क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान पर पाकिस्तान को इंग्लैंड के खिलाफ 194 रनों की शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है. इस बार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल आ गया है. बोर्ड ने रातोंरात सात खिलाड़ियों की छुट्टी कर दी. पैनिक बटन दबाते हुए बोर्ड ने टीम में पांच ऐसे खिलाड़ियों को मौका दिया है, जिन्होंने कभी टेस्ट नहीं खेला है. पूर्व कप्तान मिस्बाह उल हक ने सेलेक्शन पैनल से अपना इस्तीफा सौंप दिया है. वहीं अब खबर है कि टीम के कप्तान बाबर आजम की तबीयत भी खराब हो गई है.
पाकिस्तानी मीडिया की मानें तो लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड के हाथों 194 रन से मिली हार के बाद पाकिस्तान के कप्तान बाबर आज़म को तेज़ बुखार हो गया है. नेशन.कॉम के अनुसार, टीम के सूत्रों के हवाले से दावा किया कि हार के बाद लंदन में पाकिस्तान टीम के होटल में तनावपूर्ण माहौल बन गया था. लॉर्ड्स टेस्ट में आठ और छह रन बनाने वाले बाबर भी हुए बदलावों के बाद दबाव महसूस कर रहे हैं.
वहीं टीम के मीडिया मैनेजर नवीद अकरम चीमा ने पुष्टि की कि कप्तान की तबीयत ठीक नहीं है. उन्होंने बताया कि बाबर ने खुद उन्हें जानकारी दी थी कि उन्हें बुखार है. हालांकि, चीमा ने कप्तान की सेहत को लेकर चिंता को कम करते हुए कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है. उन्होंने कहा कि इसके अलावा बाबर पूरी तरह फिट हैं और उनके जल्द ठीक होने की उम्मीद है. अब पाकिस्तान टीम का ध्यान बर्मिंघम में होने वाले अगले टेस्ट पर होगा और अगले मैच से पहले बाबर की सेहत में सुधार पर बारीकी से नज़र रखी जाएगी.
मिस्बाह उल हक ने दिया इस्तीफा
मिस्बाह उल हक ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड द्वारा इंग्लैंड दौरे के दौरान बिना उनसे सलाह किए टेस्ट टीम और टीम प्रबंधन में व्यापक बदलाव किए जाने के बाद मंगलवार को राष्ट्रीय चयन समिति से हटने की पेशकश की. बोर्ड के एक विश्वसनीय सूत्र ने बताया कि मिसबाह ने यह पेशकश पीसीबी के राष्ट्रीय चयन समिति के सदस्यों को नोटिस जारी कर इंग्लैंड दौरे के लिए अपनाई गई चयन प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण मांगने के एक दिन बाद की.
न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से दावा किया,"चयनकर्ताओं से यह बताने को कहा गया है कि टेस्ट टीम में मोहम्मद रिजवान और इमाम उल हक को किस आधार पर चुना गया था." असद शफीक और आकिब जावेद चयन समिति के अन्य सदस्य हैं.
पूर्व कप्तान मिसबाह इस बात से विशेष रूप से नाराज थे कि इंग्लैंड में टीम में बदलाव करने और मुख्य कोच तथा गेंदबाजी कोच को हटाने के फैसले लेते समय उन्हें दरकिनार कर दिया गया.
एक अन्य सूत्र ने कहा,"उन्होंने बोर्ड के अधिकारियों को बता दिया है कि वह पद से हटने के लिए तैयार हैं लेकिन जिस तरह बोर्ड ने इंग्लैंड में सात खिलाड़ियों को वापस बुलाकर उनकी जगह अन्य खिलाड़ियों को शामिल किया वह सही नहीं था. वह भी तब जब इंग्लैंड में सिर्फ एक टेस्ट बाकी था."
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