हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को शेयर मार्केट कमजोरी के साथ खुले. BSE सेंसेक्स 287 अंकों की गिरावट के साथ खुला, जबकि NSE निफ्टी 50 करीब 70 अंकों की गिरावट के साथ खुला. मार्केट में गिरावट के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के ड्रोन और ड्रोन कॉम्पोनेंट के इम्पोर्ट पर टैरिफ लगाने के फैसले का असर भी माना जा रहा है.
शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 315.50 अंक यानी 0.40 प्रतिशत गिरकर 77,764.46 पर आ गया, जबकि निफ्टी 72.70 अंक या 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,321.95 पर पहुंच गया. एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को शुद्ध आधार पर 510.69 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.
रुपये 2 पैसे की तेजी के साथ खुला
शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 2 पैसे की मामूली बढ़त के साथ 95.43 पर पहुंच गया, जिसके पीछे विदेशी बाजारों में डॉलर का कमजोर होना मुख्य कारण रहा. विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, हालांकि घरेलू इक्विटी बाजारों से विदेशी फंड्स की निकासी और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच बढ़ते कच्चे तेल के दामों के कारण भारतीय मुद्रा पर दबाव अब भी बना हुआ है.
इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया शुरुआती कारोबार में फिसलकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.43 पर ट्रेड करने लगा, जो इसके पिछले बंद स्तर से 2 पैसे ऊपर है. गुरुवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 12 पैसे कमजोर होकर 95.45 पर बंद हुआ था.
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.78 पर कारोबार कर रहा था। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.16 प्रतिशत की तेजी के साथ 87.21 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था.
विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम रहने के बाद डॉलर इंडेक्स में नरमी आई. इसके अलावा, पश्चिमी एशिया संकट को समाप्त करने के लिए किसी समझौते की उम्मीदों के अनिश्चित बने रहने के कारण कई दिनों की नरमी के बाद तेल की कीमतों में फिर तेजी आई.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं