Ajiyanke Rahane Blunt Reply on Quitting KKR Captaincy: कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने कहा कि आईपीएल 2026 सीज़न में टीम की खराब शुरुआत के बावजूद उनके मन में कभी भी कैप्टेंसी छोड़ने का ख्याल नहीं आया था. उन्होंने कहा कि जब टीम संघर्ष कर रही हो तो कैरेक्टर दिखाना ज़रूरी है. पूर्व चैंपियन ने अपने IPL कैंपेन की बहुत खराब शुरुआत की, अपने शुरुआती छह में से पांच मैच हारे और पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे चले गए. हालांकि, उन्होंने अपने आखिरी आठ में से छह मैच जीतकर शानदार वापसी की. लीग से आखिरी चरण में कोलकाता के प्लेऑफ़ क्वालिफ़िकेशन की उम्मीदें फिर से जगीं थीं, लेकिन रविवार को राजस्थान की जीत के बाद वह खत्म हो गई.
'कभी पीछे हटने वालों में से नहीं हूं'
अजिंक्य रहाणे ने सीजन के आखिरी मैच में मिली हार के बाद पोस्ट-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,"मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी अच्छे एटीट्यूड के साथ क्रिकेट खेला है. कैरेक्टर हमेशा मेरे लिए बहुत ज़रूरी रहा है." "मैं कभी पीछे हटने वालों में से नहीं हूं. जब टीम हार रही हो, जब टीम संघर्ष कर रही हो, तो उस समय अपना कैरेक्टर दिखाना बहुत ज़रूरी है. मैं कभी पीछे हटने वालों में से नहीं हूं. जब टीम संघर्ष कर रही हो, तो अपना कैरेक्टर दिखाना ज़रूरी है."
अजिंक्य रहाणे ने माना कि जब टीम हार रही थी, तब दवाब बहुत था. उन्होंने कहा,"हां, प्रेशर है. यह बहुत नैचुरल है लेकिन दवाब उन लोगों पर होता है जिन्हें प्रिविलेज्ड लोग मिलते हैं. हर कोई प्रेशर नहीं झेल सकता. मेरे लिए, मज़बूत रहना और घबराना नहीं ज़रूरी था. जब आप 5-6 मैच हार जाते हैं, तो आपका ध्यान बीते हुए कल पर और भविष्य पर चला जाता है, यह बहुत आसान है."
'कभी नहीं आया कप्तानी छोड़ने का ख्याल'
केकेआर कप्तान इस सीजन बल्ले से संघर्ष करते दिखे. इस अनुभवी ओपनर ने 14 मैचों में 135 के स्ट्राइक रेट से 335 रन बनाए. शुरुआती 6 ओवरों के बाद उनका स्ट्राइक रेट टूर्नामेंट में बाकियों की तुलना में काफी कम था. रहाणे ने कहा,"यह ज़रूरी है कि आप उस पल में रहें. चीज़ें कभी भी बदल सकती हैं. हमने कई मैचों और सीरीज़ में देखा है कि चीज़ें कैसे बदलती हैं. उस रवैये और कैरेक्टर को बनाए रखना बहुत ज़रूरी है. मैं कभी पीछे हटने वालों में से नहीं हूं. कप्तानी छोड़ने का ख्याल मेरे मन में कभी नहीं आया."
सीजन की शुरुआत से पहले ही कोलकाता की गाड़ी ट्रैक से उतरती दिखी थी. हर्षित राणा, आकाश दीप समेत कई अहम खिलाड़ी चोटिल हो गए थे. बांग्लादेश और भारत के बीच तवान के चलते बीसीसीआई के निर्देश पर फ्रेंचाइजी को बांग्लादेश के पेसर मुस्तफिजुर रहमान को भी रिलीज करना पड़ा. ऐसे में टीम का गेंदबाजी अटैक काफी कमजोर रह गया.
अनुकूल रॉय, कार्तिक त्यागी की जमकर की तारीफ
रहाणे ने कहा कि इन मुश्किलों ने उन्हें घरेलू भारतीय टैलेंट को सपोर्ट करने के लिए मोटिवेट किया. उन्होंने कहा,"हमने सीज़न के दौरान कुछ प्लेयर्स खो दिए और यह हर समय चैलेंजिंग होता है, लेकिन मैं उस पर ध्यान नहीं दे रहा था. मुझे भरोसा था और मैं भारतीय बॉलर्स को समय देना चाहता था. मुझे यह पता था, मुझे भरोसा था कि अगर हम उन्हें सपोर्ट करते हैं, अगर हम उन्हें वह समय देते हैं, तो वे प्रेशर में सच में अच्छा करेंगे." चोटिल गेंदबाजों के चलते अनुकूल रॉय और कार्तिक त्यागी को मौका मिला, जिन्होंने इसका फायदा उठाया.
कार्तिक त्यागी 18 विकेट लेकर कोलकाता की तरफ से सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे. वहीं अनुकूल रॉय ने 12 पारियों में नौ विकेट लिए. रहाणे ने कहा, "जब हम सीज़न की शुरुआत में बैठे थे, तो मैंने सोचा, अनुकूल के लिए यह हर मैच खेलने का एक अच्छा समय है." "उसका सैयद मुश्ताक अली सीज़न शानदार रहा था. मेरा मानना है कि जिसका भी डोमेस्टिक लीग में अच्छा सीज़न होता है, आप उस कॉन्फिडेंस को आगे ले जाते हैं. अनुकूल रॉय ने अभी वही किया है."
कार्तिक त्यागी की बात करते हुए रहाणे ने कहा,"वह क्लियर थे. हमने प्रैक्टिस गेम खेले - दो, तीन प्रैक्टिस मैच. वह अपने थॉट प्रोसेस को लेकर सच में क्लियर थे. एक बॉलर के तौर पर आपको मौके मिलेंगे, लेकिन जब तक आप क्लियर हैं कि आप अपनी टीम के लिए क्या करना चाहते हैं, वही मायने रखता है."
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