किसी भी इंसान के लिए बड़ी कंपनी की नौकरी जाना सबसे बड़ा झटका हो सकता है. लेकिन Twitter (जो अब X के नाम से जाना जाता है) के पूर्व सीईओ पराग अग्रवाल की कहानी इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि किसी बड़े पद से हटाए जाना करियर का अंत नहीं, बल्कि एक नई और बड़ी शुरुआत हो सकती है. एलन मस्क ने जब ट्विटर खरीदा था, तब उन्होंने पराग अग्रवाल को कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था. लेकिन पराग ने इस झटके को हार में बदलने के बजाय अपनी नई ताकत बना लिया. उन्होंने दुनिया के सामने यह साबित कर दिखाया है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो शून्य से भी दोबारा साम्राज्य खड़ा किया जा सकता है. उन्होंने नौकरी ढूंढने के बजाय खुद का रास्ता बनाने का फैसला लिया और AI की दुनिया में अपना नया सफर शुरू किया.
साल 2023 में 'पारलेल वेब सिस्टम्स' नाम से अपना एआई स्टार्टअप शुरू किया. महज दो साल के भीतर आज उनकी AI कंपनी की वैल्यू करीब 2 अरब डॉलर यानी लगभग 16 हजार करोड रुपये पहुंच चुकी है.
पराग अग्रवाल की शुरुआत काफी शानदार रही थी. उन्होंने जेईई में ऑल इंडिया रैंक 77 हासिल की और फिर आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी पूरी की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट, याहू और एटी एंड टी जैसी बड़ी कंपनियों में रिसर्च का काम किया.
इंजीनियर से Twitter के CEO तक का सफर
साल 2011 में पराग अग्रवाल ने Twitter में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम शुरू किया. उस समय कंपनी काफी छोटी थी. अपनी मेहनत और काम के दम पर वह तेजी से आगे बढ़े. साल 2017 में उन्हें सीटीओ ( CTO) बनाया गया. इसके चार साल बाद नवंबर 2021 में वह Twitter के CEO बने और दुनिया के सबसे युवा टेक CEOs में शामिल हो गए.
मस्क ने हटाया, तो शुरू कर दी अपनी AI कंपनी
हालांकि साल 2022 में एलन मस्क के ट्विटर खरीदने के बाद सब कुछ बदल गया.अक्टूबर 2022 में मस्क ने Twitter का अधिग्रहण पूरा किया और सबसे पहले पराग अग्रवाल समेत कई बड़े अधिकारियों को कंपनी से बाहर कर दिया. इसके बाद पराग ने किसी दूसरी कंपनी में नौकरी करने के बजाय एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सेक्टर में धमाका कर दिया.साल 2023 में Parallel Web Systems नाम से अपना AI स्टार्टअप शुरू किया. यह कंपनी AI एप्लिकेशन और बड़े कंप्यूटिंग सिस्टम के लिए जरूरी टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है.नि
दो साल में 16,000 करोड रुपये की कंपनी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Parallel Web Systems ने बहुत कम समय में निवेशकों का भरोसा जीत लिया.वेशकों ने उनके स्टार्टअप पर भरोसा जताया और आज यह कंपनी सिलिकॉन वैली के सबसे तेजी से उभरते स्टार्टअप्स में गिनी जाने लगी है. महज दो साल में कंपनी की वैल्यू करीब 2 अरब डॉलर यानी लगभग 16 हजार करोड रुपये पहुंच गई है.
पराग अग्रवाल की कहानी बताती है कि एक नौकरी का छूटना आपकी मंजिल तय नहीं करता. IIT से लेकर Stanford, फिर Twitter के CEO बनने और उसके बाद अपनी AI कंपनी खड़ी करने तक का उनका सफर यही दिखाता है कि अगर सीखना और आगे बढ़ना नहीं छोड़ते, तो मुश्किल समय भी नई सफलता की शुरुआत बन सकता है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या उनका AI स्टार्टअप आने वाले समय में Google, Meta और OpenAI जैसी बड़ी कंपनियों को कड़ी टक्कर दे पाएगा.
ये भी पढ़ें- अमेरिका-ईरान जंग तेज! तेल-गैस पर फिर से मंडरा रहा खतरा, होर्मुज बंद होने पर अब क्या होगा?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं