- उज्जैन जावरा फोरलेन हाईवे एमपी की राजस्थान तक कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा.
- इस हाईवे से उज्जैन से कोटा का सफर भी अब महज 3 घंटे में पूरा किया जा सकेगा.
- उज्जैन जावरा फोरलेन हाईवे सीधे दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे को भी कनेक्ट करेगा.
उज्जैन से कोटा जाने में 7 घंटे का समय लगता था. लेकिन अब दोनों शहरों के बीच की दूरी 3 घंटे में पूरी हो जाएगी. उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन सिंहस्थ महाकुंभ से पहले मध्य प्रदेश और राजस्थान की कनेक्टिविटी को मजबूती देने वाला है. 98.73 किलोमीटर लंबा यह हाईवे उज्जैन को देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे ग्रिड से जोड़ेगा. जिससे उज्जैन की दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों से भी सीधा जुड़ाव हो जाएगा. एमपी सरकार महाकुंभ से पहले उज्जैन को अलग-अलग शहरों और राज्यों से जोड़ने पर जोर दे रहा है. 5017 करोड़ की भारी-भरकम लागत का यह प्रोजेक्ट एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे होगा. जिससे यात्रियों के समय में भारी बचत होने वाली है.
उज्जैन से कोटा का सफर होगा आसान
उज्जैन से कोटा जाने के लिए अभी आगर-मालवा और झालावाड़ के पुराने रूट से सफर किया जाता है. सिंगल लेन सड़क होने की वजह से ट्रैफिक का भारी दवाब इस रोड पर रहता है. ऐसे में करीब 6 से 7 घंटे का समय लग जाता है. लेकिन उज्जैन जावरा हाईवे बनने के बाद उज्जैन से कोटा तक हाई-स्पीड और सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी मिलने वाली है. दोनों शहरों के बीच की दूरी 3 से 3.5 घंटे में ही पूरी हो जाएगी. इस पर गाड़ियां 100 से 120 किलोमीटर के रफ्तार से चलेगी.जिससे सीधे तौर पर आपके 2 से 2.5 घंटे बचेंगे. इस ग्रीनफील्ड मार्ग से जावरा पहुंचने के बाद यह हाईवे सीधे देश के सबसे बड़े हाईवे यानि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा. जिससे राजस्थान की तरफ भी हाई-स्पीड रफ्तार से गाड़ियां जाएगी.
उज्जैन-जावरा फोरलने से जुड़ेंगे 5 शहर
- उज्जैन
- नागदा
- खाचरोद
- आलोट
- जावरा
साथ ही इन शहरों के बीच पड़ने वाले करीब 62 गांवों को भी इस हाई-स्पीड कॉरिडोर से सीधा जुड़ाव मिलेगा.यह हाईवे रतलाम जिले के जावरा में आखिर तक जाता है. यहां से यह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और महू-नीमच फोरलेन SH-31 से जुड़ जाता है.
मध्यप्रदेश सरकार के नेतृत्व में उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना क्षेत्रीय विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की नई आधारशिला बन रही है। @DrMohanYadav51 @CMMadhyaPradesh@MPRakeshSingh @JansamparkMP#LokNirmanSeLokKalyan #JansamparkMP #Ujjain #MadhyaPradesh pic.twitter.com/8mfqEZlW1L
— PWD, MP (@pwdminmp) September 3, 2026
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी
उज्जैन जावरा फोरलेन सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा. जो इस परियोजना का सबसे मुख्य कनेक्टिंग पॉइंट है. जावरा में इस एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा उज्जैन से दिल्ली का सफर महज 7 से 8 घंटे में पूरा किया जा सकेगा. वहीं उज्जैन से मुंबई का सफर भी 8 से 9 घंटे में पूरा किया जा सकेगा. साथ ही यह जावरा बायपास पर यह मार्ग महू-नीमच फोरलेन से सीधे जुड़ेगा, जहां दोनों ओर सर्विस रोड भी बनाई जा रही हैं. उज्जैन की तरफ से यह इंदौर और राजस्थान के झालावाड़ को भी आपस में जोड़ने वाला है. यानि उज्जैन की कनेक्टिविटी को चारों तरफ से मजबूत किया जा रहा है.
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एमपी राजस्थान की कनेक्टिविटी
उज्जैन जावरा फोरलेन हाईवे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश और राजस्थान की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा. इस नए ग्रीनफील्ड मार्ग के कारण उज्जैन, इंदौर और नागदा जैसे व्यावसायिक व धार्मिक केंद्रों से राजस्थान के प्रमुख शहरों जैसे कोटा, झालावाड़, और जयपुर की दूरी बेहद कम हो जाएगी. इसके अलावा सिंहस्थ 2028 में राजस्थान से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए भी सफर को आरामदायक बनाएगा.
डिजाइन को हरी झंडी
सीएम मोहन यादव ने जुलाई 2026 में उज्जैन-जावरा हाईवे का भूमिपूजन किया था. जिसके बाद तेजी से इस प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है. 9 बड़े पुल और 26 मध्यम पुलों के स्ट्रक्चर डिजाइन को हरी झंडी मिल गई है. इसके अलावा खाचरोद, नागदा और जावरा के बीच आने वाले कई गांवों में जमीन का सीमांकन भी पूरा हो चुका है. इसके अलावा बेस और कंक्रीट मिक्सिंग प्लांट भी लग चुके हैं, खेतों में मिट्टी की लेवलिंग और बेस बनाया जाने लगा है. उज्जैन जिले के तीन गांवों मंगरोला, सोडंग, झिरनिया गांव के लोग जमीन अधिग्रहण को लेकर हाईकोर्ट पहुंचे थे. लेकिन इस मुद्दे को भी जल्द सुलझाने की बात चल रही है.
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