शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से डरे बिना अगर आप सही अनुशासन के साथ टिके रहते हैं, तो कंपाउंडिंग की ताकत आपके छोटे निवेश को भी बड़ी वेल्थ में बदल सकती है. दिग्गज निवेशक रमेश दमानी के मुताबिक, जो लोग बाजार की रोज-रोज की हलचल से दूर रहकर लंबे समय के लिए दांव लगाते हैं, वही सही मायने में रिटर्न कमाते हैं. NDTV प्रॉफिट बिजनेस लीडरशिप अवॉर्ड्स 2026 मे शिरकत करते हुए रमेश दमानी ने शेयर बाजार में निवेश और भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अपनी खास राय रखी. उन्होंने कहा कि शॉर्ट टर्म के उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय जो लोग भारतीय अर्थव्यवस्था की लंबी रेस पर भरोसा जताते हैं और बाजार में लंबे समय के लिए टिके रहते हैं, उनके लिए यह बाजार में उतरने और सही कंपनियों में निवेश करने का सबसे सही समय है.
इसके अलावा उन्होंने बताया कि कैसे लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन, फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) और AI से अलग वाले सेक्टर्स भारतीय निवेशकों के लिए भविष्य में बड़े मौके बना सकते हैं.
उतार-चढ़ाव से न घबराएं इन्वेस्टर्स
रमेश दमानी ने शेयर बाजार को एक वोलेटायल बीस्ट बताया. उन्होंने कहा कि बाजार में समय-समय पर उतार-चढ़ाव आता रहता है. ऐसे में इन्वेस्टर्स को सही सोच और धैर्य रखने की जरूरत है. अगर आप बाजार की हर रोज की हलचल से दूर रहते हैं, तो ही लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन संभव है. सही अनुशासन ही आपको बड़े रिटर्न दिला सकता है.
कंपाउंडिंग की ताकत से बनेगी बड़ी वेल्थ
रमेश दमानी ने निवेशकों को भारतीय बाजार पर भरोसा बनाए रखने और लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट की सलाह दी. उन्होंने कहा कि लॉन्ग टर्म इन्वेस्टिंग का सबसे बड़ा फायदा 'कंपाउंडिंग की ताकत' (Power of Compounding) है. जब आप लंबे समय तक बाजार में बने रहते हैं, तो रिटर्न की यह निरंतरता ही लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन का सबसे बड़ा जरिया बनती है.
भारत की मजबूती और AI से आगे के अवसर
रमेश दमानी ने भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था की तारीफ की. उन्होंने कहा कि देश की युवा आबादी और मजबूत आर्थिक आधार लॉन्ग टर्म ग्रोथ को सहारा दे रहे हैं. इसके अलावा, उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी अपनी राय रखी. उनके मुताबिक, जो सेक्टर AI के असर से दूर हैं, आने वाले सालों में वे भी निवेशकों को शानदार कमाई करा सकते हैं.
लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए खास सलाह
इस कार्यक्रम में उन्होंने साफ किया कि लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स को बाजार के छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव से घबराने की जरूरत नहीं है. भारत की ग्रोथ जर्नी बहुत लंबी है. इसलिए सही कंपनियों को चुनकर धैर्य के साथ बने रहना ही समझदारी है.
भारत की तेज ग्रोथ के लिए विदेशी निवेश जरूरी
रमेश दमानी ने कहा है कि भारत बिना लगातार विदेशी निवेश (Foreign Investment) के 8% की विकास दर (Growth Rate) हासिल नहीं कर सकता. अगर भारत को अपनी अर्थव्यवस्था को तेजी से बढ़ाना है, तो उसे विदेशी फंड की जरूरत बनी रहेगी.
इन बड़े सेक्टर्स में आ रहा है पैसा
रमेश दमानी के मुताबिक, भारत में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) तेजी से बढ़ रहा है. खासतौर पर सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक और नई टेक्नोलॉजी वाले सेक्टर्स में विदेशी निवेशक जमकर पैसा लगा रहे हैं.
अमेरिकी बाजार और चीन पर राय
दुनिया के बाजारों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिकी शेयर बाजार (US Market) अब अपने शिखर के करीब पहुंच रहा है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कई अहम सेक्टर में चीन अभी भी भारत से काफी आगे बना हुआ है.
ये भी पढ़ें- DA Hike: जुलाई में 7वें या 8वें वेतन आयोग के तहत बढ़ेगा महंगाई भत्ता? जानिए 1 करोड़ कर्मचारियों को कैसे मिलेगा फायदा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं