Petrol Diesel Prices in Pakistan: भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें कमोबेश स्थिर हैं. कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर के दाम बढ़े हैं, लेकिन 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलिंडर की कीमतें स्थिर रखी गई हैं. पेट्रोल-डीजल के महंगा होने की आशंका तो जताई जा रही थी, लेकिन सरकार और तेल मार्केटिंग कंपनियों के प्रयासों का नतीजा है कि आम लोगों की जेब पर बोझ नहीं बढ़ा है. वहीं दूसरी ओर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में महंगाई बढ़ती जा रही है. पेट्रोल-डीजल की कीमतें 400 रुपये/लीटर के पार पहुंच गई हैं. ये कीमतें पाकिस्तानी रुपये में है. इन्हें भारतीय रुपये में भी बदला जाए तो भी ये 135 रुपये के पार पहुंच जाएगा. दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये/लीटर है, जो पाकिस्तानी रुपये में 278.78 होता है. यानी कि कुल मिलाकर भारत की तुलना में पाकिस्तान में पेट्रोल के दाम करीब 50% ज्यादा हैं.
पाकिस्तान में आधी रात बढ़ा दी गईं कीमतें
पश्चिम एशिया के हालात को लेकर असमंजस बरकरार है. इस बीच पाकिस्तान में ईंधन की कीमत नियंत्रण से बाहर होती जा रही है. पड़ोसी मुल्क में पेट्रोल-डीजल की कीमत 400 रुपए (PKR) प्रति लीटर के पार पहुंच गई है. सरकार ने देर रात गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा दीं. अवाम से नाराजगी न झेलनी पड़े इसे ध्यान में रख मोटरसाइकिल चालकों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को दी जाने वाली फ्यूल सब्सिडी को भी बढ़ा दिया. तर्क दिया कि इसका मकसद कमजोर तबके के लोगों को राहत पहुंचाना है.
पाकिस्तान में क्या भाव बिक रहा पेट्रोल और डीजल?
पाकिस्तानी अंग्रेजी दैनिक डॉन के अनुसार, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) की सहमति से, शहबाज शरीफ सरकार ने 8 मई को खत्म हुए हफ्ते के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें तुरंत प्रभाव से क्रमशः 6.51 PKR (पाकिस्तानी रुपये) और 19.39 PKR प्रति लीटर बढ़ा दी हैं.
हाई-स्पीड डीजल (HSD) की एक्स-डिपो कीमत 380.19 PKR से बढ़कर 399.58 PKR प्रति लीटर तय की गई, जो 19.39 रुपए या लगभग पांच फीसदी की बढ़ोतरी दर्शाता है. इसी तरह, पेट्रोल की एक्स-डिपो कीमत 393.35 रुपए से बढ़कर 399.86 रुपए प्रति लीटर तय की गई, जो 6.51 रुपए या 1.65 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाती है.
हालांकि एक्स-डिपो कीमतें 400 रुपए प्रति लीटर से थोड़ी कम हैं, लेकिन पेट्रोल पंपों पर असल रिटेल कीमतें, डीलर मार्जिन और दूसरे चार्ज मिलाकर, असल में 400 के आंकड़े को पार कर गई हैं.
जानकार सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्ष प्राइमरी बैलेंस टारगेट को पक्का रखने और इसे हर कीमत पर हासिल करने पर सहमत हुए, भले ही पब्लिक सेक्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम (पीएसडीपी) में और कटौती की जरूरत पड़े.
10 अप्रैल को 520 रुपये के पार पहुंच गया था डीजल
पेट्रोलियम लेवी हटाने के बाद डीजल पहले 10 अप्रैल को 520.35 रुपए के पीक से गिरा था, लेकिन तब से फिर से बढ़ रहा है. हाई-स्पीड डीजल को मुख्य रूप से माल ढुलाई में इस्तेमाल की वजह से बहुत ज्यादा महंगाई बढ़ाने वाला माना जाता है.
पेट्रोल और एचएसडी कमाई के बड़े सोर्स बने हुए हैं, जिनकी महीने की कुल बिक्री 700,000 से 800,000 टन है, जबकि केरोसिन की मांग लगभग 10,000 टन है.
इसके अलावा, शहबाज शरीफ सरकार ने मोटरसाइकिल चालकों के साथ-साथ पब्लिक और गुड्स ट्रांसपोर्टर्स के लिए फ्यूल सब्सिडी एक महीने के लिए बढ़ाने का फैसला किया.
प्रधानमंत्री ऑफिस (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, इस फैसले का मकसद मौजूदा संकट के दौरान आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को राहत देना है.
ये सब्सिडी इस महीने की शुरुआत में बाइकर्स, किसानों और ट्रांसपोर्टर्स के लिए घोषित टारगेटेड राहत उपायों का हिस्सा थीं, ताकि ईरान संघर्ष के बीच दुनिया भर में तेल की बढ़ती कीमतों के असर को कम किया जा सके. इनमें टू-व्हीलर यूजर्स के लिए 100 रुपए प्रति लीटर की सब्सिडी शामिल थी, जो तीन महीने के लिए हर महीने 20 लीटर तक सीमित थी.
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