टैक्सपेयर्स को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और वॉलंटरी टैक्स कंप्लायंस को बढ़ावा देने के लिए अहम कदम उठाया गया है. इसके तहत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर वैलिड टैक्सपेयर्स के एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) में विदेशों में मौजूद संपत्तियों और विदेशी इनकम से जुड़ी जानकारी दिखाने की सुविधा शुरू कर दी है. यह जानकारी ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इन्फॉर्मेशन (AEOI) व्यवस्था के तहत प्राप्त होती है.
इस बारे में जानकारी देते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार (16 जुलाई) को बताया कि यह सुविधा टैक्सपेयर्स की जांच करने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें टैक्स नियमों का सही तरीके से पालन करने में मदद देने के उद्देश्य से शुरू की गई है.
वित्तीय जानकारी के लिए 100 से अधिक देशों से समझौता
भारत वित्तीय जानकारियों के लिए विश्व के 100 से अधिक देशों के साथ समझौते किए हैं जो जानकारी का आदान-प्रदान करेंगे. इसके तहत भारत हर साल अपने टैक्स रेजिडेंट्स की विदेशों में मौजूद वित्तीय संपत्तियों और इनकम से जुड़ी जानकारियां प्राप्त होती है. अधिकारी ने बताया कि AEOI के तहत पिछले कैलेंडर वर्ष की जानकारी हर साल सितंबर से मिलनी शुरू होती है, जिसमें विदेशी बैंक खातों, कस्टोडियल खातों, कुछ वित्तीय निवेशों, ब्याज, डिविडेंड और अन्य निर्धारित वित्तीय आय से जुड़ी जानकारी शामिल हो सकती है, जिसे साझेदार देश अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत साझा करते हैं.
फिलहाल कैलेंडर वर्ष 2022, 2023 और 2024 से संबंधित उपलब्ध जानकारी AIS में प्रदर्शित कर दी गई है. वहीं कैलेंडर वर्ष 2025 की जानकारी सितंबर या अक्टूबर 2026 में प्राप्त होने के बाद पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी.
CBDT ने विदेशी संपत्ति पर किया स्पष्ट
CBDT ने स्पष्ट किया है कि AIS में दिखाई गई विदेशी संपत्ति और आय की जानकारी केवल वही है, जो भारत को साझेदार देशों से प्राप्त हुई है. इसे किसी टैक्सपेयर्स की विदेशों में मौजूद सभी संपत्तियों और आय का पूरा रिकॉर्ड नहीं माना जाएगा. इसलिए टैक्सपेयर्स के लिए यह जरूरी है कि वे अपनी सभी विदेशी संपत्तियों और विदेशी सोर्स से होने वाली इनकम का सही और पूर्ण विवरण इनकम टैक्स रिटर्न के शेड्यूल FA और शेड्यूल FSI में दें, चाहे वह जानकारी AIS में दिखाई दे रही हो या नहीं.
इस नई सुविधा के तहत करदाता अपने ई-फाइलिंग अकाउंट में सुरक्षित तरीके से लॉगिन करके अपनी विदेशी संपत्तियों और विदेशी इनकम से संबंधित जानकारी आसानी से देख सकेंगे. इससे इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय शेड्यूल FA और शेड्यूल FSI में सही जानकारी दर्ज करना आसान होगा.
विदेशी संपत्ति से जुड़ी जानकारी देखने के लिए टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करना होगा. इसके बाद AIS सेक्शन में जाकर कंप्लायंस पोर्टल खोलना होगा. वहां रिपोर्ट्स विकल्प पर क्लिक करने के बाद फॉरेन एसेट्स इन्फॉर्मेशन चुनना होगा. इसके बाद संबंधित कैलेंडर वर्ष का चयन कर PDF डाउनलोड करके पूरी जानकारी देखी जा सकती है.
सीबीडीटी ने कहा कि यह सुविधा पूरी तरह टैक्सपेयर्स हित में शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य केवल टैक्सपेयर्स को विभाग के पास उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि वे सही और पारदर्शी तरीके से कर रिटर्न दाखिल कर सकें. इसे किसी प्रकार की जांच या पूछताछ का माध्यम नहीं बनाया गया है.
टैक्सपेयर्स को भेजा जा रहा नोटिफिकेशन
इस पहल के तहत टैक्सपेयर्स को SMS और ई-मेल नोटिफिकेशन किया जा रहा है, जिनमें उन्हें इस सुविधा की जानकारी देने के साथ यह याद दिलाया जा रहा है कि यदि उनके पास विदेशों में संपत्ति या विदेशी आय है, तो आकलन वर्ष 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय उसका सही विवरण अवश्य दें.
टैक्सपेयर्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध एआई-आधारित वर्चुअल असिस्टेंट 'कर साथी' की मदद भी ले सकते हैं. यह सही रिटर्न फॉर्म चुनने, विदेशी संपत्तियों और आय की रिपोर्टिंग करने तथा अन्य कर संबंधी सवालों के जवाब देने में सहायता करेगा.
सीबीडीटी का कहना है कि इस नई सुविधा के जरिए करदाताओं को समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे अनजाने में होने वाली रिपोर्टिंग संबंधी गलतियां कम होंगी, इनकम टैक्स रिटर्न अधिक सटीक बनेंगे और कर अनुपालन पहले की तुलना में अधिक सरल, सुविधाजनक और पारदर्शी होगा.
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