पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े एक विवादित वीडियो मामले में नई जानकारी सामने आई है. हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि मामले में डिजिटल सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश हुई है, जिसमें एक फर्जी फोरेंसिक और साइबर एनालिसिस रिपोर्ट तैयार की जा रही थी. लेकिन उससे पहले ही गुरुग्राम की सेक्टर-29 थाने की पुलिस ने मामले में बड़ा एक्शन लिया है. हरियाणा पुलिस ने कथित तौर पर वीडियो को फर्जी बताने के लिए एक रिपोर्ट तैयार करने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है.
10 लाख रुपए की रिश्वत देने की बात
दरअसल, पंजाब के सीएम भगवंत मान से जुड़ा एक कथित वीडियो वायरल हुआ था. जिसमें पंथ विरोधी काम होने की बात सामने आई थी. वीडियो सामने आने के बाद पंजाब की सियासत में हड़कंप मच गया था. सीएम मान ने इस वीडियो को फर्जी बताया और वीडियो में दिख रहे आदमी को उनका हमशक्ल बताया था. लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ सामने आया है. हरियाणा गुरुग्राम पुलिस ने 23 जून को अंकित और अरुण नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया है. जो हरियाणा के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं, इन पर आरोप है कि दोनों ने वीडियो को क्लीन चिट दिलाने के लिए एक डिजिटल फॉरेंसिक एक्सपर्ट को 10 लाख रुपए की रिश्वत दी थी. जिसमें वीडियो को फेक बताने और फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने की साजिश रची थी. जिसके के बाद यह मामला फिर से चर्चा में है.
पूछताछ में जुटी गुरुग्राम पुलिस
घटना के बाद गुरुग्राम पुलिस पूछताछ में जुटी है. क्योंकि इसमें अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं. जबकि रिपोर्ट तैयार करने वाली लैब की वैधता की भी जांच हो रही है. पुलिस पैसों के लेन-देन का पता लगाने और डिजिटल सबूतों के साथ छेड़छाड़, मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दस्तावेज़ और अन्य चीजों की भी गहन तरीके से जांच में जुटी है. गुरुग्राम पुलिस का कहना है कि अन्य संदिग्धों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने की कोशिशें जारी हैं. जरूरत पड़ने पर दूसरे राज्यों की एजेंसियों और टेक्निकल एक्सपर्ट्स की मदद भी ली जा सकती है. पुलिस ने कहा कि न्यायिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने, डिजिटल सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने या फोरेंसिक जांच की विश्वसनीयता से समझौता करने की किसी भी कोशिश पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
अकाली दल ने उठाए सवाल
दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद अकाली दल के नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कॉपी शेयर की है. जिसमें आरोप लगाया है कि पंजाब पुलिस के कर्मचारी इस फर्जी रिपोर्ट को तैयार करने में शामिल थे. उन्होंने एक WhatsApp चैट भी शेयर की है. जिसमें फर्जी रिपोर्ट तैयार करने का दावा किया गया है. वहीं अकाल तख्त ने एक बयान में कहा 'इतिहास गवाह है कि जिन लोगों ने श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती दी, उन्हें हमेशा बुरे नतीजों का सामना करना पड़ा है. आगे कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह का एक और वीडियो सामने आया है जिसमें वे श्री अकाल तख्त साहिब और गुरु खालसा पंथ के खिलाफ बहुत आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं.'
PART 3
— Bikram Singh Majithia (@bsmajithia) June 23, 2026
SP ਜਸ਼ਨ ਗਿੱਲ ਸਾਇਬਰ crime ( whatsapp chat )
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अकाल तख्त ने बयान में कहा 'हरियाणा पुलिस को इस मामले की पूरी गंभीरता से जांच करनी चाहिए और इस साजिश में शामिल हर व्यक्ति को बेनकाब करना चाहिए, साथ ही उन्हें कड़ी सजा भी दिलानी चाहिए.' बता दें कि पिछले हफ्ते आप सरकार ने दो लैब की फोरेंसिक रिपोर्ट शेयर कीं, जिनसे पता चलता है कि जिन वीडियो को अकाल तख्त ने असली बताया था. वे असल में छेड़छाड़ करके बनाए गए हैं. हालांकि, आप सरकार के मंत्रियों और पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने पूरी फोरेंसिक रिपोर्ट या उन लैब के नाम बताने से परहेज किया जिन्होंने जांच की और रिपोर्ट तैयार की. वहीं पिछले हफ्ते अकाल तख्त ने दो केंद्रीय फोरेंसिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि एक वीडियो जिसमें एक व्यक्ति है जो मान जैसा दिखता है. वह पंथ विरोधी काम करता दिख रहा है. वह नकली था. राज्य सरकार की तरफ से जारी एक नई फोरेंसिक रिपोर्ट ने अब उन नतीजों को गलत बताया है. बाद में पिछले गुरुवार को, पंजाब सरकार ने दो रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि यह पंजाब के मुख्यमंत्री का वीडियो नहीं था.
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