Nilesh Shah investment Tips 2026: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का सिलसिला तो चलता ही रहता है. ऐसे में अगर आप शेयर बाजार के रोज-रोज के रिस्क से हटकर लॉन्ग टर्म के लिए सही शेयर चुनना चाहते हैं तो इसको लेकर कोटक म्यूचुअल फंड के नीलेश शाह ने एक आसान फॉर्मूला दिया है. NDTV प्रॉफिट के एक प्रोग्राम में बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि निवेशकों को कंपनियों की बैलेंस शीट (BS) में कर्ज कितना है ये जरूर देखना चाहिए.
'न ज्यादा कर्ज, न बिल्कुल जीरो'
दिग्गज फंड मैनेजर और कोटक एएमसी (Kotak AMC) के नीलेश शाह का मानना है कि सिर्फ जीरो-डेब्ट यानी बिना कर्ज वाली कंपनियों के पीछे भागने की जरूरत नहीं है. अगर कंपनी अपने कर्ज की लागत से ज्यादा रिटर्न कमा रही है, तो कर्ज उसके लिए फायदेमंद होता है. हालांकि, अगर किसी कंपनी पर बहुत ज्यादा कर्ज है तो भी ये आपका नुकसान करा सकता है. इसलिए ऐसी कंपनियां चुनें जहां कर्ज का लेवल बैलेंस हो यानी न बहुत ज्यादा और न बहुत कम.
बढ़ते लोन पर चेतावनी
उन्होंने लोगों के बीच बढ़ते लोन को लेकर आगाह किया है. भारत में आज दो-तिहाई मोबाइल फोन लोन पर खरीदे जा रहे हैं. अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं या लोन मिलना मुश्किल होता है, तो लोग खरीदारी टाल सकते हैं. इसका सीधा असर कंपनियों की बिक्री और बाजार की मांग पर पड़ सकता है.
नीलेश शाह के पसंदीदा सेक्टर्स, कहां बनेंगे कमाई के मौके?
निवेश के अवसरों को लेकर नीलेश शाह ने इन खास सेक्टर्स पर भरोसा जताया है.
1. स्पेशलिटी केमिकल्स (Specialty Chemicals):
कंपनियों ने अपने खर्च कम किए हैं और रुपये की कमजोरी का भी फायदा मिल रहा है. इससे चीन से मिल रही कड़ी चुनौती के बावजूद अब इस सेक्टर के दिन फिरते नजर आ रहे हैं.
2. फार्मा और हेल्थकेयर (Pharma & Healthcare)
दवाइयां बनाने (API), जेनेरिक दवाओं और सीडीएमओ (CDMO) बिजनेस में नए मौकों के कारण इस सेक्टर में बढ़िया तेजी दिख रही है. लोग सेहत और इंश्योरेंस पर भी अब ज्यादा खर्च कर रहे हैं.
3.लाइफस्टाइल, ट्रैवल और एजुकेशन
जैसे-जैसे लोगों की कमाई बढ़ रही है, वे घूमना-फिरना, पढ़ाई, एंटरटेनमेंट और अच्छी लाइफस्टाइल पर खुलकर पैसा खर्च कर रहे हैं. इस वजह से इससे जुड़ी कंपनियों को आने वाले समय में बड़ा मुनाफा हो सकता है.
कोटक AMC के नीलेश शाह के मुताबिक, निवेश के लिए कंपनियों को चुनते समय न तो बहुत ज्यादा कर्ज वाली कंपनी चुनें और न ही सिर्फ जीरो-डेब्ट के पीछे भागें. बैलैंस्ड डेट वाली कंपनियां ही लॉन्ग टर्म में बेहतर रिटर्न देती हैं.
नोट- ये सिर्फ एक सामान्य जानकारी है. निवेश से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.)
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