Ground Report: दिल्ली में जरूरत के मुताबिक सप्लाई नहीं हो रही ऑक्सीजन

दिल्ली में लिक्विड गैस के प्लांट से बहुत कम संख्या में टैंकर ऑक्सीज़न रिफिलिंग प्लांटों में आ रहे

नई दिल्ली:

दिल्ली में ऑक्सीज़न (Oxygen) रिफिलिंग के केवल 10 प्लांट हैं. इन प्लांटों में लिक्विड ऑक्सीज़न आती है. लिक्विड ऑक्सीज़न से ऑक्सीज़न गैस बनती है. फिर ये गैस सिलिंडर में भरकर सप्लाई की जाती है. लिक्विड गैस की भारी किल्लत है. लिक्विड गैस के प्लांट से बहुत कम संख्या में टैंकर आ रहे हैं. 


दिल्ली एनसीआर में लिक्विड ऑक्सीज़न के कुल तीन प्लांट हैं.  एक टैंकर में 14000 लीटर लिक्विड ऑक्सीज़न आती है. इससे 1800 बड़े सिलिंडरों में गैस भरती है. एक बड़े सिलिंडर में 7 एम क्यूब गैस बनती है. बड़े सिलिंडर में गैस की कीमत 200 रुपये है, जबकि छोटे सिलिंडर में गैस की कीमत 40-50 रुपये है.

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गैस रिफलिंग के दिल्ली के सभी 10 प्लांटों के मालिकों को आदेश दिया गया है कि अब वे इंडस्ट्री को गैस बिल्कुल गैस न दें, केवल मेडिकल के लिए गैस की सप्लाई दें. हर प्लांट में दिल्ली सरकार के अफसर और पुलिस तैनात है. दिल्ली में ऑक्सीज़न डिमांड के हिसाब से सप्लाई नहीं हो पा रही है. एक रिफलिंग प्लांट से हर रोज 300-400 सिलिंडर ही सप्लाई हो पा रही है. आम लोग भी कोविड की रिपोर्ट दिखाकर यहां से सिलिंडर ले सकते हैं.