गर्मियों की आहट के साथ ही ठंडी-ठंडी ड्रिंक की याद आने लगती है, और जब बात लाल रंग के उस खास शरबत की हो जिसे हम बचपन से पीते आए हैं, तो नाम जुबां पर अपने आप आ जाता है रूह अफज़ा. हमदर्द (Hamdard) कंपनी के इस मशहूर ड्रिंक को लेकर सुप्रीम कोर्ट से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर आई है. सालों से चल रही टैक्स की कानूनी लड़ाई में अब रूह अफजा की जीत हुई है, जिससे कंपनी के साथ-साथ आम आदमी के लिए भी इसके मायने बदल गए हैं.
क्या है पूरा मामला और क्यों मिली राहत?
काफी समय से इस बात पर विवाद चल रहा था कि रूह अफजा को किस कैटेगरी में रखा जाए. उत्तर प्रदेश टैक्स अधिकारियों और इलाहाबाद हाई कोर्ट का मानना था कि यह एक सामान्य शरबत है, इसलिए इस पर 12.5% का भारी वैट (VAT) लगना चाहिए.
लेकिन सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने इस पुराने फैसले को पलट दिया है. कोर्ट ने माना कि रूह अफजा को सिर्फ इसलिए ज्यादा टैक्स के दायरे में नहीं रखा जा सकता क्योंकि इसे 'शरबत' के तौर पर बेचा जाता है.
क्यों माना गया इसे 'फ्रूट ड्रिंक'?
अदालत में यह दलील दी गई कि रूह अफजा में 10% फ्रूट जूस होता है ,जिसमें 8% अनानास और 2% संतरा शामिल है. इसके अलावा इसमें हर्बल अर्क और शुगर सिरप का मिक्सचर होता है. कोर्ट ने कहा कि चूंकि यह फ्रूट बेस्ड चीजों से बनी है और इसे पानी में मिलाकर पीने के लिए ही बनाया गया है, इसलिए यह यूपी वैट एक्ट के तहत ‘फ्रूट ड्रिंक/प्रोसेस्ड फ्रूट प्रोडक्ट' की केटैगरी में आता है.
अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें ‘रूह अफज़ा' को नॉन-फ्रूट ड्रिंक माना गया था.
टैक्स में बड़ी कटौती, 12.5% से घटकर 4% हुआ वैट
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का सबसे बड़ा असर टैक्स रेट पर पड़ा है. अब हमदर्द कंपनी को इस ड्रिंक पर 12.5% के बजाय केवल 4% की रियायती दर से वैट देना होगा. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रूह अफजा को विभिन्न राज्यों में पहले भी इसी रियायती कैटेगरी में रखा गया है, इसलिए कंपनी की दलील पूरी तरह सही और व्यावहारिक है.
गर्मियों की पहली पसंद माना जाने वाला यह लाल रंग का शरबत हर घर, किराना स्टोर और फार्मेसी में आसानी से मिल जाता है. गर्मियों में इसकी डिमांड आसमान छूने लगती है. टैक्स में इतनी बड़ी कटौती का सीधा मतलब यह है कि कंपनी पर टैक्स का बोझ कम होगा. इससे भविष्य में कीमतों को स्थिर रखने या ग्राहकों को बेहतर डील देने में मदद मिल सकती है.
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