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'इकॉनमी का इलेक्ट्रिफिकेशन', एनर्जी सेक्टर में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अदाणी ग्रुप का मेगा प्लान

लंदन के साइंस म्यूजियम में अदाणी ग्रीन इलेक्ट्रिफिकेशन डायलॉग का आयोजन किया गया. इसमें अदाणी ग्रीन एनर्जी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अदाणी ने भारत की ऊर्जा जरूरतों और अदाणी ग्रुप के 100 अरब डॉलर के निवेश प्लान के बारे में बताया.

'इकॉनमी का इलेक्ट्रिफिकेशन', एनर्जी सेक्टर में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अदाणी ग्रुप का मेगा प्लान
Adani Group

लंदन के फेमस साइंस म्यूजियम में अदाणी ग्रीन इलेक्ट्रिफिकेशन डायलॉग की शुरुआत हुई. कार्यक्रम का आगाज करते हुए अदाणी ग्रीन एनर्जी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अदाणी ने कहा कि दुनिया के सामने इस समय सबसे बड़ा संकट ग्लोबल ट्राइफेक्टा यानी एनर्जी सिक्योरिटी और इसकी सही कीमत को लेकर है. साथ ही उन्होंने जियो पॉलिटिकल टेंशन का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा हालातों ने हर देश को अपनी अर्थव्यवस्था के बारे में नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया है. 

क्या है ग्लोबल ट्राइफेक्टा और इलेक्ट्रिफिकेशन?

सागर अदाणी ने मौजूदा वैश्विक हालातों पर कहा, "हम आज यहां इसलिए हैं क्योंकि एनर्जी सिक्योरिटी का मैंडेट पहले कभी इतना जरूरी नहीं रहा. पूरी दुनिया में, खासकर पिछले तीन महीनों की घटनाओं ने हर देश को सोचने पर मजबूर कर दिया है. आज, सभी देश चाहे डेवलप्ड हों या डेवलपिंग, ये समझने के लिए मजबूर हो रहे हैं कि लगातार जियोपॉलिटिकल झटकों से अपनी इकॉनमी को फ्यूचरप्रूफ करने का क्या मतलब है. साथ ही, ज्यादातर डेवलपिंग दुनिया के लिए, जहां करोड़ों लोग मिडिल क्लास में एंट्री कर रहे हैं और बेहतर क्वालिटी ऑफ लाइफ के लिए अपनी एनर्जी की खपत बढ़ा रहे हैं, एनर्जी की अफोर्डेबिलिटी एक बेसिक जरूरत बनी है. एनर्जी सिक्योरिटी, एनर्जी अफोर्डेबिलिटी और एनर्जी सस्टेनेबिलिटी. ये अल्टीमेट ग्लोबल ट्राइफेक्टा है. जैसा कि हम सभी ने पहले भी कई बार डिस्कस किया है. साथ ही मुझे यकीन है कि इस चैलेंज का एक छोटा सा जवाब इकॉनमी का इलेक्ट्रिफिकेशन है."

Sagar Adani Executive Director of Adani Green Energy

सागर अदाणी ने भारत के लिए कहा कि, भारत में बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है और इसे पूरा करना एक बड़ा और चुनौतीपूर्ण काम है. अगर पूरे ऊर्जा इस्तेमाल को देखें, तो 2024 में भारत ने कोयला, तेल, गैस, परमाणु और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सभी सोर्स से मिलाकर करीब 10,000 टेरावॉट‑घंटे ऊर्जा की खपत की. वहीं, चीन ने, जिसकी आबादी भारत के बराबर ही है, करीब 32,810 टेरावॉट‑घंटे बिजली की खपत की, जो भारत से तीन गुना से भी ज्यादा है.

भारत की चुनौती

सागर अदाणी ने देश की चुनौती के बारे में बात करते हुए कहा, भारत के लिए आगे का रास्ता काफी हद तक साफ है. देश को धीरे‑धीरे हर सेक्टर में बिजली का इस्तेमाल बढ़ाना होगा और आयातित ऊर्जा पर अपनी निर्भरता कम करनी होगी. इसके लिए जरूरी है कि भारत अपने ही संसाधनों के आधार पर एक मजबूत एनर्जी सिस्टम तैयार करे. इसका मतलब है कि हमें हर तरह की मौजूद ऊर्जा सोर्स का सही तरीके से इस्तेमाल करना होगा, जैसे रिन्यूएबल एनर्जी, हाइड्रो पावर, बेहतर और साफ थर्मल प्लांट और न्यूक्लियर एनर्जी. क्योंकि अगर हमारे पास स्थिर और बड़े पैमाने पर मिलने वाली बेसलोड पावर नहीं होगी, तो पूरे सिस्टम का संतुलन बनाना मुश्किल हो जाएगा.

सरकार की नीतियों और विजन की तारीफ

सागर अदाणी ने कहा, इस पूरी प्रक्रिया में सरकार और देश की लीडरशिप की भूमिका भी बहुत अहम रही. पिछले करीब 10 साल में सरकार ने नियमों को आसान बनाने, बेकार और पुराने कानून हटाने, सरकारी कंपनियों को मजबूत करने और निजी निवेश को बढ़ावा देने जैसे कई बड़े कदम उठाए हैं. इन नीति बदलावों की वजह से देश में ऐसा माहौल बना है जहां बिजनेस आसानी से बढ़ सकते हैं और निवेश बढ़ सकता है. इसके साथ ही, इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विकसित करने, रिन्यूएबल एनर्जी बढ़ाने, बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने और लंबे समय के निवेश को समर्थन देने पर लगातार काम किया है. यही लगातार और ठोस काम देश की ताकत बन रहा है.

अदाणी ग्रुप का 100 अरब डॉलर का संकल्प

सागर अदाणी ने बिजली सेक्टर में अदाणी ग्रुप की भूमिका का जिक्र करते हुए बताया कि, ग्रुप बिजली से जुड़े पूरे वैल्यू चेन में भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर ऑपरेटर है. अदाणी ग्रुप थर्मल पावर प्लांट चलाता है और साथ ही दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो में से एक तैयार कर रहा है, जिसका टारगेट 2030 तक 50 गीगावॉट तक पहुंचना है. इसके अलावा, कंपनी 2035 तक बड़े स्तर पर न्यूक्लियर एनर्जी में भी कदम बढ़ाने की योजना बना रही है. ग्रुप एनर्जी स्टोरेज पर भी तेजी से निवेश कर रहा है, जिसमें पंप्ड हाइड्रो और बड़े बैटरी सिस्टम शामिल हैं. इसके साथ ही देशभर में बिजली की सप्लाई बेहतर बनाने के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क को भी मजबूत किया जा रहा है और ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम पर काम हो रहा है. ये सभी काम इतने बड़े पैमाने और तेजी से किए जा रहे हैं, जैसा दुनिया में कम ही देखने को मिला है.

इस बदलाव को आगे बढ़ाने के लिए अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने एनर्जी ट्रांजिशन के लिए 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा निवेश करने का संकल्प लिया है, जो दुनिया के बड़े प्राइवेट निवेशों में से एक है. ये सिर्फ अलग‑अलग प्रोजेक्ट्स का निवेश नहीं है, बल्कि एक जुड़ी हुई रणनीति है. अदाणी ग्रीन के लिए ये केवल पैसा लगाने की बात नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का एक पूरा विजन है. हालांकि, भारत की ऊर्जा जरूरतें और मौके इतने बड़े हैं कि उन्हें अकेले कोई एक कंपनी पूरा नहीं कर सकती.

सामूहिक प्रयास की जरूरत

सागर अदाणी ने आखिर में कहा कि भारत और विकासशील देशों के सामने जो ऊर्जा की चुनौती है, उससे पार पाने के लिए विकासशील देशों को मिलकर काम करना होगा. नई‑नई नीतियां बनानी होंगी और बड़े पैमाने पर फंडिंग की जरूरत पड़ेगी. इसी वजह से “इलेक्ट्रिफिकेशन की रफ्तार कैसे बढ़ाई जाए और उसके लिए फंडिंग कैसे हो” इस विषय पर चर्चा जरूरी है.

(Disclaimer: New Delhi Television is a subsidiary of AMG Media Networks Limited, an Adani Group Company.)

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