हफ्ते की शुरुआत ही भारतीय शेयर बाजार के लिए भारी बिकवाली के साथ हुई है. सोमवार 28 सितंबर की सुबह बाजार खुलते ही लाल निशान में फिसल गया. क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. सुबह करीब 9:43 बजे बीएसई सेंसेक्स 901.59 अंक यानी 1.22% की बड़ी गिरावट के साथ 72,994.16 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी 282.85 अंक यानी 1.22% टूटकर 22,857.65 पर आ गया.
किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट?
निफ्टी 50 के शेयरों में चौतरफा बिकवाली देखने को मिल रही है. गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, ग्रासिम इंडस्ट्रीज और श्रीराम फाइनेंस सबसे आगे रहे. इन शेयरों में 1.76 फीसदी तक की बड़ी गिरावट गेखने को मिली देखने को मिला. बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में आई इस कमजोरी की वजह से भी सेंसेक्स-निफ्टी पर दवाब देखने को मिला.
सेंसेक्स में शामिल सभी 30 की 30 कंपनियों के शेयर भारी गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहे थे. बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), बजाज फिनसर्व, हिंदुस्तान यूनिलीवर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स सबसे आगे रहे, जिनके शेयरों में तगड़ी बिकवाली देखी गई.
रियल्टी और ऑटो शेयरों को लगा भारी झटका
सेक्टर के हिसाब से देखें तो सबसे ज्यादा मार रियल्टी शेयरों पर पड़ी है. निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 1 फीसदी से भी ज्यादा गिर चुका है. इसके अलावा सीमेंट, फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक, ऑटो और एफएमसीजी (FMCG) इंडेक्स भी करीब 1-1 फीसदी की गिरावट झेल रहे हैं. इस चौतरफा गिरावट के इस माहौल में सिर्फ निफ्टी फार्मा इंडेक्स ही थोड़ा संभलकर हरे निशान में टिका हुआ है.
आज शेयर बाजार में क्यों मचा हड़कंप?
आज सोमवार को बाजार खुलते ही निवेशकों में हड़कंप मच गया. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आया जबरदस्त उछाल है.
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई टेंशन
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच गहराते तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम अचानक उछल गए हैं. बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 2% से ज्यादा चढ़कर $106.69 प्रति बैरल पर पहुंच गया है. इसके साथ ही अमेरिकी WTI क्रूड भी 1% से अधिक की बढ़त के साथ $93.82 पर ट्रेड कर रहा है. कच्चे तेल में इस तेजी का सीधा असर भारतीय बाजार के सेंटिमेंट पर पड़ा है.
इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार की जा रही भारी बिकवाली से भी बाजार के सेंटिमेंट पर असर दिखा.शुक्रवार को ही विदेशी निवेशकोंने ₹3,693 करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे हैं.
वहीं, एशियाई बाजारों में दिख रही कमजोरी ने आग में घी का काम किया. इन्हीं ग्लोबल झटकों और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण बाजार खुलते ही सेंसेक्स- निफ्टी ताश के पत्ते की तरह ढ़ह गए और निवेशकों के करोडों रुपये मिनटों में स्वाहा हो गए.
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