अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच आज बुधवार को बाजार की शुरुआत बड़ी गिरावट के साथ हुई. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 706 अंक या 0.92 प्रतिशत गिरकर 76,238 पर आ गया. वहीं निफ्टी में भी गिरावट देखी गई और ये 23,850 के स्तर से नीचे फिसल गया. तेल की कीमतों में उछाल के बीच निफ्टी 50 में 231 अंकों या 0.96 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. निफ्टी मिडकैप 100 में 1.16 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.97 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.
आज सभी सेक्टोरल इंडेक्स में गिरावट देखी जा रही है, जिनमें आईटी और ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा नुकसान में हैं. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के अधिकांश शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, केवल अदाणी पोर्ट्स और सन फार्मा ही अपवाद रहे.
कच्चे तेल में बड़ा उछाल देखने को मिला है. बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का दाम 4 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 95 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड का दाम 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है.
बाजार में बड़े स्तर पर बिकवाली
बाजार में बिकवाली व्यापक आधार पर देखी गई. करीब सभी सूचकांक लाल निशान में थे. निफ्टी ऑटो, निफ्टी आईटी, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे ज्यादा गिरने वाले सूचकांकों में शामिल थे.
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बड़ी बिकवाली देखी गई. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 725.80 अंक या 1.15 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 62,608.70 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 199.85 अंक या 1.00 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,686.40 पर था.
सेंसेक्स पैक में सन फार्मा और अदाणी पोर्ट्स गेनर्स थे. इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस, इंडिगो, एमएंडएम, एचडीएफसी बैंक, एनटीपीसी, टेक महिंद्रा, बीईएल, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स, इटरनल, आईटीसी, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील और टाइटन लाल निशान में थे.
अमेरिका-ईरान तनाव का दुनियाभर के बाजारों पर असर
ज्यादातर एशियाई बाजारों में गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है. टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, सोल और बैंकॉक लाल निशान में थे. अमेरिकी बाजार भी मंगलवार को लाल निशान में बंद हुए थे, जिसमें डाओ जोन्स 0.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ और नैस्डैक 1.03 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ.
भारत के साथ वैश्विक बाजारों के गिरने की वजह अमेरिका और ईरान के बीच फिर से युद्ध शुरू होना है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसने मंगलवार को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के ठिकानों पर कई हमले किए. इन ठिकानों में एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री संपत्तियां और सुविधाएं, माइन बिछाने की क्षमताएं और कम्युनिकेशन साइट्स शामिल थीं. इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन और इराक में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया.
ये भी पढ़ें: 8वां वेतन आयोग: सितंबर की ये 6 तारीखें नोट कर लें, सैलरी-पेंशन-भत्ते पर मिल सकती है गुड न्यूज
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं