देश में महंगाई और बढ़ने वाली है. RBI MPC की 3 दिन तक चली मीटिंग के बाद बुधवार को गवर्नर संजय मल्होत्रा ने देश की आर्थिक स्थिति को लेकर बड़े आंकड़े जारी किए. RBI के मुताबिक, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी घरेलू आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं. GDP ग्रोथ के मोर्चे पर अच्छी खबर ये है कि FY 2027 में देश की ग्रोथ 7.1 फीसदी रह सकती है. हालांकि महंगाई के मोर्चे पर आम लोगों को झटका लग सकता है. गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि देश में महंगाई बढ़ सकती है.
GDP ग्रोथ पर RBI का अनुमान
वित्त वर्ष 2027 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ (Real GDP Growth) 7.1% रहने का अनुमान जताया गया है, जो पहले 6.7% आंकी गई थी. वित्त वर्ष 2028 की पहली तिमाही (Q1 FY28) में भी जीडीपी विकास दर 7.1% पर बने रहने की संभावना है.
महंगाई मोर्चे पर क्या है स्थिति?
एक तरफ जहां जीडीपी के आंकड़े उत्साहजनक हैं, वहीं महंगाई (CPI Inflation) चिंता का विषय बनी हुई है. अगस्त महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.8% हो गई, जो जुलाई में 4.5% थी.
पूरे वित्त वर्ष के लिए CPI महंगाई 5.2% रहने का अनुमान है. तिमाही आधार पर Q2 में 4.9%, Q3 में 6% और Q4 में 5.7% रहने की संभावना है.
अगस्त में मुख्य रूप से अनफेवरेबल बेस इफेक्ट्स (अनुकूल आधार प्रभाव), चीनी और प्याज जैसी चुनिंदा वस्तुओं के दाम बढ़ने और खाद्य-ईंधन की कीमतों में तेजी के कारण महंगाई बढ़ी है.
मैन्युफैक्चरिंग और भविष्य की चुनौतियां
दूसरी तिमाही (Q2) में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज दोनों के पीएमआई (PMI) आंकड़े विस्तार क्षेत्र (expansionary zone) में बने हुए हैं, हालांकि पहली तिमाही के मुकाबले रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है. गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि हालांकि सप्लाई-साइड के दबाव सीमित हैं, लेकिन ऊर्जा और अन्य इनपुट लागतों पर पड़ने वाले प्रभावों के दूसरे दौर के असर (second-round effects) को अलग करना मुश्किल है, जिस पर आरबीआई की पैनी नजर है.
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