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दाने-दाने को मोहताज पाकिस्तान, पेट्रोल-डीजल से लेकर आलू-प्याज और दूध तक सब हुआ बेतहाशा महंगा, करीब आधी आबादी पर गरीबी की मार

Pakistan Poverty Report 2026: पाकिस्तान में गरीबी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. पेट्रोल, डीजल और खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने से आम जनता दाने-दाने को मोहताज है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

दाने-दाने को मोहताज पाकिस्तान, पेट्रोल-डीजल से लेकर आलू-प्याज और दूध तक सब हुआ बेतहाशा महंगा, करीब आधी आबादी पर गरीबी की मार
Petrol Diesel Price Hike In Pakistan: महज एक हफ्ते के भीतर पेट्रोल 20.60% महंगा हो गया. वहीं, डीजल की कीमतों में 19.54% की बढ़ोतरी हुई. (AI Image)
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नई दिल्ली:

Pakistan Poverty Crisis 2026: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच पड़ोसी देश पाकिस्तान इस वक्त अपने इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक दौर से गुजर रहा है. ताजा रिपोर्टों ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है, जिससे पता चलता है कि देश की लगभग आधी आबादी अब गरीबी की गर्त में समा चुकी है. कमरतोड़ महंगाई ने लोगों की थाली से रोटी छीन ली है और अब स्थिति यह है कि मिडिल क्लास भी लोअर क्लास में तब्दील होता जा रहा है. आइए जानते हैं आखिर पाकिस्तान में हालात इतने भयावह क्यों हो गए हैं....

सरकारी दावों की खुली पोल, 43.5% आबादी अब गरीब

'सोशल पॉलिसी एंड डेवलपमेंट सेंटर' (SPDC) की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में गरीबी की दर बढ़कर 43.5 प्रतिशत हो गई है. इसका सीधा मतलब यह है कि करीब 2.7 करोड़ लोग अब गरीबी रेखा के नीचे जी रहे है और  बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं. यह आंकड़ा सरकार द्वारा बताए गए 28.9 प्रतिशत से कहीं ज्यादा है. 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के अनुसार, आधिकारिक आंकड़ों और जमीनी हकीकत के बीच की खाई लगातार चौड़ी होती जा रही है.

क्यों बिगड़े हालात?

महंगाई की दर (SPI) में भारी उछाल आया है, जिससे आम आदमी की जेब खाली हो गई है. पिछले कुछ हफ्तों में जो बदलाव आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं...

पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों में लगी 'आग'

पाकिस्तान के सांख्यिकी ब्यूरो (PBS) के आंकड़ों के मुताबिक, शॉर्ट-टर्म महंगाई सूचकांक (SPI) में भारी उछाल आया है. महज एक हफ्ते के भीतर पेट्रोल 20.60% महंगा हो गया. वहीं, डीजल की कीमतों में 19.54% की बढ़ोतरी हुई. जबकि एलपीजी (LPG) सिलेंडर 12.13% तक महंगी हो गई.पाकिस्तान में बीते दिन पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर की बढोतरी की गई. इससे पेट्रोल की कीमत 266.17 रुपये से बढ़कर 321.17 रुपये हो गई और डीजल की कीमत 335.86 रुपये तक पहुंच गई.फ्यूल रेट में तेजी ने माल ढुलाई और ट्रांसपोर्ट को इतना महंगा कर दिया है कि इसका सीधा असर रसोई के बजट पर पड़ा है.

रसोई से गायब हुआ राशन, दूध, दाल और सब्जियां सब महंगी

सिर्फ तेल ही नहीं, बल्कि खाने-पीने की जरूरी चीजों के दाम भी आसमान छू रहे हैं. आंकड़ों के अनुसार,प्याज की कीमतों में 9.63% का उछाल आया है. केले 1.44% और आटा 1.28% प्रति हफ्ते की दर से महंगा हो रहा है.इसके अलावा चिकन, दाल माश, दाल चना, दूध और जलावन की लकड़ी जैसी चीजों के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं. 

रिपोर्ट के मुताबिक, फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी से प्रोडक्शन और ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़ गई, जिससे आटा, सब्जियां और मीट जैसी जरूरी चीजों की होलसेल कीमतें बढ़ गईं. ट्रांसपोर्ट का किराया बढ़ गया है. 

शहरों में जीना हुआ मुहाल, गांव से ज्यादा अर्बन सेंटर में संकट

रिपोर्ट में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है कि अब गांवों के मुकाबले शहरों में गरीबी ज्यादा तेजी से पैर पसार रही है. शहरों में मकान का किराया, बिजली-पानी के महंगे बिल, ट्रांसपोर्ट का बढ़ता खर्च और महंगी स्वास्थ्य सेवाओं ने आम आदमी का दम निकाल दिया है. जो शहर कभी आर्थिक तरक्की का रास्ता माने जाते थे, वहां अब लोग बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं.  पाकिस्तान 11 वर्षों में सबसे अधिक गरीबी और 21 वर्षों में सबसे अधिक बेरोजगारी का सामना कर रहा है.
 

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