मिडिल ईस्ट में जंग के बीच सोमवार को अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में जबरदस्त खलबली देखने को मिली. ग्लोबल सप्लाई चेन रुकने से ब्रेंट ऑयल फ्यूचर्स (Brent Oil Futures) की कीमत एक बार फिर 106 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई.ये पिछले करीब चार साल में सबसे ऊंचा स्तर है. पिछले एक महीने में ब्रेंट ऑयल फ्यूचर्स की कीमत करीब 54% तक बढ़ चुकी है. इसकी वजह से कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता बढ़ती जा रही है.
दूसरी तरफ मध्य पूर्व एशिया में जारी युद्ध की वजह से भारतीय एक्सपोर्टर को कई तरह की चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास भारत के करीब 25 कार्गो जहाज फंसे हुए हैं. मिली जानकारी के अनुसार, संकट के इस दौर में भारत सरकार ने मिडिल ईस्ट युद्ध से प्रभावित एक्सपोर्टरों के लिए राहत पैकेज लाने का फैसला किया है.
कच्चे तेल की सप्लाई
भारत की क्रूड सप्लाई सिक्योर्ड है. भारत में हर दिन की खपत 55 लाख बैरल कच्चे तेल की है. औसतन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जितना कच्चा तेल आता है, आज हमने उससे ज्यादा क्रूड ऑयल की सप्लाई के जरिये मैनेज कर लिया है. भारत आज 40 देशों से क्रूड आयात करता है. साथ ही देश में 70% क्रूड ऑयल का आयात आज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अलावा दूसरे समुद्री मार्गों से आ रही है. पहले ये 55% होता था.
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