जापान का यामानाशी प्रांत और भारत का उत्तर प्रदेश ग्रीन एनर्जी के मामले में लगातार एक दूसरे से सिर्फ निवेश ही नहीं, बल्कि यूनिवर्सिटी की शिक्षा और स्टार्टअप में बढ़ावा देने के लिए एक दूसरे के काफ़ी करीब आ गए है यामानाशी प्रांत के गवर्नर कोटारो नागासाकी (Kotaro Nagasaki) ने बुधवार (19 अगस्त) को उत्तर प्रदेश-जापान मीट के मौके पर कहा कि जापान के अधिकारियों से निवेदन करूंगा कि उत्तर प्रदेश में निवेश के साथ यहां की जनता और यूनिवर्सिटी के छात्रों को ध्यानपूर्वक सुनें फिर ग्रीन हाड्रोजन की दिशा में उत्तर प्रदेश के मानव संसाधनों के साथ आगे बढ़ें.
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जापान के साथ हजारों साल पुराने न सिर्फ सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश में जापान को प्रमुख साझेदार के तौर पर स्थापित करना भी है. इस मौके पर Escort Kubata ने 2029 करोड़ का और spark Minda ने करीब 1166 करोड़ का निवेश उत्तर प्रदेश के YEIDA में किया है.
यामानाशी प्रांत कैसे उत्तर प्रदेश को ग्रीन एनर्जी हब में बदल सकता है
जापान का यामानाशी प्रांत ग्रीन हाइड्रोजन (Green Hydrogen) के मामले में दुनिया में अग्रणी है. इसका सीधा मतलब ये है कि कैसे सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा को हाइड्रोजन एनर्जी में बदला जा सकता है. जानकार कहते हैं कि इसके जरिए पानी के इलेक्ट्रोलीसिस (Water Electrolysis) से तैयार किया जाता है. इस प्रक्रिया में पानी (H₂O) को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में अलग किया जाता है, जिससे शून्य कार्बन उत्सर्जन होता है.
Yamanashi Prefecture का योगदान
जापान का यामानाशी प्रिफेक्चर "Think hydrogen, think Yamanashi" के विजन के साथ ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक में दुनिया का अग्रणी मॉडल बनकर उभरा है. NDTV से बात करते यामानाशी सरकार के डायरेक्टर Koji Ishida ने बताया कि जापान में युवा जनसंख्या कम है लेकिन तकनीकी है जबकि उत्तर प्रदेश के पास युवाओं की ताक़त है..जापान की तकनीकी को उत्तर प्रदेश की यूनिवर्सिटी के ज़रिए युवाओं को दक्ष करने का इरादा है..आने वाले कूछ साल में यूनिवर्सिटी के साथ साझेदारी की जा रही है, ताकि बड़ी तादात में युवाओं को ट्रेंड किया जा सके.
ग्रीन एनर्जी की कौन सी तकनीकी जापान की यामानाशी के पास है
यामानाशी Power-to-Gas (P2G) तकनीक का विकास किया है यामानाशी ने सौर ऊर्जा से बनने वाली अतिरिक्त बिजली को हाइड्रोजन में बदलने के लिए P2G सिस्टम विकसित किया है. जब दिन में सौर पैनलों से ज्यादा बिजली बनती है, तो उसे स्टोर करने के बजाय PEM (Polymer Electrolyte Membrane) इलेक्ट्रोलाइजर के जरिए हाइड्रोजन बनाकर टैंकों में सुरक्षित कर लिया जाता है.
इस मौक़े पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, उद्योग मंत्री नंद गोपाल नंदी और जापान के गवर्नर के साथ 200 उद्योगपतियों का प्रतिनिधिमंडल भी दिल्ली में हो रही उत्तर प्रदेश जापान मीट में पहुंचे थे.
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