भारत और अमेरिका के बीच शनिवार, 7 फरवरी को हुए अंतरिम व्यापार समझौते (इंटरिम ट्रेड डील फ्रेमवर्क) के बाद केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे दोनों देशों के हित में बड़ी डील बताया. केंद्रीय मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका, हमारे पड़ोसी देशों चीन पर 35%, बांग्लादेश पर 20% टैरिफ लगाता है, जबकि भारत पर केवल 18% टैरिफ लगाएगा. बहुत से ऐसे आइटम्स भी हैं, जिन पर अमेरिका कोई टैरिफ नहीं लगाएगा. इस समझौते के तहत अमेरिका कुछ भारतीय एक्सपोर्ट-जैसे जेनेरिक दवाएं, रत्न‑जवाहरात, हीरे और विमान के पार्ट्स-पर यह टैरिफ हटा देगा.
'पीएम मोदी और ट्रंप के मजबूत रिश्तों का परिणाम'
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस सफलता की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह दोनों देशों के नेताओं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मजबूत रिश्तों और बातचीत का परिणाम है, जो द्विपक्षीय व्यापार को $500 अरब के लक्ष्य तक ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
'इन उत्पादों पर जीरो टैरिफ का फायदा उठाएगा भारत'
इस समझौते के तहत, भारतीय मैन्युफैक्चरर्स के लिए अब अमेरिकी बाजार 'मोस्ट प्रेफर्ड ड्यूटी स्टेटस' के साथ खुला है, जिससे देश में नए ऑर्डर्स और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. रत्न और आभूषण (हीरे सहित), फार्मास्युटिकल उत्पाद, और स्मार्टफोन अब बिना किसी टैरिफ (Zero Tariff) के अमेरिका भेजे जा सकेंगे. इनके साथ ही विमान के पुर्जे, मशीनरी पार्ट्स, जेनेरिक दवाएं, ऑटो पार्ट्स, कीमती धातुएं जैसे प्लैटिनम, और घड़ियों जैसे उत्पादों पर भी कोई शुल्क नहीं लगेगा.
कृषि क्षेत्र में भारत को बड़ी बढ़त
पीयूष गोयल ने कहा, 'कृषि क्षेत्र में भी भारत को बड़ी बढ़त मिली है. अब भारतीय मसाले, चाय, कॉफी, नारियल तेल, और कई तरह के फल जैसे केला, आम, कीवी और पपीता जीरो टैरिफ पर अमेरिका को निर्यात किए जाएंगे. विशेष रूप से, टैरो रूट्स (अरबी), जौ और प्रोसेस्ड फूड जैसे बेकरी आइटम और कोको उत्पादों पर लगने वाला 50% टैरिफ अब पूरी तरह खत्म कर दिया गया है.'
केंद्रीय मंत्री बोले- किसानों-पशुपालकों का पूरा ध्यान
हालांकि, सरकार ने भारतीय किसानों और पशुपालकों के हितों का पूरा ध्यान रखा है. पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत के कृषि क्षेत्र को पूरी तरह से नहीं खोला गया है और जिन उत्पादों में भारत आत्मनिर्भर है, उन्हें इस सौदे से बाहर रखा गया है. चावल, गेहूं, चीनी, और मिलेट्स (ज्वार, बाजरा, रागी) के साथ-साथ डेयरी उत्पाद, पोल्ट्री और जीएम (GM) फसलों को कम टैरिफ पर भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है. इसके अलावा ग्रीन टी, काबुली चना, मूंग और तिलहन जैसे उत्पादों पर भी कोई रियायत नहीं दी गई है. यह समझौता भारतीय उद्योगों के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आया है.
भारत और अमेरिका का संयुक्त बयान
व्यापार समझौते पर भारत और अमेरिका ने संयुक्त बयान जारी किया है. संयुक्त बयान में कहा गया है, 'अमेरिका और भारत को यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि वे आपसी और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार (अंतरिम समझौता) के संबंध में एक फ्रेमवर्क पर सहमत हो गए हैं. फ्रेमवर्क 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू की गई वार्ताओं के प्रति देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है, जिसमें अतिरिक्त बाजार पहुंच प्रतिबद्धताएं शामिल होंगी और अधिक लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं का समर्थन किया जाएगा.'
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