अमेरिका-ईरान के बीच एक बार फिर वार्ता की उम्मीद और कच्चे तेल में बड़ी गिरावट के बीच इस हफ्ते बाजार की शुरुआत हरे निशान में हुई है. सोमवार को सेंसेक्स 588 अंकों की बढ़त के साथ खुला और 76,600 के पार चला गया, जबकि NSE निफ्टी 50 में भी 170 अंकों की बढ़त देखी गई और ये 23,930 के पार चला गया.
इससे पहले प्री-ओपन में ही सेंसेक्स में 400 अंकों की बढ़त देखी गई. कुछ ही मिनटों के अंदर सेंसेक्स 550 अंकों की बढ़त के साथ 76,609 अंकों के लेवल पर कारोबार करता दिखा. वहीं निफ्टी में भी 160 अंकों की बढ़त देखी गई और ये 23,900 के पार पहुंच गया. शुरुआती कुछ मिनटों में निफ्टी 50 करीब 23,928 के आसपास कारोबार करता दिखा.
रुपये में भी सोमवार को उछाल देखा गया है. डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूती के साथ खुला. सोमवार को शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 35 पैसे चढ़कर 96.18 रुपये के लेवल पर कारोबार करता दिखा.
किन सेक्टर्स में दिखी ज्यादा तेजी?
शुरुआती कारोबार में बाजार की तेजी का नेतृत्व आईटी शेयर कर रहे थे. निफ्टी आईटी एक प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ सूचकांकों में टॉप गेनर था. निफ्टी मीडिया, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी ऑटो, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी फार्मा, निफ्टी मेटल और निफ्टी एनर्जी के साथ करीब अन्य सभी सूचकांक हरे निशान में थे.
BSE सेंसेक्स पैक में लगभग हर शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पैक में इंडिगो, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, इन्फोसिस, इटरनल, एचयूएल, बजाज फिनसर्व, आईटीसी, टेक महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक, टीसीएस, टाटा स्टील, एलएंडटी, ट्रेंट, एनटीपीसी, एचसीएल टेक, एसबीआई, पावर ग्रिड, बीईएल, टाइटन, एक्सिस बैंक, अदाणी पोर्ट्स और भारती एयरटेल टॉप गेनर्स थे. केवल आईसीआईसीआई बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट लूजर्स थे.
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी के साथ कारोबार हो रहा था. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 608 अंक या 0.99 प्रतिशत की तेजी के साथ 62,231 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 174 अंक या 0.95 प्रतिशत की मजबूती के साथ 19,059 पर था.
तेल में नरमी जारी रही तो बाजार में रहेगी तेजी
जानकारों ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों का फिर से 90 डॉलर के नीचे आना बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है. अगर पश्चिम एशिया में जारी तनाव में कमी बनी रहती है और कच्चे तेल की कीमतें आगे भी नरम होती हैं, तो इससे बाजार में जारी हल्की तेजी को सहारा मिल सकता है. हालांकि, इस महीने विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का निवेश रुख काफी अस्थिर रहा है और इसे लेकर निवेशक सतर्क बने हुए हैं.
अमेरिकी-ईरान के बीच हमले कम होने से कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है. खबर लिखे जाने तक, डब्ल्यूटीआई क्रूड 4.75 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 85 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 4.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 87.78 डॉलर प्रति बैरल पर था.
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