Impact of Fuel Price on Traders: दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस से लेकर चांदनी चौक की संकरी गलियों तक, आज एक अजीब सी खामोशी और फिक्र का माहौल है. वजह है पेट्रोल और डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी।दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की दरों में बढ़ोतरी होने की वजह से व्यापार पर इसका सीधा असर पड़ेगा..दिल्ली और देश के व्यापारियों, मार्केट एसोसिएशन्स, इंडस्ट्री एसोसिएशन्स से लेकर होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल समेत तमाम व्यापारियों ने अपनी चिंता जताई है, संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पेट्रोल डीजल की दरों में बढ़ोतरी का सीधा असर कारोबार और व्यापार पर पड़ेगा क्योंकि इससे माल ढुलाई, ट्रांसपोर्ट सेक्टर में दरें बढ़ने के साथ ही रोजमर्रा की चीजें, कच्चा माल, डिलीवरी चेन सभी में दरें बढ़ेंगी और इसका भार आम आदमी पर पड़ेगा.
'ईधन महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी'
कनॉट प्लेस से लेकर चांदनी चौक तक दिल्ली के बाजारों में आज चिंता का माहौल है, जिसकी वजह पेट्रोल और डीजल के बढ़े हुए दाम. व्यापारियों का कहना है कि इसका सीधा असर उनके कामकाज पर पड़ेगा. छोटे-बड़े दुकानदार, मार्केट और इंडस्ट्री से जुड़े लोग, होटल‑रेस्टोरेंट और बैंक्वेट हॉल सभी इस बढ़ोतरी से परेशान हैं. चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल के अनुसार, ईंधन महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी, ट्रांसपोर्ट के खर्च बढ़ेंगे और कच्चा माल और डिलीवरी सब महंगे हो जाएंगे. ऐसे में आखिरकार इसका बोझ आम लोगों की जेब पर ही पड़ेगा.

Impact of Fuel Price on Traders
।CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी छोटी लगती है, लेकिन इसका असर बहुत गहरा होगा और कारोबार और व्यापार पर बुरा असर पड़ेगा. CTI ने आशंका जताई है कि अगले कुछ दिनों में पेट्रोल डीजल की दरों में और भी बढ़ोतरी हो सकती है.
दिल्ली में भाड़ा 3 से 5% तक होगा महंगा
व्यापारी संगठन CTI का अनुमान है, एक ट्रक रोजाना 80 से 100 लीटर डीजल खाता है. 3 रुपये बढ़ने पर रोज 240-300 रुपये एक्स्ट्रा खर्च होगा. महीने का 7,500 से 9,000 रुपये अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा. इसका मतलब चांदनी चौक, सदर बाजार, करोल बाग, खारी बावली, भागीरथ प्लेस, कश्मीरी गेट, चावड़ी बाजार, गांधी नगर, लाजपत नगर आदि बड़े बाजारों में बाहर से आने वाले माल का भाड़ा 3 से 5% महंगा हो जाएगा.
डिलीवरी वाले दुकानदारों पर बड़ा असर
दिल्ली पूरे देश का सबसे बड़ा होलसेल डिस्ट्रीब्यूशन हब है. यहां कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, होजरी, स्पेयर पार्ट्स, मेटल्स, पर्ल, ज्वैलरी, ड्राई फ्रूट्स, मसाले, फल, सब्जियां, प्लास्टिक, खिलौने, दवाइयां, सेनिटरी, हार्डवेयर आदि सामान दिल्ली से बाहर से आता है. पेट्रोल डीजल, सीएनजी की दरों में बढ़ोतरी से ये सभी चीजें महंगी हो जाएंगी. जेनरेटर, डिलीवरी वैन, पिकअप चलाने वाले दुकानदारों का डेली खर्च 50 से 100 रुपये बढ़ जाएगा. होटल, रेस्टोरेंट वाले डिलीवरी और किचन कॉस्ट बढ़ने से मेनू रेट बढ़ाने पर मजबूर होंगे.
पेट्रोल, डीजल, सीएनजी की दरों में बढ़ोतरी से लोगों को लगता है अब सब महंगा होगा. इससे गैर-जरूरी शॉपिंग टलती है. कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, रेस्टोरेंट की सेल 5-8% तक गिर सकती है. चांदनी चौक, सरोजिनी नगर, कमला नगर, लाजपत नगर जैसे मार्केट्स में ऑटो, ई-रिक्शा, कैब के किराए भी बढ़ते हैं. लोग मार्केट आने से बचते हैं, तो दुकानदारों की सेल और गिरती है. छोटे दुकानदार पर हर महीने 2000-4000 रुपये एक्स्ट्रा खर्च का बोझ पड़ेगा जबकि होलसेलर और ट्रांसपोर्टर पर हर महीने 8000-15,000 रुपये एक्स्ट्रा खर्च होगा. वहीं आम आदमी पर हर महीने 300 से 600 रुपये एक्स्ट्रा खर्चा बढ़ेगा.
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