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ITR Filing 2026: इनकम टैक्स विभाग ने बताए 'गोल्डन रूल्स', रिटर्न भरने से पहले भूलकर भी न करें ये गलतियां

क्या आप भी ITR भरने की तैयारी कर रहे हैं? फाइलिंग में होने वाली आम गलतियों से बचने के लिए देखें इनकम टैक्स विभाग द्वारा जारी लेटेस्ट गाइडलाइन्स. जानें किन बातों का रखें खास ख्याल.

ITR Filing 2026: इनकम टैक्स विभाग ने बताए 'गोल्डन रूल्स', रिटर्न भरने से पहले भूलकर भी न करें ये गलतियां
Tax Filing Tips: आयकर विभाग ने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने वाले लोगों को टैक्स फाइलिंग के दौरान होने वाली आम गलतियों और उनसे बचने के तरीके बताए गए हैं

देशभर में इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग (ITR Filing 2026) का दौर शुरू हो चुका है. ऐसे में अगर आप भी असेसमेंट ईयर 2026-27 (AY 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने जा रहे हैं, तो जल्दबाजी करने के बजाय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. पिछले साल कई लोगों को गलत टैक्स रिजीम चुनने, गलत ITR फॉर्म भरने, डिटेल्स में गलती करने और ई-वेरिफाई नहीं करने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ा था. इसी को देखते हुए इनकम टैक्स विभाग ने एक वीडियो जारी कर टैक्सपेयर्स को आसान भाषा में कुछ जरूरी गोल्डन रूल्स बताए हैं, ताकि इस बार रिटर्न भरते समय किसी तरह की दिक्कत न हो.

अगर आप भी इस साल अपना ITR भरने की तैयारी कर रहे हैं, तो इन बातों को ध्यान में रखकर आप न केवल अपनी फाइलिंग को आसान बना सकते हैं, बल्कि भविष्य में आने वाली किसी भी परेशानी से भी बच सकते हैं.

सबसे पहले सही Tax Regime चुनें

ITR भरते समय सबसे पहली और जरूरी बात यह है कि आप अपनी इनकम और निवेश के हिसाब से सही टैक्स रिजीम यानी पुरानी (Old) या नई (New) टैक्स रिजीम को बहुत सावधानी से चुनें. कई लोग बिना हिसाब लगाए किसी भी विकल्प को चुन लेते हैं, जिससे बाद में टैक्स का फायदा नहीं मिल पाता. इसलिए अपनी इनकम और टैक्स सेविंग को देखकर ही सही रिजीम चुनें.

सही ITR Form भरना भी उतना ही जरूरी

ITR भरते समय सही फॉर्म चुनना बहुत जरूरी है. आपकी इनकम किस तरह की है, उसी के हिसाब से ITR-1, ITR-2 या दूसरा फॉर्म भरना चाहिए. अगर गलत ITR फॉर्म चुन लिया, तो आपका रिटर्न गलत माना जा सकता है और बाद में परेशानी हो सकती है.गलत फॉर्म चुनने से आपकी फाइलिंग में दिक्कत आ सकती है और विभाग की तरफ से नोटिस मिलने का डर भी रहता है.

AIS और Form 26AS मिलान है बेहद जरूरी

इनकम टैक्स विभाग का कहना है कि आपको अपनी रिटर्न फाइलिंग से पहले AIS यानी एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट और फॉर्म 26AS को जरूर डाउनलोड करना चाहिए। इन फॉर्म्स में आपके TDS, TCS और आपके द्वारा जमा किए गए टैक्स पेमेंट की जानकारी होती है.अगर आपको इनमें और अपने रिकॉर्ड्स में कोई अंतर या मिसमैच दिखे, तो तुरंत अपने बैंक या ऑफिस से संपर्क करके इसे ठीक करवा लें।  इसके बाद ही ITR फाइल करें. 

सभी जरूरी डॉक्यूमेंट पहले से तैयार रखें

इसके अलावा,ITR भरने से पहले Form 16, बैंक स्टेटमेंट,इंटरेस्ट सर्टिफिकेट और  इन्वेस्टमेंट प्रूफ जैसे सभी जरूरी डॉक्यूमेंट अपने पास तैयार रखें. इन सभी को ध्यान से देखकर ही अपनी इनकम, टैक्स और डिडक्शन की जानकारी भरें, ताकि कोई जानकारी छूट न जाए.

पहले से भरी हुई जानकारी को जरूर चेक करें

इनकम टैक्स पोर्टल पर कई जानकारी पहले से भरी हुई मिलती है. फिर भी फॉर्म भरते समय PAN नंबर, पता, बैंक अकाउंट, IFSC, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर को एक बार जरूर चेक कर लें. एक छोटी सी गलती से भी आपका रिफंड अटक सकता है या प्रोसेसिंग में देरी हो सकती है. विभाग ने यह भी सलाह दी है कि अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी बिल्कुल सही भरें . वही मोबाइल नंबर इस्तेमाल करें जो आपके आधार से लिंक हो, ताकि इनकम टैक्स विभाग की सभी जरूरी जानकारी समय पर मिलती रहे

गलत जानकारी देकर ज्यादा Refund लेने की कोशिश न करें

इनकम टैक्स विभाग ने साफ कहा है कि रिटर्न में दी गई हर जानकारी की जिम्मेदारी टैक्सपेयर की होती है. इसलिए डिडक्शन, छूट, बैंक अकाउंट, PAN और सभी रकम सही भरें. अगर आप किसी टैक्स प्रोफेशनल से ITR फाइलिंग करवा रहे हैं, तब भी  सबमिट करने से पहले फॉर्म में भरी गई जानकारी को खुद एक बार जरूर चेक कर लें, क्योंकि जिम्मेदारी अंत में आपकी ही होती है. ज्यादा रिफंड दिलाने के झूठे वादों के चक्कर में गलत जानकारी देने से बचें.

आखिरी तारीख का इंतजार करना पड़ सकता है भारी

ITR फाइल करने के लिए आखिरी दिन का इंतजार नहीं करना चाहिए. समय पर डेडलाइन से पहले रिटर्न भरने से वेबसाइट पर ज्यादा लोड या दूसरी तकनीकी दिक्कतों से बचा जा सकता है. अगर तय समय के बाद ITR फाइल करते हैं, तो लेट फीस लग सकती है. इसके अलावा कुछ मामलों में  डिडक्शन का लाभ भी नहीं मिल सकता.

ITR भरने के बाद e-Verify करना बिल्कुल न भूलें

सिर्फ ITR भर देने से काम पूरा नहीं होता. रिटर्न फाइल करने के बाद उसे e-Verify करना भी जरूरी है. अगर आप ऑनलाइन e-Verify नहीं करते हैं, तो  ऑफलाइन या मैन्युअली फाइल करने के बाद साइन किया हुआ ITR-V फॉर्म 30 दिन के अंदर बेंगलुरु स्थित CPC को स्पीड पोस्ट से भेजना होगा. e-Verify या ITR-V जमा किए बिना आपका रिटर्न पूरा नहीं माना जाएगा.

फाइलिंग पूरी करते समय यह सुनिश्चित करें कि सब कुछ सही है, ताकि आपको भविष्य में कोई परेशानी न हो और आप आराम से अपनी टैक्स प्रक्रिया पूरी कर सकें

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