देश की प्रमुख एडटेक कंपनियों में से एक PhysicsWallah (PW) ने छात्रों को सीधे शिक्षा लोन देने की योजना से पीछे हटते हुए अपनी रणनीति में बदलाव किया है. कंपनी ने कुछ समय पहले अपनी सहायक कंपनी FinZ Finance Private Limited में 120 करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की थी, लेकिन अब वह शिक्षा लोन खुद देने के बजाय कई नन-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के साथ साझेदारी करके छात्रों तक फंडिंग पहुंचाएगा. अलख पांडेय की एडटेक कंपनी का कहना है कि इससे कर्ज और डिफॉल्ट से जुड़े जोखिम कम होंगे, जबकि वो एक तकनीकी मंच के रूप में छात्रों को उपयुक्त ऋणदाताओं से जोड़ते हुए अपने मुख्य शिक्षा कारोबार पर अधिक ध्यान दे सकेगा.
कंपनी ने क्यों लिया यू-टर्न?
PhysicsWallah के को-फाउंडर प्रतीक माहेश्वरी के अनुसार, कंपनी को अपने निवेशकों और भागीदारों से यह सुझाव मिला कि उसकी सबसे बड़ी ताकत शिक्षा, तकनीक और छात्र समुदाय का निर्माण है, न कि लोन वितरण का कारोबार. उन्होंने कहा कि ऋण देने का काम उन संस्थानों के लिए बेहतर है जिनके पास जोखिम का आकलन करने और कर्ज वसूली की मजबूत व्यवस्था पहले से मौजूद है. इसी वजह से PhysicsWallah ने अपने पूंजी निवेश और शेयरहोल्डर्स के हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है.
FinZ Finance का भविष्य क्या होगा?
कंपनी ने फिलहाल FinZ Finance के भविष्य को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है. हालांकि सूत्रों के मुताबिक, PhysicsWallah कई विकल्पों पर विचार कर रहा है. इन विकल्पों में FinZ Finance की बिक्री करना या फिर उसका लाइसेंस वापस करना भी शामिल हो सकता है. इस संबंध में अंतिम फैसला बोर्ड और नियामकीय मंजूरियों के बाद लिया जाएगा.
इस बीच PhysicsWallah के वित्तीय नतीजों में भी सुधार देखने को मिला है. मार्च 2026 तिमाही में उसका घाटा घटकर 69.14 करोड़ रुपये रह गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 289.27 करोड़ रुपये था. कंपनी की परिचालन आय 51 प्रतिशत बढ़कर 918.8 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 609.6 करोड़ रुपये थी. पूरे वित्त वर्ष 2026 में PhysicsWallah का घाटा घटकर 24.17 करोड़ रुपये रह गया, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह 243.26 करोड़ रुपये था.
छात्रों पर क्या पड़ेगा असर?
PhysicsWallah का कहना है कि छात्रों को शिक्षा लोन की सुविधा पहले की तरह मिलती रहेगी. अंतर सिर्फ इतना होगा कि अब लोन सीधे PhysicsWallah नहीं देगा, बल्कि उसके साझेदार NBFCs उपलब्ध कराएंगे. कंपनी छात्रों को उनकी पढ़ाई और जरूरतों के आधार पर उपयुक्त ऋणदाताओं से जोड़ने का काम करेगी.
ये भी पढ़ें: कब आएगा SBI फंड्स मैनेजमेंट का IPO, कितने का होगा... चेयरमैन CS सेट्टी ने NDTV को डिटेल में बताया
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं