विज्ञापन

कौन हैं अभिनव कुमार? ज‍िनके ल‍िए फ‍िरोजपुर में लोगों ने जाम की GT रोड, 17 साल में 26 बार कार्रवाई

पंजाब में फूड सेफ्टी अफसर अभिनव कुमार के ख‍िलाफ कार्रवाई के बाद लोगों को गुस्‍सा फूट पड़ा है. 17 साल में 26 बार कार्रवाई झेल चुके अभिनव कुमार के समर्थन में लोगों ने फ‍िरोजपुर-द‍िल्‍ली राष्‍ट्रीय राजमार्ग (जीटी रोड) को जाम कर रखा है, जानिए अभ‍िनव कुमार की पूरी कहानी.  (फिरोजपुर से सुनील कटारिया की रिपोर्ट)

कौन हैं अभिनव कुमार? ज‍िनके ल‍िए फ‍िरोजपुर में लोगों ने जाम की GT रोड, 17 साल में 26 बार कार्रवाई
पंजाब में फूड सेफ्टी अफसर अभिनव कुमार का कहना है क‍ि 'लीडरों का दबाव नहीं माना, इसलिए कार्रवाई झेली'.
NDTV
  • पंजाब के फूड सेफ्टी अफसर अभिनव कुमार को मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई के कारण निलंबित किया गया है
  • निलंबन के खिलाफ फिरोजपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसान और आमजन द्वारा प्रदर्शन और सड़क जाम किया गया है
  • अभिनव कुमार ने अपने करियर में लगभग 18 वर्षों में 26 बार विभागीय कार्रवाई झेली है

महाराष्‍ट्र के आईएएस तुकाराम मुंढे की तरह पंजाब में म‍िलावटखोरों के ख‍िलाफ ताबड़तोड़ एक्‍शन लेने वाले फूड सेफ्टी अफसर अभ‍िनव कुमार चर्चा में हैं. उनके निलंबन की कार्रवाई के व‍िरोध में 8 अक्‍टूबर 2026 की सुबह 11 बजे से शाम साढ़े पांच तक लोगों ने फ‍िरोजपुर-द‍िल्‍ली राष्‍ट्रीय राजमार्ग (जीटी रोड)  जाम रखा है. आमजन और क‍िसान यून‍ियन उनके समर्थन में सड़कों पर उतरा था. पंजाब के फिरोजपुर में फूड सेफ्टी अफसर के तौर पर तैनात रहे और फिलहाल निलंबित किए गए 42 वर्षीय अभिनव कुमार की कहानी बेहद दिलचस्प है. साधारण परिवार से आने वाले अभिनव कुमार फिरोजपुर के रहने वाले हैं. माता-पिता की मेहनत और अपने लगन के दम पर उन्होंने पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और वर्ष 2009 में पंजाब के स्वास्थ्य विभाग में लुधियाना से बतौर फूड सेफ्टी अफसर अपने करियर की शुरुआत की. 

पंजाब फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की कमिश्नर आईएएस कंवलप्रीत बराड़ की ओर से 1 अक्टूबर को फिरोजपुर स्थित सिविल सर्जन कार्यालय में तैनात फूड सेफ्टी अफसर अभिनव कुमार के निलंबन का आदेश जारी किया गया. आदेश के अनुसार, पंजाब सिविल सर्विसेज नियमावली, 1970 के नियम-8 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय सिविल सर्जन कार्यालय, तरनतारन निर्धारित किया गया है.
food safety officer abhinav kumar suspension story firozpur punjab

फूड सेफ्टी अफसर अभिनव कुमार                                                                                                                                                                                Photo Credit: NDTV

नौकरी शुरू होने के कुछ ही महीनों बाद मिलावटखोरों के खिलाफ की गई कार्रवाई के कारण उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का सिलसिला भी शुरू हो गया. अपनी करीब 18 साल की सेवा में अभिनव कुमार 26 बार कार्रवाई झेल चुके हैं. इनमें निलंबन से लेकर तबादले तक शामिल हैं. मौजूदा पंजाब सरकार के कार्यकाल में भी उन पर पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान छह बार कार्रवाई हो चुकी है. हालांकि इस बार उनके निलंबन ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. उनके समर्थन में लोग सड़कों पर उतर आए हैं. फिरोजपुर के कई इलाकों में किसान संगठनों और विभिन्न कर्मचारी यूनियनों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान तथा निलंबन का आदेश जारी करने वाली आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ के पुतले तक फूंके. फिरोजपुर में मिलावटखोरों पर कार्रवाई के बाद 1 अक्टूबर को अभिनव कुमार को निलंबित कर उनका मुख्यालय तरनतारन निर्धारित कर दिया गया. अभिनव कुमार ने अपने ऊपर हुई कार्रवाइयों, शिक्षा और पेशेवर जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर एनडीटीवी से विस्तार से बातचीत की.

पंजाब के फिरोजपुर निवासी अभिनव कुमार का जन्म 12 जनवरी 1984 को हुआ था. उनके पिता सरकारी नौकरी में रहे, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं. उन्होंने पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई फिरोजपुर छावनी स्थित सेंट एंड्रयू स्कूल से की. इसके बाद 12वीं तक की शिक्षा मनोहर लाल मॉडल स्कूल, फिरोजपुर छावनी से प्राप्त की. स्कूली शिक्षा पूरी
करने के बाद अभिनव कुमार ने पंजाब विश्वविद्यालय से संबद्ध फिरोजपुर के राम सुख दास कॉलेज से वर्ष 2005 में बीएससी  की डिग्री हासिल की. इसके बाद वर्ष 2006 में फरीदकोट के बरजिंदरा कॉलेज से बीएड किया. उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने चंडीगढ़ का रुख किया और वर्ष 2008 में पंजाब विश्वविद्यालय से एमएससी फिजिक्स की
पढ़ाई पूरी की.

पंजाब के किन-किन जिलों में रहे तैनात?

अभिनव कुमार का कहना है कि 2009 में उनकी पहली पोस्टिंग लुधियाना में हुई थी. तब से लेकर अब तक वे पंजाब के 10 जिलों में सेवाएं दे चुके हैं. इन जिलों में तरनतारन, श्री मुक्तसर साहिब, फरीदकोट, नवांशहर, लुधियाना, कपूरथला, होशियारपुर, फाजिल्का, मोगा और रूपनगर (रोपड़) शामिल हैं. अभिनव कुमार का दावा है कि उन्होंने अपने पूरे करियर में ईमानदारी से समझौता नहीं किया. उनका कहना है कि शायद यही वजह है कि उन्हें बार-बार कार्रवाई का सामना करना पड़ा. 

food safety officer abhinav kumar suspension story firozpur punjab

लोगों ने फ‍िरोजपुर-द‍िल्‍ली राष्‍ट्रीय राजमार्ग (जीटी रोड) जाम कर रखा है.
Photo Credit: NDTV

भगवंत मान सरकार में छह बार कार्रवाई

अभिनव कुमार के अनुसार, पिछले साढ़े चार वर्षों में उन पर छह बार कार्रवाई हो चुकी है. ताजा निलंबन 1 अक्टूबर को हुआ, जब वे मिलावटखोरों के खिलाफ किए गए अभियानों को लेकर चर्चा में थे. उन्होंने बताया कि मौजूदा सरकार के दौरान उनकी पहली पोस्टिंग मुक्तसर में हुई थी. इसके बाद 27 जून 2026 को उन्हें फिरोजपुर भेजा गया. फिर लगभग हर नौ महीने के अंतराल में उनका तबादला होता रहा. फिरोजपुर के बाद उन्हें होशियारपुर भेजा गया. इसके बाद कपूरथला, फिर दोबारा उनके गृह जिले फिरोजपुर और अब निलंबन के बाद तरनतारन मुख्यालय निर्धारित किया गया है. अभिनव कुमार का कहना है कि उनके खिलाफ हुई कार्रवाइयों की वजह नियमों के अनुसार काम करना और किसी भी तरह के दबाव के आगे न झुकना रहा है.

'लीडरों की बात नहीं मानी, इसलिए कार्रवाई हुई'

एनडीटीवी से बातचीत में अभ‍िनव कुमार कहते हैं कि उन्होंने नेताओं के दबाव के आगे झुकने से इनकार किया. उनका आरोप है कि मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई न करने के लिए उन्हें कई अधिकारियों और राजनीतिक व्यक्तियों के फोन आते रहे, लेकिन उन्होंने नियमों के विरुद्ध कोई काम नहीं किया. उनका कहना है कि ईमानदारी और सिद्धांतों पर टिके रहने की सीख उन्हें अपने परिवार से मिली है.  

food safety officer abhinav kumar suspension story firozpur punjab

आमजन और क‍िसान यून‍ियन उनके समर्थन में सड़कों पर है.
Photo Credit: NDTV

निलंबन के बाद लोगों में नाराजगी

फिरोजपुर में मिलावटखोरी के खिलाफ लगातार कार्रवाई करने के कारण अभिनव कुमार पिछले कुछ समय से सुर्खियों में रहे. उनके निलंबन के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली और उनकी बहाली की मांग उठने लगी. अभिनव कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मिलकर जिले में दूध डेयरियों, मिठाई की दुकानों, रेस्टोरेंट, खाद्य प्रतिष्ठानों और खाने-पीने के ठेलों पर कई अभियान चलाए. स्थानीय लोगों का दावा है कि उनकी कार्रवाई से खाद्य पदार्थों में मिलावट पर अंकुश लगाने में मदद मिली. यही वजह रही कि कई लोगों ने उन्हें 'सिंघम फूड अफसर' कहना शुरू कर दिया.

लगातार सुर्खियों में रहे अभिनव कुमार

सितंबर महीने से अभिनव कुमार फिरोजपुर में मिलावटखोरी के खिलाफ चलाए गए अभियानों को लेकर लगातार चर्चा में रहे. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ शहरों, कस्बों और गांवों में खाद्य कारोबारियों के खिलाफ निरीक्षण और कार्रवाई की. दूध और डेयरी उत्पादों से लेकर मिठाइयों, रेस्टोरेंट्स और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर हुई जांच और छापेमारी के कारण वे स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बने रहे. कार्रवाई के दौरान कथित नकली पनीर, मिलावटी दूध और अन्य संदिग्ध खाद्य सामग्री से जुड़े मामलों में भी कदम उठाए गए. 

यह भी पढ़ें- पंजाब का 'सिंघम' अफसर के सस्पेंशन पर क्यों मचा है बवाल? 8 अक्टूबर को नेशनल हाइवे जाम का ऐलान 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Punjab, India
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com