
दो कप्तान साथ-साथ (विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी)
नई दिल्ली:
बांग्लादेश दौरे पर इकलौता टेस्ट मुकाबला धुल जाने के बाद अब बारी वनडे की जंग है और टीम इंडिया के वनडे कप्तान महेन्द सिंह धोनी अपनी वनडे सेना के साथ बांग्लादेश पहुंचकर अभ्यास में जुट भी गए हैं। वैसे टेस्ट फॉर्मेट से संन्यास लेने के बाद अब धोनी के वनडे और टी20 फॉर्मेट के प्रदर्शन पर सबकी नजरें हैं और इस सीरीज में कप्तानी के साथ-साथ कप्तान धोनी को अपने खुद के प्रदर्शन की चिंता जरूर होगी।
पिछले कुछ समय से धोनी का बल्ला काफी शांत रहा है और दुनिया के बेस्ट फिनिशर के उनके रुतबे पर इसका असर भी हुआ है। बतौर कप्तान तो वह हमेशा शानदार रहे हैं, लेकिन पिछले एक साल में बतौर बल्लेबाज़ उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा।
- पिछले 12 महीनों में वनडे के 19 मुकाबलों में उनके बल्ले से 453 रन निकले। औसत तो 41.18 का है, लेकिन इस दौरान वह अपने पुराने रंग में नज़र नहीं आए।
- आईपीएल आते-आते उनका फॉर्म और गिरा और 17 मैचों में वह सिर्फ 372 रन बना पाए 31 की औसत से और सिर्फ़ एक ही अर्धशतकी पारी इस दौरान वह लगा पाए।
-बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज आसान नहीं होने वाली ये सब जानते हैं। खासकर अगर बांग्ला टाइगर्स का पिछले एक साल का प्रदर्शन देखें तो ये चुनौती कठिन नज़र आती है, लेकिन कप्तान धोनी समेत कई वनडे टीम के सिपाही बांग्लादेश पहुंच गए हैं और अभ्यास में जुट गए हैं। नया दौरा है इसलिए कप्तान नहीं चाहते कि पुरानी ग़लतियों को दोहराया जाए।
धोनी अब टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं हैं। इस फॉर्मेट के लिए अपनी बल्लेबाज़ी में किए बदलाव की अब उन्हें जरूरत नहीं है। बांग्लादेश दौरे पर जाने से पहले धोनी ने अपने पुराने अंदाज़ को वापस लाने के लिए दिल्ली में अपने पुराने कोच के साथ जमकर अभ्यास किया और अगर धोनी बांग्लादेश में फिर से अपनी पुरानी लय में आए तो फ़िर उन्हें रोक पाना किसी के बस की बात नहीं होगी।
पिछले कुछ समय से धोनी का बल्ला काफी शांत रहा है और दुनिया के बेस्ट फिनिशर के उनके रुतबे पर इसका असर भी हुआ है। बतौर कप्तान तो वह हमेशा शानदार रहे हैं, लेकिन पिछले एक साल में बतौर बल्लेबाज़ उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा।
- पिछले 12 महीनों में वनडे के 19 मुकाबलों में उनके बल्ले से 453 रन निकले। औसत तो 41.18 का है, लेकिन इस दौरान वह अपने पुराने रंग में नज़र नहीं आए।
- आईपीएल आते-आते उनका फॉर्म और गिरा और 17 मैचों में वह सिर्फ 372 रन बना पाए 31 की औसत से और सिर्फ़ एक ही अर्धशतकी पारी इस दौरान वह लगा पाए।
-बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज आसान नहीं होने वाली ये सब जानते हैं। खासकर अगर बांग्ला टाइगर्स का पिछले एक साल का प्रदर्शन देखें तो ये चुनौती कठिन नज़र आती है, लेकिन कप्तान धोनी समेत कई वनडे टीम के सिपाही बांग्लादेश पहुंच गए हैं और अभ्यास में जुट गए हैं। नया दौरा है इसलिए कप्तान नहीं चाहते कि पुरानी ग़लतियों को दोहराया जाए।
धोनी अब टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं हैं। इस फॉर्मेट के लिए अपनी बल्लेबाज़ी में किए बदलाव की अब उन्हें जरूरत नहीं है। बांग्लादेश दौरे पर जाने से पहले धोनी ने अपने पुराने अंदाज़ को वापस लाने के लिए दिल्ली में अपने पुराने कोच के साथ जमकर अभ्यास किया और अगर धोनी बांग्लादेश में फिर से अपनी पुरानी लय में आए तो फ़िर उन्हें रोक पाना किसी के बस की बात नहीं होगी।
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