद के मुताबिक कामयाबी दिला पाए। कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ओपनिंग गेंदबाज़ों को हार की एक बड़ी वजह मान रहे हैं।
महेन्द्र सिंह धोनी कहते हैं, 'मुझे लगता है कि हमने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों को रन बनाने का मौक़ा दिया। अच्छी गेंदें भी डालीं, लेकिन बीच-बीच में खराब गेंदें फेंकी गईं। शॉर्ट और वाइड गेंदें डालने के बाद लाइन और लेंथ पकड़ना आसान नहीं होता। हमने शुरुआत में शॉर्ट गेंदें डालीं जबकि हमारा स्कोर भी बहुत बड़ा नहीं था।' इसके बाद भारतीय गेंदबाज़ जरूर रन की गति धीमी करने में कामयाब रहे। अगले 70 रन बनाने में ऑस्ट्रेलियाई टीम को 14 ओवर लगे। धोनी ने टीम को अगाह किया कि अगर टीम योजना के अनुसार नहीं खेलती है तो वर्ल्डकप ख़िताब बचाना मुश्किल हो जाएगा।
'गेंदबाज़ों को यह समझना बहुत ज़रूरी है कि वे किस लेंथ और किस दिशा की गेंद डालना चाहते हैं। आने वाले महीनों में यह बहुत ज़्यादा अहम रहेगा। हमने आखिरी 10-12 ओवर्स में अच्छी गेंदबाज़ी की। महेन्द्र सिंह धोनी ने कहा, इन विकेट्स पर आपको यह आदत बनानी होगी।'
कप्तान की चेतावनी के बाद ब्रिसबेन में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ गेंदबाज़ किस तरह का प्रदर्शन करते हैं इस बार सबकी निगाहें होंगी।
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