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This Article is From Jan 03, 2026

US Attacks Venezuela: ट्रंप की वेनेजुएला स्ट्राइक से भारत की इकोनॉमी पर पड़ेगा कोई असर?

US Attacks Venezuela: एक्सपर्ट का मानना है कि वेनेजुएला में चल रहे इस घटनाक्रम का भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोई खास असर नहीं होगा. इसके पीछे बड़ी वजह दोनों देशों के बीच व्यापार का बेहद कम होना है.

US Attacks Venezuela: ट्रंप की वेनेजुएला स्ट्राइक से भारत की इकोनॉमी पर पड़ेगा कोई असर?
  • वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने वैश्विक राजनीति में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न कर दी है
  • भारत और वेनेजुएला के बीच वित्त वर्ष 2023-24 में द्विपक्षीय व्यापार 1.175 बिलियन डॉलर रहा है
  • भारत वेनेजुएला से कच्चा तेल आयात करता है, लेकिन अन्य देशों से भी सप्लाई विकल्प मौजूद हैं

US Attacks Venezuela: वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों और वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के बयानों ने स्थिति को बेहद तनावपूर्ण बना दिया है. जहां एक ओर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिका ने पकड़ लिया, वहीं भारतीय विशेषज्ञों ने भारत की अर्थव्यवस्था पर इसके असर को लेकर अपनी राय साफ कर दी है.

क्या भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर?

एक्सपर्ट का मानना है कि वेनेजुएला में चल रहे इस घटनाक्रम का भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोई खास असर नहीं होगा. इसके पीछे बड़ी वजह दोनों देशों के बीच व्यापार का बेहद कम होना है. भारतीय दूतावास के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में भारत और वेनेजुएला के बीच द्विपक्षीय व्यापार केवल 1.175 बिलियन डॉलर रहा.

क्या तेल महंगा होगा?

जैसा बताया कि वेनेजुएला और भारत के बीच ट्रेड वॉल्यूम काफी कम है. भारत वेनेजुएला से सिर्फ कच्चे तेल का आयात बड़े वॉल्यूम में करता है, लेकिन वर्तमान वैश्विक बाजार में भारत के पास सप्लाई के कई दूसरे विकल्प, जैसे रूस और खाड़ी देश, मौजूद हैं. ऐसे में फिलहाल कच्चे तेल के दामों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

भारत वेनेजुएला को खनिज ईंधन, फार्मा प्रोडक्ट्स, कपास, मशीनरी, परमाणु रिएक्टर, इलेक्ट्रिसिटी इक्यूपमेंट्स भेजता है. वहीं, कच्चा तेल, लोहा, इस्पात, एल्युमीनियम, तांबा, जस्ता और लकड़ी जैसे आइटम्स खरीदता है. हालांकि इनकी वॉल्यूम बेहद कम है.

वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में भारत का बड़ा दांव

भले ही व्यापार कम हो, लेकिन भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने वेनेजुएला के तेल कुओं में भारी निवेश किया हुआ है. सैन क्रिस्टोबल प्रोजेक्ट के तहत ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (OVL) का इस ज्वाइंट वेंचर में 200 मिलियन डॉलर का निवेश है, जहां उनकी 40% हिस्सेदारी है. इसके अलावा काराबोबो परियोजना में ओवीएल, आईओसी और ऑयल इंडिया जैसी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कंसोर्टियम ओरिनोको बेल्ट के तहत ऑयल प्रोडक्शन में काम कर रही हैं.

क्या भारतीय शेयर बाजार पर पड़ेगा असर?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घबराने की जरूरत नहीं है. वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था वैश्विक जीडीपी का बहुत छोटा हिस्सा है. सोमवार को बाजार में शुरुआती उतार-चढ़ाव दिख सकता है, लेकिन कोई बड़ा क्रैश होने की उम्मीद कम है.

  • ऑयल एंड गैस

ओएनजीसी (ONGC) का वेनेजुएला के तेल क्षेत्रों में निवेश है, जिससे इनके शेयरों में उतार-चढ़ाव संभव है.

  • गोल्ड और सिल्वर

जब दुनिया में तनाव बढ़ता है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की तलाश करते हैं. सोने और चांदी की कीमतों में गैप-अप ओपनिंग की पूरी संभावना है.

  • फार्मा

भारत से वेनेजुएला को दवाओं का निर्यात होता रहा है. वहां टेंशन होने से कुछ फार्मा स्टॉक्स पर हल्का असर पड़ सकता है.

बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स पकड़ने का दावा किया है. अमेरिका ने इन दोनों को पकड़कर देश के बाहर भेजे जाने की भी बात कही है. 

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