भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को अभी तक भारतीय क्रिकेट टीम के घरेलू मुकाबलों के लिए टाइटल स्पॉन्सर नहीं मिला है, क्योंकि ज्यादा कीमत की वजह से इन अधिकारों को खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई गई. बिड जमा करने की आखिरी तारीख 13 अगस्त होने के बावजूद, भारतीय बोर्ड को या तो अधिकारों के लिए कोई बोली लगाने वाला नहीं मिला या फिर बोलियां उम्मीद के मुताबिक नहीं थीं.
बीसीसीआई ने 20 जुलाई को निमंत्रण जारी किया था और आईटीटी दस्तावेज खरीदने की आखिरी तारीख 4 अगस्त थी. बीसीसीआई ने स्पष्टीकरण मांगने की आखिरी तारीख 5 अगस्त रखी थी. बोर्ड संभावित स्पॉन्सर्स के साथ बातचीत कर रहा है, जिसमें गूगल जेमिनी भी चर्चा में शामिल ब्रांड्स में से एक है. स्पिनी और एसबीआई लाइफ भी बातचीत कर रहे हैं.
-
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
मैं कर्म में विश्वास करता हूं... NDTV वर्ल्ड समिट में तुषार ने बताया किन वजहों से जीता यूके में मेयर का चुनाव -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद है ये बॉलीवुड फिल्म, कृति सेनन के सामने सुनाया फेमस डायलॉग -
‘AI एक्टर्स इंसानी एक्टर्स की जगह नहीं ले सकते’, बोलीं एलाइन वैन डेर वेल्डन -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न
बेस प्राइस को बढ़ाना पड़ा भारी
बीसीसीआई के मौजूदा अधिकार धारक- आईडीएफसी फर्स्ट बैंक - प्रत्येक मुकाबले के लिए 4.2 करोड़ रुपए का भुगतान करते हैं, लेकिन बेस प्राइस को बढ़ाकर 4.75 करोड़ रुपए करना संभावित डील के लिए एक बड़ी बाधा लग रहा है. यह डील दो साल के लिए थी, जबकि 2023 में आईडीएफसी बैंक को तीन साल के लिए अधिकार मिले थे. भारतीय बोर्ड ने अपने आईटीटी में पुष्टि की थी कि उसे उम्मीद है कि अधिकार धारक लगभग 35 मुकाबलों की मेजबानी करेगा.
'क्रिकबज' ने बीसीसीआई के हवाले से कहा, 'सिर्फ टेंडरिंग के मकसद से, और बीसीसीआई की ओर से किसी भी तरह के प्रतिनिधित्व, वारंटी, प्रतिबद्धता या न्यूनतम गारंटी के बिना, बीसीसीआई को फिलहाल उम्मीद है कि वह अधिकार अवधि के दौरान लगभग 35 चार्जेबल मैचों की मेजबानी कर सकता है, जो हमेशा बीसीसीआई द्वारा अपने एकमात्र और पूर्ण विवेक से तय किए गए अंतिम शेड्यूल के अधीन होगा.'
कुछ संभावित स्पॉन्सर्स ने आईटीटी प्रॉपर्टी के लिए आवेदन किया था, जिसके लिए 1 लाख रुपए की नॉन-रिफंडेबल राशि रखी गई थी. खबरों के मुताबिक ग्रुपएम, आईटीडब्ल्यू और स्पोर्टी सॉल्यूशंस ने दस्तावेज खरीदे हैं. इसके अलावा, भारतीय बोर्ड ने बीसीसीआई इवेंट्स के लिए एसोसिएट पार्टनर अधिकारों के लिए रिक्वेस्ट फॉर कोटेशन (आरएफक्यू) भी जारी किया था. जो ब्रांड टाइटल स्पॉन्सरशिप अधिकार खरीदता है, वह एसोसिएट अधिकार नहीं खरीद सकता, और एसोसिएट अधिकारों की पुष्टि तभी होगी जब टाइटल स्पॉन्सर तय हो जाएगा. आरएफक्यू खरीदने की आखिरी तारीख 14 अगस्त थी, और स्पष्टीकरण मांगने की आखिरी तारीख 16 अगस्त थी. कोटेशन डॉक्यूमेंट जमा करने की आखिरी तारीख 25 अगस्त तय की गई थी.
ये भी पढ़ें- उम्र सिर्फ 13 साल, कारनामा ऐसा कि दुनिया हैरान! एशियन गेम्स में वैभव सूर्यवंशी से भी छोटी स्टार
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं