New Labor Codes India 2026: भारत में लेबर कोड्स से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव हो गया है. सरकार ने चारों नए कानून पूरे देश में लागू कर दिए हैं. इसके लिए सरकार ने गजट में ऑफिशियल ऐलान कर दिया है. अब जो पहले 29 अलग‑अलग श्रम कानून थे, वो अब पूरी तरह से खत्म हो गए हैं और उनकी जगह नए, आसान नियम आ गए हैं. इन कानून को इसलिए लाया गया है कि मजदूरों और कंपनियों, दोनों को नियम समझने और मानने में कोई परेशानी ना हो.
5 साल का लगा समय
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5 साल बाद अब ये नए कानून पूरी तरह लागू हो गए हैं. शुरुआत 21 नवंबर 2025 को हुई थी, लेकिन नियम ना होने की वजह से ये सही से लागू नहीं हो पाए थे. अब सरकार ने सारे नियम बना दिए हैं. इसलिए वेतन, नौकरी, सामाजिक सुरक्षा और काम की सुरक्षा से जुड़े सभी कानून अब पूरे देश में एक साथ लागू हो गए हैं. अब मजदूरों और कंपनियों के लिए नियम बिलकुल साफ हैं और हर जगह एक जैसे हैं.
कौन से बड़े नियम बदलेंगे?
- नए लेबर कोड महिलाओं और काम करने वाले लोगों के फायदे के लिए लाया गया है. अब अगर पुरुष और महिला एक जैसा काम करते हैं, तो दोनों को एक ही जितनी सैलरी मिलेगी. इससे किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा.
- महिलाओं को बच्चे के जन्म के बाद अब 26 हफ्ते की छुट्टी मिलेगी, जिससे वो आराम से अपनी और बच्चे की देखभाल कर सकें. साथ ही जरूरत पड़ने पर महिलाएं घर से काम भी कर सकेंगी.
- इसके अलावा, नए लेबर कोड के अनुसार 40 साल या उससे ज्यादा उम्र के सभी कर्मचारियों की हर साल एक बार मुफ्त मेडिकल जांच होगी, जिससे बीमारी का पता समय रहते चल सके.
- सरकार ने नेशनल री‑स्किलिंग फंड फंड बनाया है, जिससे लोग नई तकनीक सीख सकें. अगर किसी की नौकरी चली जाती है, तो ये फंड उसे नई ट्रेनिंग दिलाएगा, जिससे वो फिर से काम पा सक.
- नए लेबर कानून आने से सैलरी और पीएफ के नियम बदलेंगे. यानी अब सैलरी में डिडक्शन और हाथ में मिलने वाला पैसा थोड़ा अलग हो सकता है. कंपनियों को इन नए नियमों को लागू करने के लिए समय दिया है. आगे चलकर ये नियम हर तरह के कर्मचारियों चाहे वो दफ्तर में काम करते हों या बाहर सभी के लिए एक समान बनेंगे.
क्यों जरूरी थे ये नए लेबर कोड?
ये नए लेबर कोड इसलिए जरूरी थे क्योंकि पहले देश में 29 अलग श्रम कानून थे, जो बहुत कठिन थे. कंपनियों को इन नियमों को समझने और मानने में दिकक्त होती थी. नए कानूनों से अब नियम आसान और साफ हो गए हैं. इससे कारोबार करना आसान होगा, निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और जब निवेश बढ़ेगा तो नई कंपनियां खुलेंगी. इसका सीधा फायदा ये होगा कि लोगों के लिए रोजगार के नए मौके भी बनेंगे.
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