विज्ञापन

Fuel Price Hike: दिल्ली से 11 रुपये महंगा कोलकाता में पेट्रोल, जानें लखनऊ-पटना से जयपुर तक किस शहर में क्या रेट, पूरी लिस्ट

Petrol-Diesel Price Today: देश में फिर एक बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए हैं. पेट्रोल 87 पैसे तो डीजल 91 पैसे बढ़ा है. इसके साथ ही देश के कई शहरों में फ्यूल रेट अपडेट हुए हैं. आप भी अपने शहर का नया रेट देख लीजिए.

Fuel Price Hike: दिल्ली से 11 रुपये महंगा कोलकाता में पेट्रोल, जानें लखनऊ-पटना से जयपुर तक किस शहर में क्या रेट, पूरी लिस्ट
fuel price hike news
  • भारत में 15 मई से 23 मई के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तीन बार वृद्धि हुई है, जिससे ईंधन महंगा हुआ है
  • तेल कंपनियों ने पश्चिम एशिया के तनाव और बढ़ती वैश्विक ऊर्जा कीमतों को दाम बढ़ाने का मुख्य कारण बताया
  • दिल्ली में पेट्रोल की कीमत लगभग 100 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि अन्य प्रमुख शहरों में भी दाम बढ़े हैं
नई दिल्ली:

Fuel Price Hike:मिडिल ईस्ट संघर्ष के बीच कच्चे तेल के संकट ने भारत में भी महंगाई बढ़ा दी है. अभी रसोई गैस और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें और कमी को लेकर लोग परेशान ही हैं कि आज फिर एक बार पेट्रोल-डीजल के नए दाम ने लोगों की टेंशन बढ़ा दी है.15 मई के बाद यह तीसरी बार है जब ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है. आज पेट्रोल का दाम 87 पैसे तो डीजल का दाम 91 पैसे और महंगा हो गया. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत शतक के करीब पहुंच गई है तो वहीं कोलकाता,मुंबई में भी आकंड़ा थोड़ा सा बढ़ गया है. आइए आपको बताते हैं कि किस शहर में पेट्रोल-डीजल की कितनी कीमत है? 

5 रुपये तक बढ़ गए डीजल-पेट्रोल के रेट

भारत में 15 मई, 19 मई और अब 23 मई को पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी के बाद ईंधन की कीमतें 5 रुपये तक बढ़ गई हैं. तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाने के पीछे पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण बढ़ी वैश्विक ऊर्जा कीमतों का हवाला दिया है. 
➔15 मई: ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी
➔19 मई: 90 पैसे की बढ़ोतरी
➔23 मई: 87‑91 पैसे की बढ़ोतरी

किस शहर में कितनी है कीमत? 
 

शहर पेट्रोल (₹ प्रति लीटर) डीजल (₹ प्रति लीटर)
 
दिल्ली99.51 92.49
मुंबई 108.46 94.99
कोलकाता  110.57 96.98
चेन्नई105.33   97.02
बेंगलुरु    107.99  95.95
गुरुग्राम100.16    92.71
नोएडा   99.78 93.12
चंडीगढ़    98.97  87.00
हैदराबाद       112.75 100.86
जयपुर110.19  95.41
लखनऊ        99.27   92.64
 
पटना  110.19  95.41

वैश्विक तेल कीमतों में उतार‑चढ़ाव

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार‑चढ़ाव देखने को मिल रहा है क्योंकि निवेशक ईरान युद्ध खत्म करने के लिए संभावित शांति समझौते पर भी नजर रखे हुए हैं. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI)  0.3% बढ़कर $97 प्रति बैरल से नीचे बंद हुआ.पूरे हफ्ते में 8.4% की गिरावट दर्ज की गई है. ब्रेंट क्रूड की बात करें तो ये 0.9% बढ़कर $103.54 प्रति बैरल पर बंद हुआ है.

भारत में ईंधन की कीमतें कई कारकों पर निर्भर हैं

1. कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें
➔सबसे बड़ा फैक्टर
➔ क्योंकि पेट्रोल‑डीजल बनाने का मुख्य कच्चा माल क्रूड ऑयल है

2. रुपया‑डॉलर विनिमय दर
➔ भारत बड़ी मात्रा में तेल आयात करता है
➔ इसलिए डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी से कीमतें बढ़ जाती हैं

3. टैक्स (कर)
➔ केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी
➔ राज्यों का वैट (VAT)
➔यही वजह है कि अलग‑अलग शहरों में पेट्रोल‑डीजल के दाम अलग‑अलग होते हैं

आम आदमी पर असर:

➔अपनी गाड़ियों से आना-जाना महंगा हो जाएगा
➔कैब और ऑटो का किराया बढ़ जाएगा
➔बस और स्कूल ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ जाएगा
➔सब्जियों और किराने के सामान की कीमतें बढ़ जाएंगी
➔महीने के खर्च पर बोझ बढ़ेगा
➔उपभोक्ताओं का दूसरी चीज़ों पर खर्च कम हो जाएगा (पैसे की कमी के कारण)

कीमतें क्यों बढ़ीं- “चेन इफ़ेक्ट”
आयात पर निर्भरता

भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है, और इस पर दुनिया की कीमतों का असर पड़ता है.

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें

भारत के लिए कच्चे तेल की कीमत जनवरी 2026 में $63.08 प्रति बैरल से बढ़कर, अप्रैल 2026 में $114.5 प्रति बैरल हो गई है. इसका मतलब है कि भारत, जनवरी 2026 के मुकाबले, अप्रैल 2026 में $51.4 प्रति बैरल या लगभग Rs 4,950 प्रति बैरल ज्यादा चुका रहा है.

कमजोर होता रुपया

➔भारतीय रुपया लगातार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हो रहा है
➔18 मई 2026 को 1 USD की कीमत Rs 96.30 थी, जबकि 1 जनवरी 2026 को 1 USD की कीमत Rs 89.98 थी
➔इसका मतलब है कि भारत, कच्चे तेल की कीमत चाहे जो भी हो, जनवरी 2026 के मुकाबले, पहले से ही हर डॉलर पर Rs 6.3 ज्यादा चुका रहा है

तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) को नुकसान

युद्ध की वजह से OMCs का खर्च लाखों में बढ़ गया है-कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों से लेकर ज्यादा रिस्क प्रीमियम और चार्टर रेट तक हालात ऐसे हो गए हैं कि Q1 FY27 के लिए कुल ₹1.2 लाख करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया गया है. अलग-अलग रिपोर्ट के मुताबिक, OMCs को फ्यूल सब्सिडी पर रोज़ाना Rs 1,600 करोड़ का नुकसान हो रहा है.  NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, OMCs को पेट्रोल और डीज़ल, दोनों के लिए लागत और कमाई के बीच के लगभग 30% और 36.5% के अंतर को पाटने के लिए कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी करनी होगी.पेट्रोल और डीजल की कीमतें ₹28 से ₹33 प्रति लीटर तक बढ़ानी पड़ सकती हैं.

यह भी पढ़ें- पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल 6 रुपये हुआ सस्ता, पड़ोसी देश में भारत से कितना महंगा बिक रहा है तेल

यह भी पढ़ें- 15, 19 और अब 23 मई, क्या तेल कंपनियां ऐसे ही बढ़ाएंगी पेट्रोल-डीजल का रेट? अभी कितना घाटा, समझिए
 

लेखक के बारे में
img
उत्कर्ष गहरवार
Senior Sub Editor
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Fuel Price Today, Fuel Price News, Petrol Diesel Price
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com