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रुपये में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज, डॉलर के मुकाबले पहली बार 96.14 पर पहुंचा, जानें आपकी जेब पर क्या होगा असर?

भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96 के निचले स्तर पर पहुंच गया है. वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती और विदेशी निवेश की निकासी ने घरेलू करेंसी पर दबाव बनाया है.

रुपये में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज, डॉलर के मुकाबले पहली बार 96.14 पर पहुंचा, जानें आपकी जेब पर क्या होगा असर?

Rupee Record Low: वैश्विक बाजारों में डॉलर के मजबूत होने और विदेशी निवेशकों के लगातार पैसा निकालने की वजह से भारतीय रुपया कमजोर हो गया है. इसी वजह से रुपया पहली बार 1 डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर से भी नीचे चला गया, जो अब तक का सबसे कमजोर स्तर है. इससे सरकार और आम लोगों दोनों की चिंता बढ़ गई है.

निवेशक सेफ हेवन में लगा रहे अपना पैसा 

बाजार खुलते ही साफ हो गया था कि रुपया कमजोर होने वाला है। शुरुआत में रुपया 95.80 पर था, लेकिन थोड़ी ही देर में इतना दबाव आ गया कि यह 96 के पार चला गया. एक्सपर्ट का कहना है कि अमेरिका के फेडरल रिजर्व ब्याज दरें ऊंची रख रहा है और दुनिया में चल रहे तनाव के चलते लोग अपना पैसा सुरक्षित जगह पर लगाना चाहते हैं. इसलिए वो डॉलर खरीद रहे हैं. इसी वजह से रुपया जैसी दूसरी करेंसी कमजोर हो रही हैं और उनकी कीमत गिर रही है.

क्यों गिर रहा है रुपया?

  • दुनिया भर में डॉलर की मांग बढ़ रही है, इसलिए उसकी कीमत ज्यादा है. जब डॉलर महंगा होता है, तो बाकी देशों की करेंसी कमजोर हो जाती है.
  • पिछले कुछ हफ्तों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से काफी पैसा निकाला है. जब वो शेयर बेचकर रुपये को डॉलर में बदलते हैं, तो बाजार में रुपये की मांग घट जाती है और डॉलर महंगा हो जाता है.
  • भारत ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है, तो ज्यादा डॉलर खर्च करना पड़ता है. इससे रुपये पर दबाव पड़ता है और उसकी कीमत गिरती है.

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कमजोर होते रुपये का आपकी जेब पर असर

रुपये की कीमत गिरने का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है. इसका मतलब है कि जो सामान हम विदेश से मंगाते हैं, जैसे मोबाइल, लैपटॉप, तेल और खाद सभी महंगे हो जाएंगे. अगर आपका बच्चा विदेश में पढ़ रहा है या आप विदेश घूमने की सोच रहे हैं, तो अब आपको पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे. इसके अलावा, जब सामान ढोने की लागत बढ़ती है, तो खाने‑पीने की चीजें भी महंगी हो जाती हैं, यानी कुल मिलाकर घर का खर्च बढ़ जाएगा.

शेयर मार्केट पर असर?

शेयर बाजार पर गिरते रुपये का असर अलग-अलग सेक्टर में अलग तरह से होगा. जो कंपनियां विदेशों में सामान बेचती हैं, जैसे IT, फार्मा, उन्हें फायदा हो सकता है क्योंकि उन्हें डॉलर में ज्यादा पैसा मिलता है. लेकिन जिन कंपनियों का खर्च तेल या ट्रांसपोर्ट पर ज्यादा है या जो रोजमर्रा के खर्च पर निर्भर हैं, उनके मुनाफे पर दबाव पड़ेगा. बैंकों पर भी थोड़ा असर पड़ सकता है, खासकर उनके निवेश में उतार-चढ़ाव आ सकता है, लेकिन मजबूत बैंक जिनकी फंडिंग अच्छी है, वो इस स्थिति को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं.

क्या करेगा RBI?

बाजार के जानकारों का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है. उम्मीद है कि रुपये को गिरने से बचाने के लिए RBI अपने विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserve) से डॉलर की खरीदारी कर सकता है. हालांकि, वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए रुपये पर दबाव जल्द कम होता नहीं दिख रहा.

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