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गन्ने से इथेनॉल के अलावा क्या-क्या बनता है? देख लीजिए पूरी लिस्ट

देश में फिलहाल गन्ने से बनने वाले इथेनॉल को लेकर बहस तेज है. लेकिन गन्ने का इस्तेमाल सिर्फ इथेनॉल बनाने में ही नहीं होता. इससे कई दूसरे उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं, जो रोजमर्रा की जिंदगी के लिए जरूरी हैं.

गन्ने से इथेनॉल के अलावा क्या-क्या बनता है? देख लीजिए पूरी लिस्ट
E-20 के अलावा गन्ने से बनती हैं ये तमाम चीजें

Sugarcane Products : देशभर में E20 यानी 20% इथेनॉल मिले पेट्रोल को लेकर बहस तेज है. कोई इसे पर्यावरण और किसानों के लिए फायदेमंद बता रहा है, तो कुछ लोग इसके वाहनों पर असर और माइलेज को लेकर सवाल उठा रहे हैं. इस बहस के बीच गन्ने से बनने वाले इथेनॉल की भी खूब चर्चा हो रही है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गन्ने का इस्तेमाल सिर्फ इथेनॉल बनाने में ही नहीं होता? इससे चीनी, गुड़ और कागज से लेकर बिजली, जैविक खाद और कई दूसरे उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं. आइए जानते हैं गन्ने से बनने वाली प्रमुख चीजों के बारे में.

सबसे पहले बनती है चीनी

भारत दुनिया के सबसे बड़े गन्ना उत्पादक देशों में शामिल है और गन्ने का सबसे बड़ा इस्तेमाल चीनी बनाने में होता है. इसके अलावा इसी रस से गुड़, खांडसारी, ब्राउन शुगर और मिश्री जैसे खाद्य उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं.

इथेनॉल और दूसरे अल्कोहल उत्पाद

गन्ने के रस और चीनी बनाने के बाद बचने वाले शीरा (मोलासिस) से इथेनॉल तैयार किया जाता है. इसके अलावा इसी से रेक्टिफाइड स्पिरिट, एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ENA) और औद्योगिक अल्कोहल भी बनाए जाते हैं. ENA कई तरह की शराब, जैसे वोडका, जिन और कुछ प्रकार की व्हिस्की के साथ-साथ परफ्यूम, दवाइयों और कॉस्मेटिक उत्पादों के निर्माण में भी इस्तेमाल होता है. वहीं, मोलासिस से रम भी तैयार की जाती है. सरकार फिलहाल पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की योजना के तहत इसके उत्पादन को बढ़ावा दे रही है.

बगास से बनती है बिजली और कागज

गन्ना पेरने के बाद बचने वाले रेशेदार हिस्से को बगास कहा जाता है. चीनी मिलें इसी बगास का इस्तेमाल कर बिजली बनाती हैं. इसके अलावा कागज, कार्डबोर्ड, पार्टिकल बोर्ड और बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग जैसी कई चीजें भी इससे तैयार की जाती हैं.

प्रेस मड से बनती है जैविक खाद

चीनी बनाने की प्रक्रिया के दौरान गन्ने के रस से मिट्टी, रेशे और दूसरी अशुद्धियां अलग करने पर जो जैविक अवशेष बचता है, उसे प्रेस मड (Press Mud) कहा जाता है. यह बेकार नहीं जाता, बल्कि इससे जैविक खाद, कम्पोस्ट, बायोगैस और बायो-CNG तैयार की जाती है. कई किसान खेतों की उर्वरता बढ़ाने के लिए भी इसका इस्तेमाल करते हैं

कुल मिलाकर गन्ने और उसके उप-उत्पादों से सिर्फ इथेनॉल ही नहीं, बल्कि चीनी, गुड़, खांडसारी, ब्राउन शुगर, मिश्री, रम, रेक्टिफाइड स्पिरिट, एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ENA), बिजली, कागज, कार्डबोर्ड, पार्टिकल बोर्ड, बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग, जैविक खाद, कम्पोस्ट, बायोगैस और बायो-CNG जैसी कई जरूरी चीजें तैयार की जाती हैं.

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