Onion Rs 35 per KG: देशभर में प्याज की बढती कीमतों के बीच केंद्रीय उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने कहा है कि 35 रुपये किलो की दर से प्याज केवल दिल्ली-NCR ही नहीं, बल्कि पटना, लखनऊ, वाराणसी समेत देश के कई शहरों में मुहैया कराया जाएगा. प्याज के दाम दिल्ली समेत देशभर में 55 रुपये से 60 रुपये प्रति किलो तक महंगे हो गए हैं. ऐसे में कंज्यूमर्स अफेयर्स मिनिस्ट्री ने लोगों को सस्ती दरों पर प्याज मुहैया कराने का फैसला लिया है. महाराष्ट्र के नासिक से प्याज लेकर मालगाड़ी 'कांदा एक्सप्रेस' दिल्ली पहुंचने वाली है.
इस बीच गुरुवार को केंद्र सरकार ने 35 रुपये प्रति किलो की दर से बेचने के लिए प्याज लदे मोबाइल वैन को रवाना किया है. जल्द ही NCR के नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी लोग सस्ती दरों पर प्याज खरीद पाएंगे.
NDTV को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में निधि खरे ने कहा है कि 35 रुपये किलो की दर से प्याज बाकी शहरों में भी उपलब्ध कराया जाएगा. क्या प्याज के एक्सपोर्ट पर भी रोक लगाने का सरकार का इरादा है, इस सवाल पर निधि खरे ने कहा कि हमारे पास प्याज का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, इसलिए एक्सपोर्ट को किसी भी तरह से रेगुलेट करने की कोई योजना नहीं है.
ट्रेन और ट्रकों से इन शहरों में भेजा जाएगा प्याज
सचिव निधि खरे ने कहा, 'सरकार ने 35 रुपये/किलो की दर से आम उपभोक्ताओं को प्याज बेचने का फैसला किया है. दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ हमने लुधियाना, अमृतसर, जम्मू, चंडीगढ़, वाराणसी, लखनऊ, पटना जैसे शहरों में ट्रेन और ट्रक के माध्यम से प्याज भेजने का फैसला किया है.' उन्होंने बताया कि नासिक से कांदा एक्सप्रेस(Kanda Express) के जरिए दिल्ली, चेन्नई, गुवाहाटी तक प्याज पहुंचाया जाएगा.

उन्होंने कहा, 'देश में प्याज की उपलब्धता पर्याप्त है. अगर हम एग्रीकल्चर एस्टीमेट को देखें तो करीब 307 लाख मैट्रिक टन प्याज देश में उपलब्ध है. हर महीने देश में लगभग 17 से 18 लाख मैट्रिक टन प्याज की खपत होती है. उस लिहाज से भी देखा जाए तो हमारे पास प्याज के पर्याप्त स्टॉक हैं.'
प्याज की कालाबाजारी पर एक्शन की तैयारी
कंज्यूमर अफेयर्स सेक्रेटरी निधि खरे ने कहा, 'देश में प्याज की कालाबाजारी (Blackmarketing) और जमाखोरी (Hoarding) के खिलाफ सरकार कड़े एक्शन की तैयारी में है. जो लोग प्याज की ब्लैकमार्केटिंग कर रहे हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.' संभावना जताई जा रही है कि सरकार जरूरत पड़ने पर छापेमारी अभियान चलाने का भी निर्देश दे सकती है.
उन्होंने कहा, 'देश में प्याज का पर्याप्त स्टॉक है. मध्य-पूर्व एशिया में संकट के दौरान भी प्याज का निर्यात जारी रहा. लेकिन प्याज व्यापार से जुड़े कुछ व्यापारी हैं जो स्कारसिटी क्रिएट कर मार्केट में कीमतों का उतार-चढ़ाव दिखाते हैं. इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए हमने प्याज का बफर स्टॉक तैयार करना शुरू किया था.
आगे खरे ने बताया कि इस रणनीति के तहत प्याज हार्वेस्ट होने के दौरान हम किसानों से प्याज खरीदने हैं और अब कीमतों को नियंत्रित करने के लिए बफर स्टॉक से प्याज रिलीज करने का फैसला हुआ है. जहां कहीं भी मुनाफाखोरी जो लोग कर रहे हैं. कोशिश कर रहे हैं कि दाम बढ़ेंगे तो उन्हें बेहतर मुनाफा होगा. इसे रोकने के लिए बफर स्टॉक के माध्यम से रिटेल इंटरवेंशन के जरिए हमने प्याज रिलीज करने का फैसला किया है.
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