एआई करीब-करीब हर सेक्टर में बड़े बदलाव ला रहा है. टेक के साथ अब दुनियाभर के शेयर मार्केट की चाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बदलने वाला है. ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज की रिपोर्ट में इसके बारे में जानकारी दी गई है. इसलिए अगर आप शेयर मार्केट में पैसा लगा रहे हैं या लगाना चाहते हैं तो इस रिपोर्ट के बारे में जान लेना समझदारी भरा फैसला है. रिपोर्ट में कहा गया कि स्मार्टफोन के समय में मेमोरी का खेल अब हमेशा के लिए बदल चुका है. एआई ने मेमोरी सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में एक अलग मोड़ ला दिया है. जो निवेशक अब भी रैम और मेमोरी बनाने वाली कंपनियों को हल्के में आंक रहे हैं, उन्हें अपनी सोच बदलनी होगी. ऐसा इसलिए क्योंकि इन कंपनियों के शेयर हाई वैल्यूएशन वाले बन चुके हैं.
अमूमन मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनियों, जैसे सैमसंग, एसके हाइनिक्स, को साइकिलकल बिजनेस माना जाता था. यानी जब मार्केट में चिप की सप्लाई ज्यादा होती थी तो दाम नीचे आ जाते थे. इससे कंपनियों के मार्जिन पर नेगेटिव असर पड़ता था. लेकिन अब जेफरीज की रिपोर्ट के अनुसार एआई ने इस उतार-चढ़ाव वाले माहौल को खत्म ही कर दिया है. अब डेटा सेंटर्स, मेमोरी और एआई चिप्स की वजह से इस सेक्टर में लगातार डिमांड कायम है.
एआई सर्वर्स के लिए सुपर पावर मेमोरी की जरूरत
मालूम हो कि एआई सर्वर्स के लिए सुपर पावर मेमोरी की जरूरत होती है. यानी एआई की भूख बढ़ रही है. अब लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स को चलाने वाले एडवांस ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स के लिए हाई बैंडविड्थ मेमोरी जरूरत बन गई है. नॉर्मल कंप्यूटर सर्वर के मुकाबले एआई सर्वर ज्यादा मेमोरी का इस्तेमाल करता है. यानी जैसे-जैसे दुनिया के मार्केट ने एआई को अपनाया वैसे ही प्रीमियम मेमोरी प्रोडक्ट्स की डिमांड लगातार ऊपर जा रही है.
कंपनियों ने बदली अपनी प्लानिंग
कुछ समय पहले की बात करें यानी प्री एआई एरा, तब डिमांड बढ़ती थी तो कंपनियां अपना प्रोडक्शन तेज कर देती थीं. अब जैसे ही डिमांड कमजोर हुई तो सप्लाई ज्यादा होने से कहीं ना कहीं इस मार्केट में सुस्ती देखने को मिलती थी. पर अब मेमोरी बनाने वाली कंपनियां स्मार्ट तरीके से काम कर रही हैं. कंपनियां प्रोडक्शन से ज्यादा अब अपने मार्जिन के तवज्जो दे रही हैं. यानी मांग घटने या बढ़ने के बाद भी सप्लाई को कंट्रोल में रखा जा रहा है.
निवेशकों के लिए जेफरीज की सलाह
जेफरीज के अनुसार शेयर मार्केट अभी भी मेमोरी कंपनियों को पुरानी सोच के साथ ही देख रहा है. अब ये कंपनियां केवल स्मार्टफोन या कंप्यूटर की सेल पर डिपेंड नहीं है, इसलिए इनकी कमाई की गारंटी पहले के मुकाबले बढ़ी है. इसलिए एशिआई सेमीकंडक्टर मार्केट में उन कंपनियों पर पैसा लगाना फायदे का सौदा होगा, जिनकी हाई बैंडविड्थ मेमोरी मार्केट पर पकड़ है. इस लिस्ट में साउथ कोरियन मेमोरी कंपनियां जरूर शामिल होंगी. जेफरीज ने एक बात और क्लियर कर दी कि टेक में गिरावट की बातों का कोई आधार नहीं है. एआई का ये दौर अभी लंबा चलता रहेगा.
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