New Income Tax Rules 2026: क्या आप अपने माता-पिता, पत्नी या किसी रिश्तेदार को घर का किराया देकर इनकम टैक्स में छूट यानी एचआरए क्लेम करते हैं? अगर हां तो अब आपको अपनी टैक्स प्लानिंग को बदलना होगा. सरकार के नए इनकम टैक्स रूल्स 2026 के तहत अब रिश्तेदारों को दिए जाने वाले किराए पर टैक्स डिपार्टमेंट की पैनी नजर रहने वाली है.
अब छुप नहीं पाएगा रिश्ता
अब तक एचआरए (House Rent Allowance) क्लेम करने के लिए कर्मचारी केवल मकान मालिक का नाम, पता और 1 लाख रुपये से ज्यादा सालाना किराए पर पैन कार्ड की जानकारी दिया करते थे. लेकिन अब 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए नियमों के अनुसार आपको फॉर्म 124, जो फॉर्म 12BB की जगह लेगा , में मकान मालिक के साथ अपना रिश्ता भी साफ-साफ बताना होगा.

New Income Tax Rules 2026 HRA
फर्जी रसीदों पर लगाम
अमूमन देखा जा रहा था कि टैक्स बचाने के लिए लोग बिना किसी रियल ट्रांजेक्शन के अपने रिश्तेदारों के नाम पर फर्जी रेंट रसीदें लगा देते हैं. नए नियम (New Income Tax Rules 2026) लाए इसलिए गए हैं जिससे इस गड़बड़ी को रोका जा सके. सरकार चाहती है कि अगर आप किराए क्लेम कर रहे हैं तो वो लेनदेन असली होना चाहिए.
क्या रिश्तेदारों को किराया देना गलत है?
बिल्कुल नहीं. टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि आप अपने माता-पिता या पत्नी को किराया दे सकते हैं और उस पर एचआरए की छूट भी ले सकते हैं. लेकिन अब इसके लिए आपको कुछ शर्तों का पालन करना जरूरी होगा, जिसनें रेंट एग्रीमेंट के साथ बैंकिंग ट्रांजैक्शन और मकान मालिक का आईटीआर डिटेल्स देना शामिल होगा. यानी-
- आपके और आपके रिश्तेदार के बीच एक कानूनी रेंट एग्रीमेंट होना चाहिए.
- किराए का भुगतान कैश के बजाय चेक या ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए करें, जिससे पक्का सबूत रहे.
- जिस रिश्तेदार को आप किराया दे रहे हैं, उन्हें अपने इनकम टैक्स रिटर्न में उस किराए को मकान से हुई इनकम के तौर पर दिखाना होगा.
वहीं दूसरी तरफ क्लेम और रिश्तेदार (मकान मालिक) की दी गई इनकम में मेल नहीं मिलता है तो टैक्स डिपार्टमेंट आपको नोटिस भेज सकता है. डेटा एनालिटिक्स की मदद से अब डिपार्टमेंट आसानी से ऐसे झूठे दावों को पकड़ लेगा. इसलिए अगर आपका लेनदेन असली है तो डरने की जरूरत नहीं बस कागजी कार्रवाई पक्की रखें.
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