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यू-टर्न मारने में बांग्लादेश के खेल सलाहकार तो पाकिस्तान के भी उस्ताद निकले!

आसिफ नजरूल ने पहले कहा था कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड BCB और खिलाड़ियों ने भारत में होने वाले वर्ल्ड कप में भाग नहीं लेने का फैसला किया है. फिर थोड़े ही दिनों बाद कहा कि यह फैसला वहां की अंतरिम सरकार का है.

यू-टर्न मारने में बांग्लादेश के खेल सलाहकार तो पाकिस्तान के भी उस्ताद निकले!
Bangladesh Sports Advisor Asif Nazrul

बांग्लादेश के खेल सलाहकार असिफ नजरुल वर्ल्ड कप के दौरान लगता है किसी साइकिलिंग ट्रैक पर साइकिल चलाते हुए यू-टर्न लेने की रेस लगा रहे हैं. बार-बार यू-टर्न लेकर सुर्खियां तो बटोर रहे हैं. लेकिन अब उनकी बात को बांग्लादेश में भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा. उनके बयानों को देखकर शाहरुख खान की 'दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे' की याद आ जाती है, 'अगर भारत-पाकिस्तान सुर्खियों में है तो ये जरूर पलटी मारेगा…'

तेरे यू-टर्न की उमर हो इतनी.. 

बांग्लादेश के खेल सलाहकार की नौकरी एक और दिन बची है. 12 फरवरी को बांग्लादेश के चुनाव के बाद कौन जाने.. मुस्ताफिज़ुर रहमान के आईपीएल से बाहर निकाले जाने पर फेसबुकवीर आसिफ नजरूल के पोस्ट हेडलाइन्स बनाने लगे. 

आसिफ नजरूल ने पहले कहा था कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड BCB और खिलाड़ियों ने भारत में होने वाले वर्ल्ड कप में भाग नहीं लेने का फैसला किया है. फिर थोड़े ही दिनों बाद कहा कि यह फैसला वहां की अंतरिम सरकार का है.

और फिर पलटी मारी. कहा कि उनकी पहले की टिप्पणियों को गलत समझा गया. उन्होंने फिर नये अंदाज में सुर अलापा और काफिये में कहा कि सरकार ने जनवरी की शुरुआत में ही सुरक्षा चिंताओं के कारण टीम को भारत नहीं भेजने का फैसला किया था. 

मंगलवार को कहा कि बांग्लादेश के वर्ल्ड कप में नहीं खेलने का फैसला खिलाड़ियों का था तो बुधवार की उनकी जर्सी का रंग ही बदल गया. 

'ये फाइनल है यार..'

नजरूल शोले की वीरू जैसे क्यूट भी नजर आते हैं, जहां वीरू बार-बार शादी का फैसला लेते हुए जय से कहता है, 'ये फाइनल है यार..'

नजरूल पर सवाल उठते ही वो पलटीमार बन जाते हैं. कहते हैं कि उनके बयान को समझा नहीं गया. और फिर एक और यू-टर्न और सफाई सामने आती है. इस बार कहते हैं, 'एक बार फिर मैं दृढ़ता से कहता हूं कि बांग्लादेश टीम के वर्ल्ड कप में नहीं खेलने का फैसला सरकार ने लिया था.'

कभी बीसीबी और खिलाड़ियों की तारीफ की तो कभी अपने बोर्ड के उन अधिकारियों की तरफ ही दिखे जिन्होंने खिलाड़ियों पर ही सवाल उठा दिये थे. 

नजरूल ने ये बयान ढाका यूनिवर्सिटी के एक इवेंट के दौरान दिया. इस इवेंट के दौरान ढाका यूनिवर्सिटी को 20 मिलियन टका का चेक दिया गया ताकि वहां एक बढ़िया खेल के मैदान तैयार हो सके.

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