अपने क्रिकेट करियर को फिर से शुरू करने की दहलीज पर खड़ीं ट्रांस-एथलीट अनाया बांगड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. अनाया को हाल में एक बड़ी गुड न्यूज भी मिली थी, जब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें महिला कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की मंजूरी दी थी. इस बीच अब अनाया ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक 'नये प्यार' का वीडियो शेयर किया है, जिसके कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'दिन बिताने का एक नया पसंदीदा तरीका मिल गया.'
वीडियो में देखा जा सकता है कि अनाया गोल्फ प्रैक्टिस के दौरान बेहद सिंपल और स्पोर्टी लुक में नजर आ रही हैं. उन्होंने हल्के आसमानी रंग की टी-शर्ट के साथ ऑफ-व्हाइट ट्राउजर और स्पोर्ट्स शूज पहन रखे हैं, जो गोल्फ जैसे खेल के लिए एककंफर्टेबल आउटफिट माना जाता है. ड्राइविंग रेंज में शॉट खेलने के बाद उनके चेहरे पर दिखाई दे रही मुस्कान इस खेल के प्रति उनके उत्साह और आनंद को दर्शाती है. रात की रोशनी में यह कैजुअल लेकिन एथलेटिक लुक उनकी खेल भावना को और निखारता है.
अनाया बांगड़ के गोल्फ प्रैक्टिस का वीडियो
दरअसल, पीटीआई को दिए इंटरव्यू में 25 वर्षीय अनाया ने बताया कि साल 2022 में अपने ‘लिंग परिवर्तन' की शुरुआत के बाद से उनका सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है. इस प्रक्रिया का समापन इस वर्ष मार्च में ‘जेंडर-अफर्मिंग' सर्जरी के साथ हुआ. उन्होंने कहा, 'जब आप बदलाव से गुजर रहे हों और आप एक ‘ट्रांस-एथलीट' हों, खासकर दुनिया में मौजूदा राजनीतिक माहौल के बीच तो यह बहुत अकेलापन देने वाला हो सकता है. आपको बहुत अकेलापन महसूस होता है और लगता है कि कोई भी आपको समझने वाला नहीं है.'
उन्होंने कहा, 'हर कोई आपको समाधान देने की कोशिश करता है, जबकि आप सब जानते हैं. आप जानते हैं कि आपके साथ जो हो रहा है, वह अन्याय है. इसलिए इस पूरी प्रक्रिया के दौरान खुद के साथ रहना और अकेले समय बिताना मेरे लिए बहुत मददगार रहा.' अनाया बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाज और ऑलराउंडर हैं. उनके पिता पूर्व भारतीय क्रिकेटर और जाने-माने कोच संजय बांगड़ हैं.
अनाया ने कभी नहीं छोडी क्रिकेट खेलने की उम्मीद
कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की मंजूरी मिलने की बात पर अनाया ने कहा कि, 'अभी सिर्फ यह खबर सुनना कि सीए ने मुझे मंजूरी दे दी है और मूल रूप से मुझे महिला क्रिकेट खेलने का रास्ता उपलब्ध कराया है, यानी मैं जिस रूप में हूं, उसी रूप में क्रिकेट खेल सकती हूं, मेरे लिए बहुत बड़ी बात है.' अनाया ने कभी क्रिकेट खेलने की उम्मीद छोड़ दी थी. हालांकि वह जरूरत के समय अपने परिवार से मिले समर्थन के लिए आभारी हैं, लेकिन उनका मानना है कि परिस्थितियों को बेहतर बनाने में ‘कायनात' ने बड़ी भूमिका निभाई.
उन्होंने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो भावनात्मक रूप से यह पूरा सफर मैंने अकेले तय किया है, लेकिन अपनी जरूरी चीजों के लिए परिवार से मिले सहयोग के लिए मैं आभारी हूं.' उन्होंने कहा, 'मैंने कभी नहीं सोचा था कि जिस दिन से मैंने ‘ट्रांजिशन' शुरू किया, उसके बाद मैं कभी क्रिकेट खेल पाऊंगी. मैंने बस खुद को सामने रखा और देखा कि क्या होता है. जो काम करेगा, वह करेगा. और इस पूरे सफर में मुझे लगता है कि कायनात ने मेरा बहुत साथ दिया है, और आज हम यहां हैं.'
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