भारतीय शेयर मार्केट के लिए हफ्ते का आखिरी कारोबारी दिन निराशा हाछ लेकर आया. 600 से ज्यादा अंक की गिरावट के साथ सेंसेक्स बंद हुआ, वहीं निफ्टी में 150 अंक से ज्यादा की कमी दिखी. पर कल एक अनोखी बात देखी गई, जिसने एक्सपर्ट को भी हैरान कर दिया. बात ये कि शुक्रवार को जहां एक तरफ आईटी सेक्टर में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली. इंफोसिस, टीसीएस के साथ विप्रो जैसे बड़े आईटी शेयर लगातार नीचे गए, लेकिन इसके उलट विदेशी निवेशकों ने फरवरी 2026 के बाद से पहली बार भारतीय मार्केट में धमाकेदार खरीदारी कर ली.
4 महीने का टूटा रिकॉर्ड
एक्सचेंज के अनुसार विदेशी निवेशकों ने शुक्रवार को भारतीय शेयर मार्केट में 4,859.07 करोड़ रुपये की खरीदारी की. ये नंबर इसलिए हैरान कर देने वाला रहा क्योंकि पिछले 4 महीनों में विदेशी निवेशकों की ये एक दिन में की गई सबसे बड़ी खरीदारी है. मालूम हो अमेरिका, इजरायल-ईरान जंग की वजह से साल 2026 विदेशी निवेशकों के हिसाब से अच्छा नहीं रहा है. इस साल भारतीय मार्केट से विदेशी निवेशक करीब 2.85 लाख करोड़ रुपये की निकासी कर चुके हैं. सबसे ज्यादा मार्च के महीने में शेयर बेचे गए. उस महीने में आंकड़ा 1.18 लाख करोड़ रुपये का रहा. ऐसे में एक ही दिन में 5 हजार करोड़ रुपये के करीब खरीदारी करना, मार्केट के लिए अहम माना जा सकता है.
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से क्या मिले संकेत?
एक्सपर्ट के अनुसार अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते की वजह से कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आई हैं. ऐसे में डॉलर इंडेक्स हल्का हो रहा है. नतीजन विदेशी निवेशक अब एक बार फिर भारत जैसे बड़े मार्केट की तरफ रुख कर रहे हैं. आईटी शेयर में बिकवाली के बाद भी विदेशी निवेशकों का ये भरोसा बताता है कि भारतीय मार्केट धीरे-धीरे अपनी गति पकड़ने के लिए तैयार है.
आईटी शेयर्स ने बिगाड़ा मार्केट का गेम
शुक्रवार को बाजार की चाल आईटी इंडेक्स ने खराब कर दी. इससे पहले लगातार 4 दिन मार्केट में हरियाली का माहौल था. अमेरिका-ईरान शांति समझौते को देखते हुए निवेशक लगातार खरीदारी पर जोर दे रहे थे. लेकिन एक्सेंचर के कमजोर तिमाही नतीजों के बाद लोकल आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट आई. टीसीएस, विप्रो और इंफोसिस के साथ कई बड़े आईटी शेयर 2 फीसदी से नीचे तक चले गए. निफ्टी आईटी की बात करें तो ये 1 हजार अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 27,426.85 पर बंद हुआ.
घरेलू निवेशकों ने की बिकवाली
जहां एक तरफ विदेशी निवेशक खरीदारी करते दिखाई दिए, वहीं इसके उलट घरेलू निवेशकों ने बिकवाली पर जोर दिया. बीते कई समय से जब भी विदेशी निवेशक मार्केट से निकासी कर रहे थे, तब हमारे देश के म्यूचुअल फंड्स के साथ घरेलू निवेशकों ने मार्केट को गिरने से बचाया था. लेकिन आईटी सेक्टर के प्रेशर में शुक्रवार को अलग ही माहौल दिखाई दिया.
विदेशी निवेशकों की वापसी पर क्या बोले एक्सपर्ट?
मार्केट के एक्सपर्ट का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की वापसी से पता चल रहा है कि लो लेवल पर भारतीय शेयर्स में अभी भी डिमांड बरकरार है. हालांकि आईटी सेक्टर में आई ये गिरावट कुछ समय के लिए मार्केट पर प्रेशर बना सकती है. निवेशकों को यही सलाह है कि बाजार की इस गिरावट से पैनिक में ना आएं. मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर नजर बनाए रखें.
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