जो रूट ने भारत के खिलाफ दूसरे वनडे में अपनी 99 रनों की नाबाद पारी के दौरान एक शानदार रिकॉर्ड बनाया. इस पारी के दौरान उन्होंने इंग्लैंड के सर्वाधिक वनडे रन का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. दिग्गज बल्लेबाज रूट पिछले डेढ़ साल से एक बार फिर उसी अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे हैं, जिसने उन्हें दुनिया के सबसे बेहतरीन वनडे खिलाड़ियों में शामिल किया था. भारत के खिलाफ इस सीरीज के अब तक खेले गए दोनों ही मैच में वे नाबाद रहे हैं. इस साल खेली गई पांच पारियों में एक शतक और चार अर्धशतक. पिछले डेढ़ साल से रनों का अंबार. यह साफ है कि रूट इस समय अपने वनडे क्रिकेट करियर के सबसे शानदार दौर से गुजर रहे हैं.
कार्डिफ में दूसरे वनडे में भारत के खिलाफ नाबाद 99 रन की मैच जिताऊ पारी खेलने वाले रूट ने इससे पहले बर्मिंघम में भी 76 रन बनाकर इंग्लैंड को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया था. भारत से पहले श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों में 61, 75 और नाबाद 111 रन बना चुके रूट एक बार फिर साबित कर रहे हैं कि मुश्किल परिस्थितियों में उनसे बेहतर एंकर बल्लेबाज शायद ही कोई हो.

2025 से शुरू हुआ रनों का तूफान
अगर सिर्फ 2025 की शुरुआत से रूट के वनडे आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर और भी शानदार दिखती है.
उन्होंने 20 पारियों में 1230 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका औसत 76.87 का रहा है, जबकि स्ट्राइक रेट 90.21 का है. इन 20 पारियों में उन्होंने चार शतक और आठ अर्धशतक जमाए हैं. यानी 12 बार 50 या उससे अधिक का स्कोर बनाया है. चार बार वह नाबाद भी लौटे हैं. केवल इस साल की बात करें तो अब तक पांच मैचों में रूट 211 की औसत से तीन बार नॉट आउट रहते हुए 422 रन बना चुके हैं.
जो रूट 2025 से अब तक कई दमदार इनिंग्स खेल चुके हैं (देखें तस्वीर). इन आंकड़ों से साफ है कि रूट सिर्फ रन नहीं बना रहे, बल्कि लगातार बड़ी और मैच जिताऊ पारियां खेल रहे हैं.
दिलचस्प बात यह है कि रूट के इस शानदार दौर की अहमियत इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि इससे पहले वह लगभग छह साल तक वनडे शतक नहीं बना पाए थे.
हालांकि इसकी वजह खराब बल्लेबाजी नहीं थी. 2019 वर्ल्ड कप के बाद इंग्लैंड ने वनडे क्रिकेट अपेक्षाकृत कम खेला और रूट भी इस फॉर्मेट में लगातार नहीं खेले. कम मिले मौके की वजह से उनके शतकों का सिलसिला थम गया था.
लेकिन 2025 में नियमित वापसी के बाद उन्होंने एक बार फिर अपने पुराने अंदाज में बल्लेबाजी शुरू कर दी. नतीजा यह रहा कि महज डेढ़ साल के भीतर उन्होंने चार शतक जड़ दिए और औसत 75 से ऊपर पहुंचा दिया.

99* पारी के दौरान रूट ने इंग्लैंड के लिए सर्वाधित वनडे रन का रिकॉर्ड अपने नाम किया
Photo Credit: ANI/NDTV
मुश्किल परिस्थितियों के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज
रूट की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत पिच पर लगातार बेहतर प्रदर्शन का प्रयास करते रहना है. जब दूसरे बल्लेबाज तेज रन बनाने की कोशिश में विकेट गंवा देते हैं, तब रूट पारी को संभालते हैं. पिछले साल भारतीय टीम के इंग्लैंड दौरे पर भी रूट दीवार बन कर खड़े हो गए थे. हालांकि वो टेस्ट सीरीज थी.
इस बार वनडे सीरीज में भारत के खिलाफ जब पहला मैच खेला जा रहा था तो इंग्लैंड ने 61 का स्कोर बगैर किसी विकेट के बना लिया था. लेकिन कुछ ही देर में स्कोर 80/5 हो गया. पर रूट स्तंभ बन कर एक छोर पर टिक गए और नाबाद 76 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक 258 रनों तक पहुंचा दिए.
दूसरे वनडे में भी वो 234 रनों के लक्ष्य का सफल पीछा करने तक 99* रन बनाकर डटे रहे और सीरीज में इंग्लैंड को 1-1 की बराबरी दिला दी. शतक से केवल 1 रन दूर रह गए पर मैच के बाद बोले कि टीम की जीत उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि से अधिक अहम है.
रूट के करियर के आंकड़े भी शानदार हैं. 50 से अधिक के रनों का औसत उन्हें दुनिया के टॉप बल्लेबाजों में शुमार करता है. वो हर तरह की परिस्थितियों में रन बना रहे हैं. नई गेंदों के खिलाफ भी सफल हो रहे हैं तो स्पिन पर भी उतने ही प्रभावी. लक्ष्य का पीछा करना हो या लक्ष्य सेट करना हो, हर परिस्थिति में बड़ी पारी खेलने की उनकी क्षमता बरकरार है.
रूट की पारी को देखें तो जिस तरह वो क्रिकेट के पिच पर चहलकदमी करते हैं, वो देखने लायक होता है. उनमें जरूरत के मुताबिक स्ट्राइक रोटेट करने, बड़े शॉट्स खेलने और पारी के अंत में तेजी लाने की कला कूट-कूट कर भरी है. यही वजह है कि इंग्लैंड की बल्लेबाजी का पूरा संतुलन उनके इर्द-गिर्द नजर आता है.
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